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डायबिटीज के लिए नट्स और बीज

अपने आहारों में नट्स और बीज शामिल कर डायबिटीज से आसानी से बचा जा सकता है। डा‍यबिटीज के लिए कौन-कौन से नट्स और बीज फायदेमंद होते है इस स्‍लाइड शो में उन्‍हीं के बारे में बताया गया है।

डायबिटीज़ By Pooja SinhaJan 24, 2014

डायबिटीज के लिए नट्स और बीज

डायबिटीज से पी‍ड़‍ित लोगों की संख्‍या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। आंकड़े तो यहां तक बताते है कि अकेले भारत में डायबिटीज से पीड़‍ित लोगों की संख्‍या पांच करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है। लेकिन, कुछ बेहद ही आसान उपायों को अपनाकर इससे निजात पाई जा सकती हैं। अपने आहार में नट्स और बीज शमिल कर इससे आसानी से बचा जा सकता है।

बादाम

बादाम में प्रोटीन, वसा, विटामिन और मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता हैं, इसलिए इसे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा माना जाता है। अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं के अनुसार, बादाम खाने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर घटता है साथ ही यह इंसुलिन को सक्रिय करता है। इससे ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। रोज सुबह 6 बादाम (रात भर पानी में भिगो कर) का सेवन मधुमेह पर नियंत्रण रखने में सहायक होता है।

बटर नट्स

बटर नट्स को सफेद नट्स के नाम से भी जाना जाता है। इसमें मोनोसैचुरेटेड फैट होने के साथ ओमेगा-3 फैट भी होता हैं जो टाइप-2 डायबिटीज के खतरे से बचाता हैं। इस नट्स का सेवन नियमित रूप से करने से त्वचा में चमक और आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।

अखरोट

अखरोट में मौजूद मोनो और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता के लिए अच्‍छे होते है। विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग रोजाना अखरोट खाते हैं, उनमें इन्सुलिन का स्तर सामान्य बना रहता है।

पिस्‍ता

पिस्‍ता डायबिटीज के इलाज और बचाव के लिए ब्लड में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करता है। आमतौर पर शरीर में शर्करा बढ़ने की बड़ी वजह कार्बोहाइड्रेट की अधिकता होती है। लेकिन पिस्ता का सेवन शरीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को बढने नहीं देता जिसके परिणामस्वरूप शुगर की मात्रा नियंत्रित रहती है।

कद्दू के बीज

कद्दू ही नहीं बल्कि कद्दू के बीज भी बहुत गुणकारी होते हैं। इसके बीजों में विटामिन सी और ई, आयरन, कैलशियम मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक, प्रोटीन और फाइबर आदि भरपूर मात्रा में होते हैं। कद्दू के बीज इंसुलिन के बनने में मदद करता है और तनाव कम करके मधुमेह की जटिलताओं को रोकने में मदद करता हैं।

अलसी के बीज

अलसी शुगर को नियंत्रित ही नहीं करती, बल्कि डायबिटीज के दुष्‍प्रभावों से बचाव और उपचार भी करती है। अलसी में भरपूर मात्रा में रेशे होते हैं और शुगर नाममात्र की होती है। इसलिए इसे जीरो शुगर आहार भी कहते है। यह डायबिटीज रोगियों के लिए आदर्श आहार है।

जामुन के बीज

जामुन ही नहीं बल्कि जामुन के बीज भी गुणों का भण्‍डार है। जामुन का फल और बीज दोनों ही ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करने की अद्भुत क्षमता होती है। इसके बीजों में जाम्बोलिन नामक तत्व पाया जाता है, जो स्टार्च को शुगर में बदलने से रोकता है। जामुन के बीजों को सुखाकर और पीसकर चूर्ण बनाकर 5 ग्राम की मात्रा में सुबह, दोपहर, शाम और रात को सेवन करने से फायदा होता है।

मेथी के बीज

डा‍यबिटीज में मेथी के बीजों का प्रयोग भी किया जाता है। इसमें फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, नियासिन, थियामिन, कैरोटीन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं। मेथी के बीज डायबिटीज और कॉलेस्ट्रॉल लेवल को बैलेंस रखने में सहायता करती है। प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक चम्‍मच मेथी के चूर्ण को पानी के साथ लेने से फायदा होता है।

तिल के बीज

तिल में एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होता हैं साथ ही इनमें पोली अनसैचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स भी संतुलित मात्रा में पाए जाते हैं। इसके नियमित सेवन से डायबिटिज, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी बीमारियों से काफी हद तक रक्षा की जा सकती है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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