• shareIcon

ब्‍लड डोनेट करने से मिलते हैं ये 7 आश्‍चर्यजनक फायदे

नियमित रूप से रक्‍तदान करके आप न केवल दूसरों का जीवन बचाते हैं बल्कि खुद को कैंसर, स्‍ट्रोक, जैसी बीमारियों से भी बचाते हैं, इसलिए नियमित रूप से रक्‍तदान जरूर करें।

एक्सरसाइज और फिटनेस By ओन्लीमाईहैल्थ लेखक / Jun 14, 2018

रक्‍तदान महादान

रक्‍तदान को यूं ही नहीं महादान कहा जाता है, यह दूसरों की जान तो बचाता है साथ ही आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी फायदेमंद है। इसलिए नियमित रूप से रक्‍तदान करना चाहिए। यह दिल को मजबूत कर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से भी बचाव करता है। तो क्‍यों न नियमित रूप से रक्‍तदान करें और दूसरों के साथ-साथ अपनी सेहत को भी बेहतर बनायें।

image source - getty images

कौन कर सकता है रक्‍तदान

रक्‍तदान कोई भी कर सकता है। यह बहुत ही सुरक्षित प्रक्रिया है जो कि आसान भी है। रक्‍तदान करने से शरीर में रक्‍त की कमी भी नहीं होती है। 16 साल से अधिक और 50 किग्रा से अधिक वजन का व्‍यक्ति रक्‍तदान कर सकता है।

image source - getty images

दिल के लिए फायदेमंद

रक्‍तदान को दिल के लिए भी अच्‍छा माना जाता है। नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है और रक्तदाता को हृदय आघात से दूर रखता है। रक्‍तदान से खून पतला होता है जो कि दिल के लिए फायदेमंद है।

image source - getty images

नयी रक्‍त कोशिकायें बनती हैं

शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए नई रक्‍त कोशिकाओं की बहुत बड़ी भूमिका होती है। नियमित रूप से रक्‍तदान करने के बाद आपके शरीर में जो नया खून बनता है वह स्‍वास्थ्‍य के लिए बहुत फायदेमंद है।

image source - getty images

कैलोरी जलती है

एक युनिट रक्‍तदान करने से हमारे शरीर से 650 कैलोरी जलती है। यह वजन को नियंत्रण में करने में भी मददगार है। तो अगर आप नियमित रूप से रक्‍तदान करते हैं तो अपनी कैलोरी जलाते हैं।

image source - getty images

कैंसर के खतरे को कम करता है

कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव के लिए भी आप रक्‍तदान करें। नियमित रक्‍तदान करने से कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है, क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है।

image source - getty images

मुफ्त चि‍कित्‍सा जांच

शरीर की नियमित जांच कराने से बीमारियों का निदान हो जाता है और यह आपको रक्‍तदान के दौरान मुफ्त में मिलता है तो क्‍यों न इसका फायदा उठाया जाये। रक्‍तदाता का वजन, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और ब्लड ग्रुप की जांच की जाती है और रक्तदान के बाद एचआईवी और मलेरिया, एचबीएसएजी, एचसीवी, वीडीआरएल और एंटीबॉडी की स्क्रीनिंग जैसी जांच की जाती है।

image source - getty images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK