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जोड़ों के लिए फायदेमंद हैं ये आहार

मौसम में लगातार आते बदलाव ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। इस मौसम में आने वाली आम समस्‍याओं में जोड़ों के दर्द से आप तंग होने लगे होगें। लेकिन चिंता करने की जरूरत नहीं है, इन सर्दियों में जोड़ों का दर्द आपको परेशान नहीं करेगा क्योंकि हम आपको इससे

स्वस्थ आहार By Pooja SinhaJan 09, 2015

जोड़ों के लिए फायदेमंद आहार


जोड़ों में किसी भी प्रकार के विकार के कारण हड्डियों में दर्द और सूजन उत्पन्न होने के कारण जोड़ों में दर्द की समस्‍या होने लगती है। जोड़ों में दर्द यूरिक एसिड के बढ़ने, अनुवांशिक कारणों, कमजोरी, ठंड लग जाने या कार्टिलेज में मौजूद तरल द्रव के सूख जाने से  हड्डियों पर रगड़ पड़ने से भी होता है। इसके अलावा, जोड़ों का दर्द भी गलत खान-पान, प्रदूषण के दुष्प्रभाव और दिनभर एक ही जगह बैठे रहने का भी नतीजा हो सकता है। लेकिन घबराइये नहीं इन सर्दियों में जोड़ों का दर्द आपको परेशान नहीं करेगा क्योंकि हम आपको इससे बचाने वाले आहार के बारे में बताएंगे।
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मछली

ओमेगा-3 फैटी एसिड पॉलीअनसैचुरेटिड फैट्स हैं, जो जोड़ों के लिए बहुत अच्छे होते हैं। ये सभी उम्र के लोगों के लिए लाभप्रद होते हैं और जीवनशैली से उपजे रोगों से निजात दिलाने में मदद करते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड कार्टिलेज और संयोजी ऊतक की टूट-फूट को रोकने में मदद करते हैं, जो आमतौर पर खेल के दौरान लगी चोटों के कारण होती है। इसके अलावा रक्तसंचार को बेहतर बनाने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड की जरूरत होती है, और साथ ही ऑस्टियोआर्थराइटस में भी आराम दिलाते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड सूरजमुखी के बीज, अखरोट, बादाम और छोटी मछलियों से मिलता है।
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ब्रोकली

ब्रोकली भले ही सबसे लोकप्रिय सब्जी नहीं है लेकिन इसमें कमाल के पौष्टिक गुण होते हैं। ब्रोकली में प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाईड्रेट, आयरन, विटामिन ए और सी, क्रोमियम भारी मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्‍सीडेंट भी पाया जाता है। ब्रोकली हरी सब्जी ब्रेसिक्सा परिवार से हैं, जिसमें फूलगोभी और पत्तागोभी भी शामिल है। जिन लोगों को गठिया हो, उन्हें ब्रोकली खिलाने से उनकी सेहत को फायदा पहुंच सकता है। एक रिसर्च में पाया गया है कि ब्रोकली में मौजूद सल्फोराफेन नामक यौगिक तत्व हड्डियों में होने वाली गठिया रोग के लिए जिम्मेदार जोड़ों में उपास्थियों की क्षति को कम कर सकता है।
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विटामिन डी युक्‍त आहार

वैसे तो विटामिन डी की जरूरत हमें साल भर होती है। लेकिन सर्दियो के मौसम में तापमान के बढ़ जाने पर इसकी जरूरत भी बढ जाती है। इस मौसम में बहुत से लोगों को जोड़ों के दर्द की शिकायत होती है क्योंकि इस दौरान हड्डियों प्रभावित होने लगती हैं। हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है, जिसके अवशोषण में विटामिन डी मदद करता है। विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की रोशनी है। इसके अलावा दूध और विभिन्न अनाज भी विटामिन डी के अच्‍छे स्रोत हैं।
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जिंक युक्‍त आहार

जिंक एक ऐसा तत्व है जो शरीर में जलन और सूजन से निपटने में मदद करता है। शोधों से पता चला है कि जिन लोगों के शरीर में जिंक की मात्रा कम होती है उनके शरीर में सूजन और दर्द की समस्या उतनी ही ज्यादा होती है। ऐसे लोगों को अपने सलाद में तिल के बीज और मूंगफली या स्नैक्स में कददू के बीज का प्रयोग करना चाहिए ताकि आपके शरीर में जिंक की कमी को दूर किया जा सके।
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अदरक

अदरक के रस में सूजन को कम करने की शक्ति बहुत अधिक मात्रा में होती है और यह उन लोगों के लिए वरदान की तरह है, जो जोड़ों के दर्द और सूजन से परेशान हैं। एक अध्ययन के अनुसार नियमित रूप से अदरक के रस का उपयोग करने वाले लोगों में जोड़ों में सूजन और दर्द पैदा करने वाली बीमारियां परेशान नहीं करतीं। जोड़ों की समस्या नई हो या कई साल पुरानी हो दोनों में ही अदरक का रस बहुत असरकारी होता है। अदरक के मौजूद में एंटीऑक्सीडेंट शरीर में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने में मदद करते हैं।
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संतरा

विटामिन-सी में प्राकृतिक रूप से एंटीआक्सीडेंट का गुण न केवल प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए बेहतर है बल्कि जोड़ों की सेहत के लिए भी अच्छे होते है। साथ ही यह विटामिन कार्टिलेज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयरन सबसे ज्यादा विटामिन सी में अवशोषित होता है, इसलिए यह शरीर में आयरन की मात्रा को बनाए रखता है। ब्रोकली, अजवायन, स्ट्रॉबेरी, फूल गोभी, नींबू, हरा साग, अंकुरित ब्रसेल्स, पपीता, गोभी, पालक, संतरे, अंगूर, टमाटर, पपीता, अजावयन, सौंफ, रसभरी, पुदीना, अनन्नास, मौसमी व तरबूज में विटामिन सी के अच्‍छे स्रोत हैं।
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बादाम

विटामिन ई वसा में घुलनशील विटामिन है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है। विटामिन ई भी कोलाजेन के निर्माण तथा इसके टूटने को रोकने में बेहद फायदेमंद है। इसलिए आपको अपने भोजन में विटामिन ई से भरपूर खाने की चीजें जैसे कि शकरकन्द, एवोकाडो, बादाम आदि को शामिल करना चाहिए।
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ऑलिव ऑयल

जैतून के तेल से समृद्ध आहार अर्थराइटिस के रोगियों के दर्द और जकड़न को कम करने में मदद करता है। जैतून में मौजूद एंटी-इफ्लेमेंटरी गुणों को ओलिक एसिड के जिम्‍मेदार ठहराया जाता है। जिसमें पॉलीफेनोल्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड, दोनों प्रकार के एंटी-ऑक्‍सीडेंट होते हैं। वैज्ञानिक पत्रिका क्लीनिकल एंडोक्राइनोलॉजी एंड मेटाबोलिज्म के अनुसार ओस्टियोपोरोसिस की दर यूरोप के भूमध्यसागरीय इलाकों में कम है। इसका एक कारण पारम्परिक भूमध्यसागरीय भोजन जिसमें फल एवं सब्जियों की भरपूर मात्रा और जैतून एवं जैतून का तेल का सेवन शामिल है।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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