Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

कहीं आपको भी स्‍मार्टफोन की लत तो नहीं

अगर कोई आपसे पूछें कि आप फुर्सत के पल में क्या करते हैं? तो आपका जवाब होगा, कि मैं अपना ज्यादा समय स्मार्टफोन पर बिताता हूं। यह हमारी आदत बन चुकी है, कहीं आपको भी स्‍मार्टफोन की लत तो नहीं।

तन मन By Rahul SharmaNov 02, 2016

स्‍मार्टफोन की लत

आज स्‍मार्टफोन हम सब की जिंदगी का अटूट हिस्‍सा बन गया है,  इसके बिना हमारे दिन की शुरुआत ही नहीं होती है। सुबह उठने के लिए मोर्निंब अलार्म हो या कोई जरूरी मेल करना हो या ऑन लाइन शॉपिंग करनी हो या फिर बोरियत के समय संगीत सुनना हो या बोरियत के समय संगीत सुनना हो, हम सभी का पूरा संसार इस छोटे से स्‍मार्टफोन में समा गया है। यानी लोगों को आज स्‍मार्टफोन की लत लग गई है।

अगर कोई आपसे पूछें कि आप फुर्सत के पल में क्या करते हैं? तो आपका जवाब होगा, कि मैं अपना ज्यादा समय स्मार्टफोन पर बिताता हूं। यह हमारी आदत बन चुकी है। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से जानते हैं कि आपकी कौन सी आदतें बताती है कि आपको स्‍मार्टफोन की लत है।

हर समय स्‍मार्टफोन पर नजर

आज के समय में व्‍यक्ति खाने के बिना रह सकता हैं, लेकिन स्‍मार्टफोन के बिना नहीं रह सकता। हर समय अपना फोन हाथ में रखते हैं। फिर चाहे कोई भी काम कर रहे हो, ध्‍यान हमेशा फोन पर रहता है। यदि फोन न बज रहा हो तो बार-बार फोन को देखते रहते हैं। कई लोग तो खाना खाते समय भी अपने फोन को देखते रहते हैं। इसके अलावा जिस तरह पहले के लोग रात को सोने से पहले और उठने के बाद भगवान को याद करते थे। उसी तरह आज के समय में लोग रात को सोने से पहले और सुबह उठते ही अपना स्‍मार्टफोन चेक करते हैं। हर समय फोन पर नजर रखने की आदत भी बताती है कि आपको स्‍मार्टफोन की लत है।

स्‍टेटस न पढ़ पाने की बेचैनी और स्‍मार्टफोन खोने का डर

अगर आपको फेसबुक या अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट पर खुद का स्टेटस अपलोड न कर पाने या दूसरों के स्टेटस न पढ़ पाने या बार-‍बार नोटिफिकेशन चेक करने की बेचैनी होती है। तो यह लक्षण बताते हैं कि आपको स्‍मार्टफोन की लत है। इसके अतिरिक्त कुछ लोगों को हमेशा अपने स्मार्टफोन के खोने का डर बना रहता है यानी अगर एक मिनट भी फोन उनकी नजरों से दूर हो जाए, तो वे बैचेन होने लगते हैं। अपने स्मार्टफोन के खो जाने के डर से उन की दिल की धड़कने तेज हो जाती हैं।

फोन सिरहाने रखकर सोना

ज्यादातर लोग स्मार्टफोन को अपने सिरहाने रखकर या तकिये के नीचे रखकर सोते हैं। कई लोग तो फोन के बिना सोना भी पसंद नहीं करते हैं और जैसे ही सोकर उठते हैं वैसे ही फोन को देखते हैं। यहां तक कि स्‍मार्टफोन की थोड़ी सी आवाज होते हैं, तुरंत फोन चेक करने लग जाते हैं। रात को किसी भी समय पर उठने पर आंख बाद में खोलते हैं और पहले फोन चेक करते हैं।

मोबाइल का नेटवर्क गायब- मतलब खुशियों का अंत

ट्रैवलिंग के दौरान मोबाइल नेटवर्क की समस्‍या अक्‍सर सामने आती है। और स्‍मार्टफोन की लत इतनी बुरी है कि अगर आपको ट्रैवलिंग के दौरान नेटवर्क की समस्‍या होती है तो आपको लगता है कि जैसे आपकी सारी खुशियों का अंत हो गया। इसके अलावा आज के समय में स्‍मार्टफोन दो लोगों के बीच दूरी की वजह बनता जा रहा है। ऐसे में व्‍यक्ति को अपने आप पर कम ध्‍यान रहता है और फोन पर ज्‍यादा।  
Image Source : Getty

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK