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एंटी एजिंग के लिए जरूरी है त्‍वचा की सही देखभाल

समय रहते त्वचा की उचित तरीके से देखभाल की जाए, ताकि वर्षों तक चेहरा जवां और कोमल बना रहे। आइए जानें ऐसे ही कुछ एंटी एजिंग स्किन केयर के जरूरी उपायों के बारे में।

त्‍वचा की देखभाल By Pooja Sinha / Nov 07, 2013

एंटी एजिंग

झुर्रिया को बढ़ती उम्र की निशानी माना जाता है। लेकिन, प्रदूषण, खानपान, तनाव व जीवनशैली के चलते उम्र से पहले ही चेहरे पर झुर्रियां नजर आने लगती हैं। इस‍के लिए जरूरी है कि समय रहते त्वचा की उचित तरीके से देखभाल की जाए, ताकि वर्षों तक चेहरा जवां और कोमल बना रहे। आइए जानें ऐसे ही कुछ एंटी एजिंग स्किन केयर के जरूरी उपायों के बारे में।

ग्रीन टी

फ्री रेडिकल्स त्वचा पर झुर्रियां और स्किन एजिंग की अन्‍य समस्‍याओं को जन्‍म देते हैं। ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से त्‍वचा की रक्षा करते हैं। अनफर्मैंटेड पत्तियों से बनने वाली ग्रीन टी में सबसे पावरफुल एंटी ऑक्सीडेंट कैटेचिन की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखती है।

क्लीजिंग, टोनिंग और मॉइस्चराइजर

क्लीजिंग चेहरे से धूल और गंदगी हटा कर त्‍वचा को साफ और ताजा बनाए रखती है। एस्ट्रिंजेंट के साथ त्‍वचा की टोनिंग प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखती है और त्‍वचा को हाइड्रेटेड भी करती है। साथ ही मॉइस्चराइजर त्‍वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखता है और त्‍वचा को मुलायम और चमकदार बनाता है।

सनस्क्रीन

सूर्य की‍ किरणों से त्‍वचा पर असमय झुरियां आने लगती हैं। इसलिए धूप में जाने से पहले अपनी त्‍वचा पर सनस्‍क्रीन का इस्‍तेमाल अवश्‍य करें। सनस्‍क्रीन का नियमित इस्‍तेमाल आपकी त्‍वचा की सूर्य के यूवीए और यूवीबी के हानिकारक प्रभावों से रक्षा करता है। साथ ही यह आपको टेनिंग और त्‍वचा कैंसर से भी बचाता है।

तरबूज

तरबूज का सेवन भी त्‍वचा और स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा होता है। इसके नियमित सेवन से चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती है।  तरबूज में एंटीऑक्‍सीडेंट, विटामिन सी, लाइकोपीन और पौटेशियम होता है जो कोशिकाओं में पानी और पोषक तत्वों के संतुलन को नियंत्रित करता है।

कम से कम मेकअप

बहुत ज्‍यादा मेकअप भी कई बार झुर्रियों का कारण बनता है इसलिए झुर्रियों से बचने के लिए मेकअप कम से कम करना चाहिए और अपने रूटीन में मॉइस्चराइजर और लिप बाम को शामिल करना चाहिए। झुर्रियों से बचने के लिए यह भी कहा जाता है कि नियमित फ‍ेशियल से बचना चाहिए और कुछ दिनों के अन्‍तर में क्‍लीनअप करवाना चाहिए।

ऑलिव ऑयल

ऑलिव ऑयल में मौजूद फ्लेवसेनॉयड्स स्क्वेलीन, पोरीफेनोल्स एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फ्री रैडिकल्स से सेल्स को डैमेज होने से बचाते हैं। जिससे त्‍वचा पर झुर्रियां नहीं पड़ती और यह सर्कुलेशन में सुधार कर त्‍वचा को कोमल, मुलायम और लचीला बनाता है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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