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6 तरीकों से अपने बच्‍चों को दें पर्यावरण की सीख

बच्‍चों को पर्यावरण के प्रति सजग जीवन-शैली अपनाने में मदद करना, प्रकृति में खेलने और संबंध जोड़ने का सही अवसर है, और भविष्‍य में इस व्‍यवहार को जारी रखने के लिए अपने बच्‍चों को अभी से इन यहां दी गतिविधियों में शामिल करें।

परवरिश के तरीके By Pooja SinhaOct 26, 2015

बच्‍चों को दें पर्यावरण की सीख

आदतें बहुत जल्‍द बन जाती है। खासकर बच्‍चों में, चाहे अच्‍छी हो या बुरी, आदतें जूते पर गम की तरह चिपक जाती है। इसलिए हेल्‍दी इको-फ्रेंडली आदतों को बच्‍चों के मन में बैठने का बचपन से सर्वश्रेष्‍ठ समय हो ही नहीं सकता है। ग्रह के संरक्षक और माता-पिता होने के नाते हमारा यह दायित्‍व है कि हम पृथ्‍वी के साथ-साथ बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य को भी सुनिश्चित करें। बच्‍चों को पर्यावरण के प्रति सजग जीवन-शैली अपनाने में मदद करना, प्रकृति में खेलने और संबंध जोड़ने का सही अवसर है, और भविष्‍य में इस व्‍यवहार को जारी रखने के लिए अपने बच्‍चों को अभी से इन यहां दी गतिविधियों में शामिल करें।

आर्ट प्रोजेक्‍ट में गत्ते के बक्सों का इस्‍तेमाल

गत्‍ते की बक्‍से को फेंकने से अच्‍छा है कि आपके बच्‍चे इसका इस्‍तेमाल फंनी आर्ट प्रोजक्‍ट में करें। बॉक्‍स के आकार पर निर्भर करता है कि आपव इसकी स्‍पेसशीप, डॉल हाउस या थिएटर के लिए तलवारें, मुकुट या जादूई वान्ड बना सकते हैं। यहां तक कि कई लोगों सामान ले जाने के लिए खाली बक्‍से की जरूरत होती है। इसे कचरे के डिब्‍बे में कभी नहीं डालना चाहिए।

आर्गेनिक गार्डन की शुरुआत

बीज बोना और उसे विकसित होते देखने से ज्‍यादा जादुई कुछ और हो ही नहीं सकता। एक शुरुआती मन और बच्‍चों की माध्‍यम से यह बहुत अद्भुत होता है। तो क्‍यों न गार्डन की शुरुआत कर और आहार से लेकर जड़ी बूटियों का उत्‍पादन कर आप भी अपने बच्‍चे को ग्रीन होना सीखिये। यह अपने बच्‍चे से बात करने का सबसे अच्‍छा समय होगा कि क्‍यों हम पारंपरिक उगाई जाने वाली फसलों के लिए विरोध में आर्गेनिक खाद्य पदार्थों का चयन करते हैं।

पौधों की देखभाल करना सिखाये

अपने बच्‍चों को पौधों की देखभाल की जिम्‍मेदारी दें। उन्‍हें मिट्टी सूखी होने पर पानी देना और गीली होने पर ऐसे ही छोड़ देना सिखायें। यह विज्ञान के बारे में रोमांचक हो रहें बच्‍चों के लिए चतुर परिचय हो सकता है। पौधों और मानव, और कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन के आदान-प्रदान के बीच सहजीवन के बारे में बताएं। यह जिम्‍मेदारी निभाने का अद्भुत अभ्‍यास है जिससे भविष्य में पालतू जानवर की उचित देखभाल की तरह बड़ी जिम्मेदारियां निभाने में मदद करेगा। यह बच्चों को सशक्त बनाता है और उन्हें परिपक्व और महत्वपूर्ण लगता है।

कुछ पौधे लगायें

आपने इस बारे में कई बार सुना होगा, लेकिन क्‍या आपने ऐसा किया है? सिर्फ नेशनल आर्बर डे या अर्थ डे जैसे विशेष अवसर पर ही नहीं बल्कि कोशिश करनी चाहिए कि आप इसे बार-बार दोहरा सकते हैं। इसके लिए आप खुद भी अधिक से अधिक पौधे लगाये और अपने बच्‍चों को भी पौधे लगाने के कार्यक्रम में शामिल करें।

टॉयलेट पेपर रोल के साथ मजा करें

यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन इस बारे में विचार किया जा सकता है। आप प्रति माह टॉयलेट पेपर की राशि की बजाय छोटे रोल के बारे में सोचें। जब छोटी-छोटी बातों को अनदेखा किया जाता है तो वह बड़ी और विशाल समस्‍या बन जाती है, कचरे पैच की तरह। जीं हां बच्‍चे पुराने टॉयलेट पेपर रोल का इस्‍तेमाल फन प्रोजक्‍ट के लिए कर सकते हैं।

दान करें

कपड़े, खिलौने, जूते और सब कुछ! अगर आपका बच्‍चा जूतों को नहीं पहनता है या खिलौनों के साथ नहीं खेलता है, तो आप उसे दान करने के लिए ले जाये। या बेहतर होगा कि क्रिसमय के आस-पास बच्‍चों के स्‍थानीय अस्‍पताल में देकर आये। हालांकि बच्‍चों को खिलौनों से प्‍यार होता है, लेकिन अगर आप उसे समझायेगें कि कुछ बच्‍चों के पास इतना नहीं होता कि वह नये खिलौने खरीद सकें, लेकिन पुराने खिलौने देखकर खिल जाता है तो जीवन के प्रति आपका नजरिया बदल जायेगा।    
Image Source : Getty

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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