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शारीरिक गतिविधियों से दूर करें अवसाद

अवसाद से निपटने का सबसे प्रभावी और प्राकृतिक तरीका शारीरिक गतिविधि है। शारीरिक गतिविधियों के रूप में एक्‍सरसाइज, वर्कआउट और अन्‍य गतिविधियां अवसाद से निपटने में बेहतर तरीके से मदद करती है।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Pooja SinhaSep 19, 2014

अवसाद

अवसाद सबसे आम मानसिक बीमारियों में से एक है, लेकिन फिर भी एक गंभीर समस्‍या है। अवसाद का असर केवल मन पर ही नहीं होता अपितु यह एक ऐसी दशा है कि जो पूरे शरीर पर अपना प्रभाव डालती है। image courtesy : getty images

शारीरिक गतिविधियां और अवसाद

डिप्रेशन तनाव, चिंता और उदासी का बहुत बड़ा कारण बनता है, जो जल्‍द ही आपके जीवन पर असर करना शुरू कर देता है। इससे पहले की यह गंभीर रूप धारण कर लें डिप्रेशन निपटने के उपाय करने चाहिए। अवसाद से निपटने का सबसे प्रभावी और प्राकृतिक तरीका शारीरिक गतिविधि है। image courtesy : getty images

क्‍या कहता है शोध

स्‍कॉटलैंड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के वरिष्‍ठ अध्‍ययनकर्ता डॉक्‍टर गिलियन मीड के अनुसार, ऑफिस में काम और दिनभर की भागदौड़ के बढ़ते दबाव के कारण डिप्रेशन की समस्‍या बहुत तेजी से फैल रही है। उन्‍होंने कहा कि हमें अवसाद की समस्‍या के बारे गंभीर रूप से सोचना होगा और इससे बचाव के उपाय तलाशने होंगे। मीड ने बताया कि दवाओं के मुकाबले शारीरिक गतिविधियां अवसाद से निपटने में ज्‍यादा कारगर स‍ाबित होती है। image courtesy : getty images

शारीरिक गतिविधियां से दूर करने अवसाद

हाल ही के वर्षों में, कई अध्‍ययनों ने अवसाद और शारीरिक गतिविधि के बीच की कड़ी पर शोध किया है। इन अध्‍ययनों में कई कारणों से यह बात साबित हुई कि शारीरिक गतिविधियों के रूप में एक्‍सरसाइज, वर्कआउट और अन्‍य गतिविधियां मरीज को बेहतर तरीके से अवसाद से निपटने में मदद करती है। यहां उन कारणों में से कुछ दिये गये है। image courtesy : getty images

एंडोर्फिन की विज्ञप्ति

एंडोर्फिन, प्राकृतिक केमिकल है जिसकी उत्‍पति व्‍यायाम के दौरान मस्तिष्‍क में होती है। एक्‍सरसाइज के बाद यह एंडोर्फिन हमें परम आनंद का अनुभव कराता है। कार्डियोवैस्कुलर एक्‍सरसाइज जैसे रानिंग, विशेष रूप से एंडोर्फिन के उत्‍पादन का बढ़ा देता है। इस तरह की सकारात्‍मक भावनाएं निश्चित रूप से अवसाद के लक्षणों से राहत देने में मदद करता है। image courtesy : getty images

सेरोटोनिन का स्तर बढ़ता है

सेरोटोनिन एक और स्‍वाभाविक रूप से उत्‍पदित होने वाला केमिकल है जो आपके मूड, नींद और भूख को प्रभावित करता है। सेरोटोनिन का निम्‍न स्‍तर अवसाद का कारण बनता है। लेकिन, एक्‍सरसाइज और अन्‍य शारीरिक गतिविधियां इस स्‍तर को आसानी से बढ़ा कर, तुरंत अवसाद से लड़ने में मदद करती है। image courtesy : getty images

नींद में सुधार

एक्‍सरसाइज से सेरोटोनिन के स्‍तर के बढ़ जाने से नींद पर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है। और अच्‍छी नींद आपको अवसाद के प्रमुख लक्षण अनिद्रा से दूर रहने में मदद करता है। इसके लिए आपको एक्‍सरसाइज और नींद के बीच संतुलन बनाना होगा ताकी यह दोनों कारक अवसाद को कम करने में मदद कर सकें। image courtesy : getty images

ध्यान भंग करने में मददगार

कहते है न कि खाली दिमाग शैतान का होता है। डिप्रेशन का शिकार व्‍यक्ति भी विचारों के जाल में फंसता ही चला जाता है, और उसके विचार अक्‍सर नकारात्‍मक होते हैं। कई अध्‍ययनों के अनुसार, स्‍वयं को एक्‍सरसाइज और वर्कआउट के माध्‍यम से सक्रिय बनाये रखने आपका दिमाग भरा रहता है, और ऐसा करने से अवसादग्रस्तता विचारों पर आपका ध्‍यान नहीं जाता। image courtesy : getty images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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