घर की सजावट के दौरान ना करें ये गलतियां

कोई खास मौका आता है तो सबसे पहली तैयारी घर की सजावट को लेकर होने लगती है, लेकिन अगर आप अपने घर की सजावट करने जा रहे हैं तो इन गलतियों को करने से बचें।

तन मन By Gayatree Verma / Nov 02, 2015
घर की सजावट और गलतियां

घर की सजावट और गलतियां

घर ऐसी जगह होती है जहां पर आपकी थकान दूर होती है, तनाव कम होता है और आप सबकुछ भूलकर चैन की नींद लेते हैं। ऐसा तभी होता है जब घर सही तरीके से सजा हो और इसे देखने के बाद मन को सुकून मिले। अगर घर की सजावट ठीक ढंग से नहीं हुई तो यह चैन लेने की बजाय आपको बेचैन कर देगा। इसलिए घर की सजावट के लिए पूरी प्लानिंग की जरूरत है और अगर प्लान नहीं कर पा रहे हैं तो ये गलतियां भी ना करें। इससे समय और पैसे दोनों बचेंगे।

फर्नीचर सोच-समझकर चुनें

फर्नीचर सोच-समझकर चुनें

जरूरी नहीं कि जो फर्नीचर आपके दोस्त के घर की शोभा बढ़ा रहे हैं वे आपके घर की भी बढ़ाएं। देखा-देखी फर्नीचर ना लें। फर्नीचर लेने से पहले अपने घर का हिसाब लगा लें और उसके बाद फर्नीचर लें। फर्नीचर आपके घर में फिट होने चाहिए। ऐसा ना हो कि वो आपके कमरे में अतिरिक्त जगह घेरें।

रंगों पर दें ध्यान

रंगों पर दें ध्यान

दीवारों को रंगते वक्त और पर्दे खरीदते वक्त कलर कॉम्बीनेशन जरूर देख लें। दीवार और पर्दें के रंगों में थोड़ा भी डिफरेंस हुआ तो पूरी सजावट के साथ आपकी मेहनत धरी की धरी रह जाएगी। अगर दीवार पहले से रंगे हैं तो उस हिसाब से पर्दे लें। लाउड रंग के पर्दे बिल्कुल भी ना लें।

फालतू चीज ना लें

फालतू चीज ना लें

पहले उन चीजों को लें जो आपकी जरूरत की लिस्ट में पहले हो। उसके बाद उन चीजों को लें जो सजाने के साथ घर की जरूरतों को भी पूरा करे। शौकिया तौर पर कोई भी चीज ना लें। इससे पैसे और समय तो खर्च होंगे ही घर में भी फालतू की चीजें जमा हो जाएंगी। इससे घर भरा हुआ और छोटा दिखेगा। भरा हुआ घर थकावट देता है। इसलिए घर को भरे नहीं सजाएं।

अतिरिक्त कुशन बिल्कुल नहीं

अतिरिक्त कुशन बिल्कुल नहीं

सोफे या दीवान पर ढेर सारे कुशन आराम और अच्छा लुक देते हैं। लेकिन कुशन की संख्या सोफे और दीवान के हिसाब से हो। कई बार ज्यादा कुशन घर की सजावट का मजा फीका कर देते हैं। सोफा मीडियम साइज का है तो स्टाइलिश अंदाज में और जरूरत के अनुसार  कुशन का इस्तेमाल करें।

पुरानी चीजों को बाय कहें

पुरानी चीजों को बाय कहें

अब वक्त आ गया है कि पुरानी चीजों औऱ यादों को बाय कह दिया जाए। ठीक है कुछ चीजें आपके सबसे अच्छे दोस्त ने दी है तो कुछ आपने अपनी पहली सेलेरी से ली है। लेकिन चीजें पुरानी हो चुकी हैं। समय के हिसब से चलें औऱ उनकी जगह नई चीजें लाएं। इससे आपको ही सुविधा होगी।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK