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जानें क्या हैं थायरॉयड नूडल्स के लिए आयुर्वेदिक उपचार

थायरॉयड नूडल्स पुरुषों और महिलाओं दोनों में पाई जाने वाली समस्या होती है, लेकिन महिलाओं में ये समस्या ज्यादा देखी जाती है। आप कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से थायरॉयड नूडल्स का उपचार कर सकते हैं। चलिए जानें थायरॉयड नूडल्स के उपचार के घरेलू व आयुर्वेदिक उप

घरेलू नुस्‍ख By Rahul Sharma / Jul 01, 2016

थायरॉयड नूडल्स के आयुर्वेदिक उपचार


थायरॉयड नूडल्स पुरुषों और महिलाओं दोनों में पाई जाने वाली समस्या होती है, लेकिन महिलाओं में ये समस्या ज्यादा देखी जाती है। यह थायरॉइड में होता है और अंदर से ठोस या तरल से भरा हो सकता है। यह गले में सूजन की तरह बाहर से ही दिखाई देने लगता है, लेकिन कई बार ये थायरॉयड के भीतर होता है और केवल अल्ट्रासाउंड से दिखाई पड़ता है। थायरॉयड नूडल्स विभिन्न आकारों में या सिर्फ एक या काफी संख्या में हो सकता है। यह ज्यादातर बिना कैंसर वाला होता है और केवल 5 से 10 प्रतिशत मामलों में ही ये कैंसरस पाए जोते हैं। आप कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से थायरॉयड नूडल्स का उपचार कर सकते हैं। चलिए जानें थायरॉयड नूडल्स के उपचार के घरेलू व आयुर्वेदिक उपचार क्या हैं।

खट्टे फल (Citrus Fruits)


खट्टे फल बलगम के उत्पादन को कम करने में फायदेमंद माने जाते हैं, जिससे थायरॉयड नूडल्स के उपचार में मदद मिलती है। इस समस्या से बचने या इसके उपचार के लिये ज्यादा से ज्यादा खट्टे फल, जैसे नींबू, संतरा व कीवी आदि खाएं। नियमित इन फलों का सेवन करने से थायरॉयड नूडल्स का आकार काफी कम होता है। आप चाहें तो साबुत फल खा सकते हैं या फिर इनका जूस भी पी सकते हैं। इन फलों की चाय बना कर भी आप सेवन कर सकते हैं।

अश्वगंधा का सेवन


अश्वगंधा एक प्राकृतिक औषधि है, जो अपने शक्तिवर्धक गुणों के लिए मशहूर है। थायरॉयड नूडल्स के इलाज के लिए आप चाहे तो इसकी पत्तियों को पीस कर या जड़ों को उबाल कर उपयोग में ला सकते हैं। अश्वगंधा का सेवन करने से थाइरॉइड की अनियमितता पर रोक लगाई जा सकती है। इसका सेवन करने के लिए 200 से 1200 मिलीग्राम अश्वगंधा चूर्ण को चाय के साथ मिला कर लें। अश्वगंधा शरीर के अंदर का हार्मोन इंबैलेंस भी संतुलित करता है।

कच्चे हर्ब का सेवन करें (Raw Herbs)



चाय में खट्टे फल या कच्चे हर्ब का सेवन करने से नूडल्स के आसपास का कफ दूर होता है। बांस के पेड़ के खाए जा सकने वाले भाग को गर्म चाय के साथ सेवन करने पर कफ प्रभावी ढंग से दूर होता है। अदरक और लीकोरिस (licorice) को भी थायरॉयड पिंड के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है। ये प्राकृतिक जड़ी बूटियां कफ और सूजन को दूर करने के लिए जानी जाती हैं।

प्रोटीन और ओमेगा 3 का अधिक सेवन करें


प्रोटीन शरीर के सभी अंगों में थायराइड हार्मोन संचार करता है। रोजाना डाइट में इसे शामिल करने से थायराइड की समस्या से निजात मिलती है। बादाम, अखरोट, हार्मोन और एंटीबायोटिक मुक्त पशु उत्पाद (जैविक, घास खाने वाले पशु का मांस, अंडे, पोषित और फार्मी मछली) फलियां आदि प्रोटीन के अच्छे प्राकृतिक स्त्रोत हैं। वहीं मछली में, ग्रास फेड पशु उत्पाद में, सन बीज और अखरोट में ओमेगा 3 पाया जाता है, जो कि ऐसे हार्मोंस को रोकता है जिनसे इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है और कोशिकाओं का विकास होता है। यह थायरॉयड के लिए खतरा बनने वाले हारमोंस को रोकता है।

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