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ब्‍लोटिंग के लिए जिम्‍मेदार अच्‍छे और बुरे आहार

खाना खाने के बाद पेट फूल जाने की इस समस्या को 'ब्‍लोटिंग' कहा जाता है। यह आमतौर पर ज्यादा या कम खाने की वजह से नहीं, बल्कि आप क्या खा रहे हैं, उस कारण होता है।

स्वस्थ आहार By Rahul Sharma / Feb 24, 2015

ब्‍लोटिंग के जिम्‍मेदार अच्‍छे व बुरे आहार

क्या खाना खाने के बाद आपका पेट बहुत भारी और फूला हुआ लगने लगता है? और क्या आपको पेट में हल्का दर्द भी महसूस होता है? यदि हां, तो एक बार आप अपनी डाइट पर गौर करें। खाना खाने के बाद पेट फूल जाने की इस समस्या को 'ब्‍लोटिंग' कहा जाता है। यह आमतौर पर ज्यादा या कम खाने की वजह से नहीं, बल्कि आप क्या खा रहे हैं, उस कारण होता है। तो चलिये आज हम कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बात करते हैं जो ब्‍लोटिंग का कारण बनते हैं और कुछ ऐसे फूड्स के बारे में भी जो इस समस्या से बचाते हैं।
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ऑयली व फ्राई फूड

बर्गर, चिप्स, फ्राई चिकन, समोसा, पकोड़े आदि जंक फूड्स में फैट काफी मात्रा में होता है। इसीलिए इस तरह के खाने को पचने में अधिक समय लगता है। साथ ही यदि आपका इम्यून सिस्टम ठीक न हो तो ये फूड आपके पेट में दर्द और सूजन भी पैदा कर सकते हैं। गैस की समस्या भी इस प्रकार के खाने से ही होती है।
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ब्रोकली

ब्रोकली गोभी वर्ग का एक सदस्य होती है। यह विटामिन, मिनरल्स और फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होता है, जो सेहत के फायदेमंद होते हैं। इन फायदों के बावजूद भी कुछ लोग इसे खाने से परहेज इसलिये करते हैं, क्योंकि इससे उनके पेट में गैस बनती है। ब्रोकली में पाए जाने वाले शुगर को रैफीनोज कहते हैं। एंजाइम द्वारा इसे पचाया नहीं जा सकता है, जिससे कई बार पेट में गैस बन जाती है।
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पत्‍तागोभी व आलू आदि

यह बंदगोभी और ब्रोकली की प्रजाति की ही सब्जी है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ए, विटामिन सी, फॉलिक एसिड और डाइट्री फाइबर पाये जाते है। हालांकि इसमें ओलिगोसेकहाराइड्स नामक काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट भी होता है, जो पाचन के दौरान ब्लोटिंग और ज्यादा गैस की वजह बन सकता है।
इसके अलावा प्‍याज व आलू से भी गैस बनती है। आलू में स्‍टार्च काफी होता है, जिससे पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है और पेट में गैस बनने लगती है।
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बींस

बीजों की हजार से भी अधिक ज्यादा प्रजातियां होती हैं और हर किसी के अलग-अलग स्वास्थ लाभ होते हैं। बीज में ट्रिपल सुगर स्टाचायोज, क्वाड्रपल सुगर रैफीनोज और पाइव सुगर वरबसकोज होते हैं, जिसे हमारा पाचन तंत्र आराम से नहीं पचा सकता है। इन सुगर को पचाने के लिए जिस एंजाइम की जरूरत होती है, वह मनुष्य में नहीं पाया जाता है। इस कारण बींस को गैस बनाने वाला माना जाता है। इसलिये हमेशा बनाने से पहले इसको पानी में कम से कम 8 घंटे तक भिगो कर रखना चाहिये जिससे इससे गैस न बने।
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खीरा व ककड़ी

लोग खीरे का इस्तेमाल आंखों के नीचे की सूजन को दूर करने के लिये करते हैं, लेकिन आप इसका सेवन ब्‍लोटिंग की समस्या से बचने के लिये भी कर सकते हैं। खीरे में क्वेरसेटिन (quercetin) होता है, जोकि एक फ्लेवनॉइड एंटीऑक्सीडेंट है और सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके सेवन से ब्‍लोटिंग की समस्या से बचाव होता है।
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केला

केले में पोटेशियम प्रचुर मात्रा में होता है। केले के ही तरह ऐवेकाडो, कीवी व संतरे का सेवन शरीर में सोडियम के स्तर को विनियमित करते हैं, जिससे नमक क वजह से होने वाली ब्‍लोटिंग से बचाव होता है। केले में घुलनशील फाइबर होता है, जो कब्ज की समस्या से भी बचाता है। ध्यान रहे कि ब्‍लोटिंग कब्ज़ के कारण भी हो सकती है।
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पपीता

पपीते में मौजूद एंजाइम GI  प्रणाली में प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है, जिससे पाचन क्रिया आसान बनती है। साथ ही पपीते में एंटी-इन्फ्लेमेशन गुण, तथा फाइबर होता है जोकि पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
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कुछ अन्य एंटी ब्लोटिंग खाद्य पदार्थ खाएं

आपको ऐसे आहार लेने चाहिए जो शरीर में अतिरिक्त पानी को बनाये रखें और गैस की समस्‍या को दूर करने में मदद करें। पुदीना चाय, अदरक, अनानास, अजमोद, और दही सब इस सूची में हैं। इसके अलावा केले, आम, पालक, टमाटर, नट्स, और शतावरी पोटेशियम से उच्‍च होने के कारण इसमें श्रेणी में आते हैं।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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