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बच्‍चों को सुलाने से पहले कहानी सुनाने से होते हैं ये फायदे

पहले अधिकतर बच्चे रात को सोने का बेसब्री से इंतजार करते थे, क्योंकि सोते वक्त दादा-दादी की कहानियां सुनने को मिलती थीं। ये कहानियां मनोरंजन के साथ बच्चों के मस्तिष्क विकास में मदद करती थीं। कहानियों के ऐसे ही अन्य फायदे इस स्लाइडशो में पढ़ें।

परवरिश के तरीके By Gayatree Verma / Oct 29, 2015

कहानियों के फायदे

आज के समय में भले ही पूरी दुनिया मीडिया और टेक्नोलॉजी से जुड़ी हुई है। लेकिन फिर भी बच्चे मां-बाप से, दोस्त एक-दूसरे से, भाई-बहन एक-दूसरे से दूर हो रहे हैं। जुड़ने के साधन जितने ज्यादा हो गए हैं रिश्तों के बीच उतनी ही अधिक दूरी आ गई है। सबसे ज्यादा दूरी आई है बच्चों और दादा-दादी के बीच। आज तो मुश्किल से ही बच्चे दादी मां की कहानियां सुनते हैं। जबकि ये कहानियां बच्चों के लिए कई तरह से फायदेमंद हैं। सोते समय कहानी सुनने के कई लाभ हैं।

शब्दकोश का ज्ञान

कहानियां सुन कर बच्चों को नये-नये शब्दों का ज्ञान होता था। एक तरह से कहानियां बच्चों के शब्दकोश के ज्ञान को बढ़ाती हैं। कहानियां सुनने के दौरान बच्चे कई सवाल भी पूछते जिनका जवाब आप उदाहरण समेत देते हैं। आप के द्वारा दिए गए जवाब बच्चे सोने से पहले सुनते हैं और उसके बाद सोते हैं। ऐसे में ये जवाब और शब्द बच्चों की स्मृति में लंबे समय के लिए रह जाती हैं।

क्रिएटिविटी बढ़ती है

कंप्युटर या लैपटॉप पर बैठकर कहानी सुनने से आंखों में जोर  पड़ता है। साथ ही ये डिजिटल माध्यम बच्चों की कल्पनाशक्ति पर रोक लगा देते हैं। जबकि कहानी सुनने के दौरान हर बच्चा अपनी कल्पना में खो जाता है जिससे उनकी क्रिएटिविटी बढ़ती है।

संस्कृति से जुड़ाव

अधिकतर बच्चे इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ रहे हैं। ऐसे में वे स्कूल और दोस्तों से अपनी भाषा में कम ही बात करते हैं। इससे उन्हें अपनी भाषा और संस्कृति का कम ज्ञान होता है। कहानी सुनाने की परंपरा बच्चों में अपनी भाषा के प्रति जिज्ञासा और जागरूकता दोनों बनी रहती है। उनमें अपनी मातृभाषा के प्रति प्रेम विकसित होता है और वे कहानियां सुनने में रुचि दिखाते हैं।

बच्चे का आप से जुड़ाव

कहानी सुनाना कोई काम नहीं बल्कि एक लंबी प्रक्रिया है जिससे बच्चे और आपके बीच में एक जुड़ाव पैदा होता है। यही जुड़ाव बड़े होने पर भी आपके बच्चे को आपसे दूर नहीं जाने देगा।

जल्दी सीखते हैं

कहानी सुनने के दौरान बच्चे सवाल करते हैं। उनका यही सवाल पूछना, कुछ नया सीखने और बार-बार सवाल पूछने की आदत को विकसित करता है। इससे बच्चे जल्दी सीखते हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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