Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

दिल को दुरुस्‍त रखेंगे ये कुकिंग ऑयल

यहां पर दिए गए तेल पोषक तत्‍वों से भरपूर होने के साथ आपके स्‍वस्‍थ आहार के लिए महत्‍वपूर्ण, दिल के लिए स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक और भोजन में उपयोग के लिए अविश्वसनीय रूप से आसान हैं।

हृदय स्‍वास्‍थ्‍य By Pooja SinhaJun 16, 2014

दिल के लिए कुकिंग ऑयल

अपने आहार में तेलों को शामिल कर, आप अपने स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार कर सकते हैं। कई तेल तो ऐसे हैं जो स्‍वस्‍थ दिल के लिए आश्चर्यजनक परिणाम प्रदान करते हैं। अकसर लोग इन तेलों के उपयोग के समय उलझन में रहते हैं क्‍योंकि वह इन तेलों के उपयोग और लाभ के बारे में जानकारी का अभाव है। यहां पर दिए गए तेल पोषक तत्‍वों से भरपूर है जो आपके स्‍वस्‍थ आहार के लिए महत्‍वपूर्ण हैं और भोजन में उपयोग के लिए अविश्वसनीय रूप से आसान हैं।  image courtesy : getty images

अखरोट का तेल

अखरोट में ओमेगा- 3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है। प्राचीन काल से ही अखरोट को स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है। अखरोट में कई ऐसे गुण है जो दिल के लिए बहुत लाभकारी होता है। अखरोट के तेल से हृदय के विकार लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाते हैं। इससे हृदय की धमनियों को नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा नियंत्रित रहती है। अखरोट में कैलोरी की अधिकता होने के बावजूद इसके सेवन से वजन नहीं बढ़ता और ऊर्जा स्तर बढ़ता है।  image courtesy : getty images

सरसों का तेल

सरसों के तेल का इस्तेमाल स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और दिल की बीमारी के जोखिम को लगभग 70 प्रतिशत कम कर सकता है। सरसों शोध एवं संवर्धन कन्सोर्टियम (एमआरपीसी) के अनुसार सरसों का तेल दिल की बीमारी के जोखिम को कम करता है और संतुलित आवश्यक फैटी एसिड अनुपात से जीवन की गुणवत्ता बढ़ाता है। image courtesy : stylecraze.com

अलसी का तेल

अलसी के तेल में काफी तरह के पोषक तत्वों के अलावा ओमेगा 3 और लिगनेन्स नामक एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होता हैं। यह घुलनशील और अघुलनशील, दोनों तरह के फाइबर और प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है। दिल को दुरुस्त रखने में अलसी का उपयोग काफी कारगर साबित होता है। अनियमित खानपान व वसा युक्त खाने से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। अलसी में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड रक्त नलिकाओं में वसा के जमाव को रोकता है। अलसी का तेल वसा रहित होता है इसलिए इसमें बना खाना दिल के रोगों से दूर रखने में मदद करता है। image courtesy : getty images

जैतून का तेल

जैतून का तेल स्वास्थ्यवर्धक खाद्य तेल है। इस तेल के उपयोग से हृदय रोग जैसी बीमारियों से रक्षा हो सकती है। जैतून के तेल में फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा होती है जो हृदय रोग के खतरों को कम करता है। इसके अलावा इसमें संतृप्त वसा की मात्रा कम होती है, जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को संतुलित बनाए रखने में मदद मिलती है। इससे हृदयाघात का खतरा काफी कम हो जाता है। जैतून के तेल में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा भी काफी होती है।  image courtesy : getty images

तिल का तेल

तिल के तेल को काले और सफेद तिल के बीज से निकाला जाता है। इस तेल मैग्नीशियम, कैल्शियम, प्रोटीन, फास्फोरस और लेसिथिन का बहुत अच्छा स्रोत है। तिल का तेल स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। यह आपके दिल पर कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को संतुलित बनाये रखने में मदद करता है इसलिए तिल के तेल को हृदय रोगियों को लेने की सलाह दी जाती है। साथ ही यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।  image courtesy : getty images

नारियल का तेल

नारियल के तेल का सेवन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, फाइबर, विटामिन ए, बी, सी और मिनरल प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। ब्लड़ प्रेशर और दिल के मरीजों के लिए नारियल का तेल बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इसमें पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है जो दिल की गतिविधियों को सुचारू रूप से कार्य करने में सहायता करती है। इसके अलावा यह कोलेस्‍टॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है जिससे दिल की बीमारियों को खतरा कम होता है। image courtesy : getty images

मूंगफली का तेल

मूंगफली के तेल में सेचुरेटेड, मोनोसेचुरेटेड और पॉलीसेचुरेटेड फैट का संतुलित अनुपात पाया जाता है। दूसरे तेलों के मुकाबले यह तत्व दिल की बीमारियों से काफी हद तक बचाव करने में मदद करते हैं। मूंगफली के तेल में प्राकृतिक एंटी-ऑक्सीडेंट्स कोलेस्ट्रॉल के स्‍तर को भी कम करने में सहायक होते हैं। यह बॉडी में एचडीएल स्‍तर को कम किए बिना बुरे कॉलेस्ट्रोल (एलडीएल) को घटाते हैं। image courtesy : getty images

सूरजमुखी का तेल

सूरजमुखी का तेल का तेल विटामिन ई का भंडार है। इसमें सेचुरेटेड फैट बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है। सूरजमुखी का तेल चाहे वह रिफाइंड हो या अनरिफाइंड, दोनों ही तरह से दिल के लिए फायदेमंद माना जाता हैं। इसमें सही मात्रा और सही अनुपात में मौजूद मोनो और पॉलीसेचुरेटेड फैट के कारण यह कॉलेस्ट्रोल लेवल को कम रखता है। image courtesy : getty images

कितनी मात्रा काफी है?

जब इन तेलों को लेने की बात आती है, तो यह पता करना बहुत महत्‍वपूर्ण होता है कि इसकी कितनी मात्रा आपको लेनी है। यह दिल के साथ आपकी कैलोरी गहन के लिए भी अच्‍छी हो सकती है। उचित संयम के साथ आप बहुत अधिक कैलोरी लेने के बिना भी इन तेलों से फायदा ले सकते है। एक शोध के अनुसार, शरीर के लिए तेल की जरुरत उम्र, लिंग और शारीरिक काम करने के तरीके पर निर्भर करती है। दिन में आधा घंटा व्यायाम करने वाली 19 से 30 साल तक की महिलाओं के लिए एक दिन में 6 चम्मच तेल और इस आयुवर्ग के पुरुषों के लिए 7 चम्मच तेल काफी रहता है। 30 बरस से ऊपर की महिलाओं के लिए दिन में 5 चम्मच और पुरुषों के लिए 6 चम्मच तेल सही है।  image courtesy : squarespace.com

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK