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आपको यकीनन उत्साहित करेंगे ये स्‍वास्‍थ्‍य संबंधित चमत्कार

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में दिनों-दिन प्रगती हो रही है, हाल के सालों में भी ऐसे ही कुछ संभावना से परे चमत्‍कार हुए हैं, तो चलिये आज कुछ असाधारण चिकित्सा विज्ञान के चमत्कारों के बारे में जानते हैं।

तन मन By Rahul SharmaNov 25, 2015

चिकित्सा विज्ञान के चौंकाने वाले चमत्कार

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में दिनों दिन प्रगती हो रही है और कई ऐसे चमत्कारी काम किये जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद किसी ने पहले कल्पना भी न की हो। हाल के सालों में भी ऐसे ही कुछ संभावना से परे गर्भधारण और असाधारण सर्जरी हुईं। बिना दिल के भी जीवन, पुरुष को भी गर्भधारण, उल्‍टे पैरों का इलाज, फेस ट्रांसप्‍लांटेशन आदि के साथ कई चमात्‍कारिक कहानियां हैं जिनके बारे में जानकर आपको प्रेरणा मिलेगी।

उल्टे पैरों का इलाज

अगली बात उल्टे पैरों के लेकर कोई मज़ाक बनाएं तो ये जरूर जान लें कि ऐसे भी लोग हैं जिनके पैर वास्तव में उल्टे हैं। एक चीनी वेट्रेस 2007 में इसलिये प्रसिद्ध हुईं क्योंकि उन्होंने अपने पैर उल्टे होने के लिए विकलांगता भत्ता लेने से इनकार कर दिया। क्योंकि उनका कहना था कि वह ठीक से चल सकती हैं और अपने परिवार में किसी से भी तेजी दौड़ भी सकती हैं। 2008 में, 15 साल की उम्र में फिलीपींस के जिंगल लुइस मशहूर हुईं। उनके पैर पीछे की ओर घूमे बुरी तरह से जुड़े हुए थे और वह नहीं चल सकतीं व व्हीलचेयर इस्तेमाल करती थीं। न्यू यॉर्क में सफलतापूर्वक एक ऑपरेशन की मदद से उनके पैरों को सही किया गया था, और हांलाकी धीमें ही सही पर अब वह कथित तौर पर ठीक से चल रही हैं।  
Image Source - huffingtonpost.com

70 साल की महिला बनी मां

हालांकि मेरी राय में ये बिल्कुल गलत है, लेकिन उत्तरी भारत में रज्जो देवी नाम की एक महिला नें 'इन विट्रो फ र्टिलाइजेशन' की मदद से गर्भवती होकर 70 साल की उम्र में एक बच्चे को जन्म दिया और अपने निसंतान पति को पिता बनाया। रज्जो देवी नें एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। लेकिन मेरी असहमति इसलिये है क्योंकि जब तक ये बच्ची होश संभालने लायक होगी तो इसके मां-बाप कहां होंगे।
Image Source - theguardian.com

बिना दिल के जिंदगी

लोग अपने या अपनी एक्स के बारे में तो ये कहते हैं कि उसके पास दिल नहीं हैं, लेकिन आपको जानकार शायद थोड़ी हेरानी हो कि साउथ कैरोलिना की डी'ज़ाना सिमंस (D'Zhana Simmons) को चार महीने के लिए निष्क्रिय दिल के साथ छोड़ दिया गया था। उन्हें एक कृत्रिम रक्त पंप डिवाइस के द्वारा जीवित रखा गया था, जोकि उसके कस्टम ने सिर्फ उनके लिये बनाया था। यह मशीन सिमंस को तब लगाई जब हृदय प्रत्यारोपण के बाद उनका दिल करक्त पंप करने में विफल रहा। इसके बाद निष्क्रिय दिल को तुरंत बाहर निकाला गया और उन्हें बिना दिल के उस मशीन पर छोड़ा गया। कथित तौर पर इस बेहद डरावना अग्नि परीक्षा के बावजूद अब वो ठीक से काम कर रहा है।
Image Source - dailymail.co.uk

डबल आर्म ट्रांसप्लांट


कार्ल मर्क एक 54 वर्षीय जर्मन किसान हैं, जिन्होंने छह साल पहले एक कृषि दुर्घटना में दोनों हाथों को खो दिया। 40 से अधिक सर्जनों की एक टीम के साथ, मार्क को पहली बार सफल डबल आर्म ट्रांसप्लांट किया गया। वह कथित तौर पर ठीक तरह से काम कर रहे थे और डॉक्टरों ने बताया कि उनकी बाज़ुओं में एपी तंत्रिका वृद्धि (AP nerve growth) होती प्रतीत हो रही है। हालांकि हाथों का उपयोग करने की प्रक्रिया में दो साल तक का समय लग सकता है।
Image Source - english.sina.com

तकरीबन पूरे चेहरे का प्रत्यारोपण


जैसा कि इस मामले से पहले केवल आंशिक रूप से ही चेहरे का प्रत्यारोपण किया गया था, इस मामले में रोगी का लगभग 80 प्रतिशत चेहरा प्रत्यारोपित किया गया। हालांकि प्रत्यारोपण किये जाने वाले व्यक्ति का नाम उसकी गोपनीयता के लिए गुप्त रखा गया है, लेकिन मीडिया के अनुसार तहत हड्डियों, मांसपेशियों, त्वचा, रक्त वाहिकाओं और नसों का प्रत्यारोपण किया गया। इ से कराने वाली महिला की नाक नाक के आसपास साइनस, ऊपरी जबड़ा और यहां तक कि कुछ दांत भी एक शव से प्रत्यारोपित किये गये। महिला इतनी बुरी तरह से विकृत थी की सर्जरी के लिए उसके जीवन को खतरे में डाला गया।
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शरीर के फैट से कार को मिलती है पावर



यह तय कर पाना तो वास्तव में थोड़ा मुश्किल है कि स्वास्थ्य से संबंधित है या विज्ञान से, लेकिन है बहुत अजीब और पागलन से भरा। इस प्रयोग में एक डॉक्टर शामिल है इसलिये हम इसे इस स्लाइशो में जरूर शामिल करेंगे। बेवर्ली हिल्स में रहने वाले डॉक्टर क्रैग एलन बिटनेर एक प्लास्टिक सर्जन थे, जिन्होंने लॉसएंजलिस और कैलिफॉर्निया में कई लोगों के अविश्वसनीय लिपोसक्शनएड (liposuctioned) किये। इस सभी लिपोसक्शनएड में डॉ. क्रैग ने जो भी फैट मरीज़ों से निकाला, उसका बेहद रचनात्मक तरीके से अपनी फोर्ड एसयूवी और अपनी गर्लफ्रेंड की लिंकन नेविगेटर के लिये जैव ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया। ये सुनने में थोड़ा घिनौना जरूर लगता है, लेकिन इस डॉक्टर को प्राकृति प्रेमी होने का श्रेय तो देना ही होगा!
Image Source - outpatientsurgery.net

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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