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भारत की प्रभावशाली महिलाएं

कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जो पुरुषों से बहुत आगे हैं और अपना लोहा मनवा चुकी हैं। आइए हम आपको कुछ ऐसी महिलाओं के बारे बताते हैं।

आफिस स्‍वास्‍थ्‍य By Nachiketa Sharma / Mar 07, 2013

भारत की प्रभावशाली महिलाएं

आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। महिलाओं पर बढ़ रहे अत्‍यचार और उनके सुरक्षा के मुद्दे पर नये कानून बन रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह कि इन सबके बीच कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जो पुरुषों से बहुत आगे हैं और अपना लोहा मनवा चुकी हैं। आइए हम आपको कुछ ऐसी महिलाओं के बारे बताते हैं।

सोनिया गांधी

भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी इंडियन नेशनल कांग्रेस की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष हैं। संयुक्‍त प्रगतिशील गठबंधन की अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री का पद भी ठुकराया। फोर्ब्‍स मैगजीन ने सोनिया गांधी को देश की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की लिस्‍ट में शामिल किया है। इटली की मूल निवासी सोनिया ने कठिन परिस्थितियों में कांग्रेस की बागडोर संभाली और उसके बाद उसे सत्ता के शिखर तक भी पहुंचाया।

किरण बेदी

किरण बेदी भारत की पहली महिला पुलिस आईपीएस अधिकारी हैं। बेदी ने 1972 में पुलिस सर्विस सेवा से जुड़ीं। उन्होंने ईमानदारी से ड्यूटी करते हुए समाज को नई दिशा दिखाने का प्रयास किया। 27 नवबंर 2007 में उन्होंने स्वेच्छा से रियाटरमेंट लेने के बाद किरण बेदी समाज सेवा में जुट गई। लोकपाल बिल को लेकर शुरू किये गये आंदोलन में उन्होंने समाज सेवक अन्ना हजारे व अरविंद केजरीवाल के साथ कई धरने व प्रदर्शनों में हिस्सा लिया।

एमसी मैरीकॉम

मणिपुर की एमसी मैरी कॉम को वर्ष 2003 में अर्जुन पुरस्कार और वर्ष 2006 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वर्ष 2009 में एमसी मैरी कॉम को भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार मिला। एमसी मैरी कॉम ने लगातार पांच बार विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप जीती। दो बच्‍चों की मां मैरीकॉम ने लंदन ओलंपिक में कांस्‍य पदक जीता।

मायावती

चार बार उत्‍तर प्रदेश की मुख्‍यमंत्री रह चुकी मायावती ने दलित राजनीति को नई दिशा और दशा प्रदान की। बहुजन समाज पार्टी की अध्‍यक्ष मायावती पहली दलित महिला हैं जो किसी प्रदेश की मुख्‍यमंत्री बनी हैं। मायावती को उनके तेजतर्रार नेता के रूप में जाना जाता है। राजनीति में आने से पहले मायावती दिल्‍ली के एक स्‍कूल में शिक्षिका थी। बाद में कांशीराम के संपर्क में आने के बाद इन्‍होंने राजनिति में अपना कदम रखा।

विद्या बालन

विद्या बालन को उनके शानदार अभिनय के लिए राष्‍ट्रीय अवार्ड भी मिल चुका है। बीते चार सालों में विद्या के खाते में 30 से ज्‍यादा हैं। फिल्‍मों में चुनौतीपूर्ण भूमिकायें करने वाली अभिनेत्री  को फिल्‍मफेयर अवार्ड, स्‍टार स्‍क्रीन अवार्ड, अंतरराष्‍ट्रीय भारतीय फिल्‍म अकादमी अवार्ड, स्‍टारडस्‍ट जैसे कई पुरस्‍कार मिल चुके हैं। डर्टी पिक्‍चर, कहानी, परिणिता, भूल भुलैया जैसी कई सफल फिल्‍मों में विद्या ने शानदार अभिनय किया है।

चंदा कोचर

आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक और सीईओ चंदा कोचर को अमरीकी बिजनेस पत्रिका फोर्ब्‍स ने एशिया की टॉप महिला व्‍यापारियों की सूची में शामिल किया। कोचर का जन्म जोधपुर (राजस्थान) में हुआ। अप्रैल 2006 में कोचर को आईसीआईसीआई बैंक डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया था। उन्होंने बैंक के कारपोरेट व रिटेल बैंकिंग बिजनेस को संभाला। उन्होंने अपनी काबलियत के बल पर बैंक को नई बुलंदियों पर पहुंचाया।

मेधा पाटकर

हमेशा सूती साड़ी और हवाई चप्पल पहनने वाली मेधा पाटकर को नर्मदा घाटी की आवाज़ के रूप में पूरी दुनिया जानती है। फ़र्राटे से अंग्रेज़ी बोलने वाली मेधा पाटकर को देखकर यही लगता है कि वे नर्मदा घाटी की एक आम महिला हैं। मुबंई के एक मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली मेधा पाटकर ने सामाजिक अध्ययन के क्षेत्र में गहन शोध किया है। गांधीवादी विचारधारा से प्रभावित मेधा पाटकर ने सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित होने वाले लगभग 37 हज़ार गांवों के लोगों को अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ी है। बाद में वे महेश्वर बांध के विस्थापितों के आंदोलन का भी नेतृत्व करने लगीं।

इरोम शर्मिला

आयरन लेडी के नाम से चर्चित मणिपुर की सामाजिक कार्यकर्ता इरोम चानू शर्मीला के अनशन को पूरे बारह साल से ज्‍यादा हो गए। वह सैन्य बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) को हटाने की माग को लेकर वर्ष 2000 से भूख हड़ताल कर रही हैं। शर्मीला ने दो नवंबर 2000 को इंफाल घाटी के मालोम में असम राइफल्स के साथ कथित मुठभेड़ में दस लोगों की मौत के बाद अपनी भूख हड़ताल शुरू की थी। वह पूर्वोत्तर के राज्यों से अफस्पा को हटाने की माग कर रही हैं। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं जहा उन्हें उनकी नाक के जरिए जबरन भोजन दिया जा रहा है।

रेणुका रामनाथ

रेणुका रामनाथ मल्टीपल्स अल्टरनेट एस्सेट मैनेजमेंट इंडिया की संस्थापक, प्रबंधनिदेशक एवं सीईओ हैं। 51 वर्षीया रेनुका रामनाथ को 2013 की फोर्ब्‍स एशिया की शीर्ष 50 महिला उद्यमियों की सूची में जिन 8 भारतीय महिलाओं को शामिल किया है उनमें इनका भी नाम है। इन्‍होंने अपने कारोबारी प्रदर्शन से अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनायी है।

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