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जल्‍द मेनोपॉज से पड़ते हैं आपकी सेहत पर ये 7 असर

मेनोपॉज की उम्र लगभग 45 से 50 साल के बीच होती है। लेकिन अगर 40 से पहले महिलाओं में मेनोपॉज होने लगे तो कई प्रकार की समस्‍याएं होने लगती है। ऐसे में शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी हो जाती है जिससे जोड़ों का दर्द, हड्डियों का कमजोर और तनाव जैसी समस्

महिला स्‍वास्थ्‍य By Pooja SinhaFeb 27, 2015

जल्‍द मेनोपॉज का सेहत पर असर

मेनोपॉज की उम्र लगभग 45 से 50 साल के बीच होती है। लेकिन अगर 40 से पहले महिलाओं में मेनोपॉज होने लगे तो कई प्रकार की समस्‍याएं होने लगती है। आधुनिक जीवन के तनाव के कारण महिलाओं में आमतौर पर सही आयु से पूर्व मेनोपॉज होने लगा है। समय पूर्व मेनोपॉज के कारण महिलाओं में कई शारीरिक और मानसिक समस्याएं पैदा हो रही हैं। ऐसे में शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी हो जाती है जिससे जोड़ों का दर्द, हड्डियों का कमजोर और तनाव जैसी समस्याएं होने लगती हैं। हालांकि जीवन शैली, पर्यावरण और आनुवांशिक कारणों से समय से पहले मेनोपॉज की समस्‍या होती है। लेकिन कुछ महिलाओं में बीमारियों के कारण भी यह समस्‍या हो सकती है। समय से पूर्व मेनोपॉज आपके स्वास्थ्य को यहां दिये 7 तरीकों से प्रभावित करता है।
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स्तन या गर्भाशय के कैंसर का खतरा कम

जल्‍द मेनोपॉज के कारण एस्‍ट्रोजन का उच्‍च स्‍तर निकलता है। और एस्‍ट्रोजन किसी भी महिला में स्तन या गर्भाशय के कैंसर के संभावित खतरे को तय करने वाला आवश्‍यक हार्मोन है। इसलिए जिन महिलाओं को जल्‍द मेनोपॉज होता है, उनमें बाद में स्तन या गर्भाशय के कैंसर का खतरा कम हो जाता हैं। इसके अलावा, डिम्बग्रंथि के कैंसर किसी भी महिला में ओवूलेशन की संख्या से संबंधित है। अगर आपको कम ओवुलेशन होता है, तो स्तन या गर्भाशय के कैंसर का सामना करने का जोखिम भी कम होता है।
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असमय बुढ़ापा

समय से पूर्व मेनोपॉज की समस्‍या का मतलब है, उम्र से पहले बूढ़ा होना। टेलोमेर्स छोटी संरचना है जो डीएनए के नुकसान से बचाता है और उनकी लंबाई एक व्यक्ति की जैविक उम्र इंगित करता है। (जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है हमारे शरीर के गुणसूंत्रों की संख्‍या कम होती जायेगी, इसे टेलोमेर्स (telomeres) भी कहते हैं। इसके कारण शरीर कमजोर होता जाता है और बीमारियों के होने की आशंका बढ़ जाती है।) छोटे टेलोमर्स से उम्र अधिक लगने लगती है। अक्टूबर 2014 में प्रजनन चिकित्सा के लिए अमेरिकन सोसायटी की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत एक शोध के अनुसार, जो महिलाएं मेनोपॉज का अनुभव जल्‍दी करती हैं उनमें कम टेलोमेर्स साथ ही क्षतिग्रस्त आनुवंशिक संरचना को देखा जा सकता है।
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विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आना

अमेरिका के वाशिंगटन यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, कई ऐसे सामान्‍य केमिकल हैं, जिनके संपर्क में आने से 45-50 साल के पहले ही अमेरिकी महिलायें मेनोपॉज की स्थिति में पहुंच रही हैं, इन केमिकल के संपर्क में रहने से यह जल्‍द मेनोपॉज की संभावना 6 गुना अधिक हो रही है। ये केमिकल प्‍लास्टिक, सौंदर्य उत्‍पादों और रोजमर्रा के जीवन में प्रयोग की जानें वाली वस्‍तुओं के संपर्क में आने से हो रहा है। रक्‍त और खून की जांच से पता चलावाशिंगटन यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन ने इसके लिए महिलाओं के खून और यूरीन की जांच की। इस जांच में ऐसे 111 केमिकल की पहचान की गई जिसके संपर्क में आने से महिलाओं में हार्मोन का उत्‍पादन प्रभावित हुआ। हालांकि इससे पहले हुए शोधों में भी केमिकल और मेनोपॉज के संबंधों में आशंका जताई गई थी, लेकिन इस शोध में यह बात साबित हुई, कि इन दोनों के बीच गहरा संबंध है। इस शोध में यह बात सामने आयी कि इन केमिकल के संपर्क में आने से डिंबग्रंथि की प्रतिक्रिया पूरी तरह प्रभावित होती है।
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दिल की बीमारी का खतरा

2014 में नार्थ अमेरिकी मेनोपॉज सोसायटी वूमेन के अध्ययन के अनुसार, जिन महिलाओं में 45 वर्ष की आयु से पहले मेनोपॉज होता है उन महिलाओं में 50 साल के बाद मेनोपॉज होने वाली महिलाओं की तुलना में दिल की बीमारी का खतरा अधिक होता है। एस्‍ट्रोजन का उच्‍च स्‍तर, कोलेस्ट्रॉल, रक्त वाहिकाओं आदि के स्वस्थ स्तर के साथ जुड़ा होता है। इसका अर्थ है कि शरीर में एस्ट्रोजन की महत्वपूर्ण राशि बीमारियों के खिलाफ की दिल की रक्षा करती है। इसलिए समय पूर्व मेनोपॉज में महिला को एस्‍ट्रोजन का कम लाभ मिलता है। और कम एस्‍ट्रोजन अवस्‍था में दिल को नुकसान होने की आंशका अधिक रहती है।
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बोन फैक्‍चर का खतरा

अधिक एस्‍ट्रोजन वाली महिलाओं में बोन डेन्सिटी अधिक मात्रा में होती है। जबकि मेनोपॉज के बाद हड्डियों में घनत्‍व की कमी हो जाती है। हड्डियों के कमजोर पड़ जाने पर ओस्ट्रोपोरोसिस नामक स्थिति हो जाती है। इसलिए मेनोपॉज के बाद औरतों में हड्डी टूटने की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही, हड्डियों में गेप बढ़ने की समस्या भी हो सकती है। इसीलिए डॉक्टर के परामर्श के अनुसार अपने आहार में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ाने की जरूरत रहती है।
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प्राइमरी ओवेरियन इनसफिश्येंसी (POI)

प्राइमरी ओवेरियन इनसफिश्येंसी (POI) जल्दी मेनोपॉज की तरह होता है। इसे समयपूर्व रजोनिवृत्ति के रूप में भी जाना जाता है, और अंडाशय के सामान्य कार्य के नुकसान के रूप में परिभाषित किया जाता है। जिन महिलाओं में पीओआई होता है उनके पीरियड्स नियमित नहीं होते, जिसके कारण उनको लगता है कि उन्‍हें जल्‍द मेनोपॉज हो गया है। लेकिन फर्क इतना है कि पीओआई में आप गर्भवती हो सकती है। हालांकि दोनों में अंतर जानने के लिए कोई प‍रीक्षण नहीं है। इसलिए अगर आप गर्भधारण नहीं करना चाहती तो गर्भनिरोधक का इस्‍तेमाल करें।
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अल्जाइमर रोग, मधुमेह और कैंसर के खतरे का बढ़ना

शोध के अनुसार छोटा टेलोमर्स उम्र बढ़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ- क्षतिग्रस्त डीएनए वास्‍तव में उम्र से संबंधित बीमारियां जैसे अल्जाइमर, मधुमेह और कैंसर का खतरा भी बढ़ा देता है। एस्‍ट्रोजन का कम स्‍तर इसके लिए जिम्‍मेदार होता है। बेर्तोने-जॉनसन कहते हैं कि आपका मस्तिष्‍क हृदय प्रणाली का वह हिस्‍सा है जो एस्‍ट्रोजन की रक्षा में मदद करता है। आनुवंशिकी भी इसमें अहम भूमिका निभाती है। जेनेटिक म्यूटेशन अक्सर एक से अधिक नकारात्मक प्रभाव के कारण जीन जल्‍द मेनोपॉज की समस्‍या और अन्‍य वंशानुगत बीमारियों का कारण होता है। उदाहरण के लिए, जीन से जुड़ी पार्किंसंस जल्दी रजोनिवृत्ति से जुड़ी है।
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