• shareIcon

गर्मियों की इन आम समस्‍याओं से करें बचाव

मौसम बदलने के साथ बीमारियां भी दस्‍तक देने लगती हैं, खासकर गर्मी के मौसम में डीहाइड्रेशन के कारण पेट संबंधित कई बीमारियां होने लगती हैं और त्‍वचा पर भी इसका प्रभाव पड़ता है, इसलिए गर्मी की दस्‍तक के साथ ही इनसे बचाव के नुस्‍खे जरूर आजमायें।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Shabnam Khan / Apr 06, 2015

गर्मी में बचाव है जरूरी

गर्मी का मौसम आते ही बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इन बीमारियों का संबध हमारे खाने पीने की आदतों से जुड़ा हुआ है। गर्मियों में नमी बढ़ जाती है जिस कारण वातावरण में अनेकों प्रकार के संक्रमण बड़ी तेजी के साथ फैलने लगते हैं। ऐसे मौसम में अगर आप थोड़ी सी लापरवाही बरतेंगे तो आपको यकीनन कोई न कोई समस्या घेर लेगी। आइये जानते हैं गर्मियों के मौसम में कौन सी स्वास्थ्य समस्याएं आम होती हैं।

Image Source - Getty Images

हीट स्‍ट्रोक

हीट स्‍ट्रोक तेज गर्मी की वजह से होने वाली आम समस्या है। इसमें इंसान की जान भी जा सकती है। तेज धूप और गर्मी में चक्कर आने लगना, उल्टी के लक्षण होना, रक्तचाप एकाएक कम हो जाना, तेज बुखार होना आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण है। इस बीमारी से बचने के लिये कड़ी धूप में निकलने से पहले सिर को ढंक लें, ढीले कपड़े पहने और ढेर सारा पानी पियें।

Image Source - Getty Images

त्‍वचा पर हो सकती है टैनिंग

जब हम सूरज की अल्ट्रावॉयलेट किरणों के संपर्क में आते हैं, तब त्वचा का मेलेनिन एक सुरक्षात्मक कवर बनाता है। इन मेलेनिन की वजह से ही गहरे धब्बे उभरते हैं। इस स्थिति को हम स्किन डार्केनिंग, टैनिंग अथवा हाइपर पिगमेंटेशन कहते हैं। इस समस्या से बचाव के लिए हर समय 30 एसपीएफ वाला सनस्क्रीन लगाना और इसे बार-बार लगाते रहना जरूरी होता है।

Image Source - Getty Images

पानी की कमी यानी डीहाइड्रेशन

डीहाइड्रेशन का असर सिर्फ आपकी बॉडी को नहीं, बल्कि आपकी स्किन को भी झेलना पड़ता है। लगातार पसीना आने से हमारे शरीर में पानी की कमी होती रहती है। इसकी पूर्ति के लिए अगर पर्याप्त मात्रा में पानी न लिया जाए तो त्वचा रूखी, बेजान, इरिटेटेड और सनबर्न की चपेट में आने के अनुकूल बन जाएगी। ऐसी स्थिति में आपके होंठ फटने लगेंगे और जगह-जगह रूखे चकत्ते उभर सकते हैं। इससे बचाव के लिए खूब सारा पानी पीते रहें। हर समय अपने साथ पानी की एक बोतल रखें। हर आधे घंटे में एक बार पानी जरूर पिएं। आप फलों का ताजा रस भी पी सकते हैं।

Image Source - Getty Images

पीलिया की समस्‍या होती है अधिक

पीलिया को हैपेटाइटिस A या जॉइन्डिस कहते हें। यह रोग वाइरस से होता है। इस रोग में रोगी की आंखे व नाखून पीले दिखाई देने लगते हैं और पेशाब भी पीले रंग की होने लगती है। यह रोग गंदे पानी और खाने से फैलता है। इसलिए गर्मी में गंदे पानी और दूषित खाने से बचें।

Image Source - Getty Images

त्‍वचा पर अधिक होते हैं चकत्ते

गर्मियों में धूल-मिट्टी हमारे रोमछिद्रों में घुसकर इसमें रूकावट डालती है, ऐसे में पसीना सही ढंग से बाहर नहीं निकल पाता है और त्वचा पर खुजली वाले चकत्ते, छाले या कील-मुहांसे हो जाते हैं। कपड़ों की रगड़ से त्वचा की हालत और खराब हो सकती है। अगर आपको ज्यादा पसीना आता है तो अपने आपको साफ रखकर इस समस्या से बचा सकते हैं। दिन में दो बार नहाएं। खासतौर से रात के समय जरूर नहाएं।

Image Source - Getty Images

फूड पॉइजनिंग

गंदा पानी और बाहर का खुला या गंदा खाने से पेट में संक्रमण और फूड प्‍वाइजनिंग होने का खतरा अधिक रहता है। अगर फूड प्‍वाइजनिंग ज्‍यादा हो गई तो रोगी को डायरिया और उल्‍टी होने लगेगी। इससे जान भी जा सकती है। इसलिए फूड पॉइजनिंग को गंभीरता से लेना चाहिए।

Image Source - Getty Images

बैक्टीरियल इन्फेक्शन

गर्मी का मौसम बहुत तरह के बैक्टीरिया और वायरस के लिए अनुकूल होता है। बैक्टीरिया हर जगह होते हैं और आप इन्हें देख भी नहीं सकते। जो लोग पब्लिक टांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते हैं, उन्हें बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा काफी ज्यादा होता है। यहां तक कि बस की सीट या खिड़कियां, जिन्हें आप हाथ लगाते हैं, पर भी बैक्टीरिया जमे हो सकते हैं। यही हाथ अगर हम अपने चेहरे पर लगाते हैं तो संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।

Image Source - Getty Images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK