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गर्भावस्‍था में गैस की समस्‍या से परेशान हैं? तो अपनाएं ये घरेलू उपाय

गैस की समस्‍या गर्भवती के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं होती है। आइए इस स्‍लाइड शो के जरिये जानें कि गर्भावस्‍था के दौरान गैस की समस्‍या से कैसे बचा जा सकता है।

गर्भावस्‍था By Pooja Sinha / Oct 19, 2015

गर्भावस्था के दौरान गैस की समस्‍या

गर्भवती होना किसी भी महिला के लिए सबसे सुखद अहसास हो सकता है और गर्भावस्‍था के दौरान मानसिक और शारीरिक बदलाव होना बहुत ही सामान्‍य बात है। उल्‍टी, भारीपन, मूड में बदलाव, स्‍तनों में भारीपन, थकान, खाने में अरूचि या स्‍वाद में बदलाव बहुत ही आम है, लेकिन गैस की समस्‍या गर्भवती के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं होती है। आमतौर पर गर्भावस्‍था के दौरान गैस की समस्या शारीरिक बदलाव के कारण होती है। इसका मुख्य कारण प्रोजेस्टेरोन स्‍तर के बढ़ने से आंतों का  ढीला पड़ना और भोजन को पचने में समय लगना है। गर्भावस्था के दौरान आहार बदलाव से भी गैस की समस्या हो जाती है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि गैस की समस्‍या होने पर गर्भवती अपने मन से दवाई खाने की बजाए डॉक्टर की सलाह लें। आइए इस स्‍लाइड शो के जरिये जानें कि गर्भावस्‍था के दौरान गैस की समस्‍या से कैसे बचा जा सकता है।

गैसी और फ्राइड फूड से बचें

गर्भावस्‍था के दौरान ऐसे आहार से बचना चाहिए जिससे गैस बनती हो। फूड्स जैसे प्‍याज, सेम, गोभी और ब्रोकली गैस को बढ़ा सकते हैं। हालांकि तेल हुए आहार स्‍वयं द्वारा गैस का कारण नहीं बनते, लेकिन आपकी पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सूजन को बढ़ा देता है। इसलिए गैस की समस्‍या से बचने के लिए गर्भवती को कम वसायुक्‍त आहार लेना चाहिए।

फाइबर से भरपूर आहार का सेवन बढ़ायें

आहार जैसे चावल, गाजर, हरी पत्‍तेदार सब्जियां, साबुत अनाज और होल ग्रेन फाइबर को बहुत अच्‍छा स्रोत है, जो पाचन तंत्र में पानी को अवशोषित कर आंतों के माध्‍यम से आहार को आगे बढ़ाते हैं। इस तरह से आहार में फाइबर की भरपूर मात्रा से मल त्‍याग को नियमित रखने में मदद मिलती है। लेकिन फाइबर को आहार में शामिल करते धीरे-धीरे शामिल करें, क्‍योंकि आपके शरीर को इसकी आदत नहीं होती है।

भोजन की कम मात्रा लें और धीरे-धीरे खायें

एक ही बार में बहुत ज्‍यादा खाने से भी गर्भावस्‍था में गैस की समस्‍या होती है। बहुत ज्‍यादा खाने से पाचन तंत्र में गड़बड़ी से गैस ही समस्‍या होने लगती है। इसलिए गैस की समस्‍या से बचने के लिए एक ही बार में ज्‍यादा खाने की बजाय गर्भवती को थोड़े-थोड़े अंतराल में पूरे दिन कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए। इसके अलावा प्रोजेस्टेरोन के बढ़ने से आंत कम सक्रिय हो जाती है। जबकि अच्‍छे पाचन के लिए सलाइवा का भोजन के साथ ठीक से मिलना बहुत जरूरी होता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान अच्छे से चबाकर खाना बेहद जरूरी होता है।

गैस से बचाये एक्‍सरसाइज

पूरा दिन बैठे रहने से भी गैस की समस्‍या होने लगती है। गैस की समस्‍या से बचने के लिए नियमित रूप से एक्‍सरसाइज करना बहुत बढि़या तरीका है। खाने के बाद 10 से 15 मिनट की वॉक से कष्टप्रद गैस की समस्‍या को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा नियमित और हल्‍की एक्‍सरसाइज, अपने घर या बगीचे के आस-पास वॉक करना, आपके सुस्‍त पाचन तंत्र में मदद करता है।

तरल पदार्थों का सेवन

खूब सारे पानी को सेवन आपको हाइड्रेटेड रखने में मदद करने के साथ उचित मल त्‍याग को प्रोत्‍साहित और सूजन और कब्‍ज को रोकने में मदद करता है। अपने दिन की शुरूआत एक गिलास पानी से करने और दिन भर इसे लेते रहने से कब्‍ज की समस्‍या को दूर रखा जा सकता है। इसके अलावा अपने आहार में ताजे फलों के रस को शामिल करें। लेकिन ध्‍यान रखें कि खाना खाते समय पानी न पीएं क्‍योंकि ऐसा करने से आपकी पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। साथ ही स्ट्रॉ से पीने की बजाय गिलास से पानी पीएं।
Image Source : Getty

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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