गोद लेने वाले पैरेंट्स कभी न करें ये 5 चीजें

मैं चीन में पैदा हुई दो अद्भुत बच्‍चों की मां हूं। मैने सोफी को तब गोद लिया जब वह 5 साल की थी - अब वह 17 साल की हैं। और साइमन को मैंने तब गोद लिया जब वह 4 साल का था, अब वह 14 साल का है। गोद लेने वाले पैरेंट्स के अपने अनुभव के आधार पर, मैंने यहां ऐसी

परवरिश के तरीके By Pooja Sinha / May 04, 2016
बच्चे की पिछली बातों के बारे में बताना

बच्चे की पिछली बातों के बारे में बताना

अक्‍सर गोद लेने वाले पैरेंट्स अपने बच्‍चे के पिछली बातों को हर किसी को बताने लगते है। किस हालात में आपने बच्‍चे को अपनाया, यह उसकी अपनी कहानी का एक हिस्‍सा है। हर किसी को बताने की कहानी नहीं है, और अगर कोई जोर देकर आपसे पूछता भी है तो यह शहरी गपशप से बेहतर कुछ भी नहीं होगा। हम ऐसी संस्‍कृति में रहते हैं जहां बस बातों को शेयर करने को प्रोत्‍साहित किया जाता है।

नि:स्वार्थ होने का ढोंग

नि:स्वार्थ होने का ढोंग

अक्‍सर गोद लेने वाले पैरेंट्स स्‍वार्थी होने की बात का नकाराते हैं और खुद को नि:स्वार्थ बताते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है वह बच्‍चों को गोद अपनी जरूरत के हिसाब से करते हैं। मुझे नफरत होती है, जब लोग मेरे परिवार को देखने के बाद मुझे ''गॉड ब्लेस्स यू'' बोलते हैं। वास्‍तव में यह लोग कह रहे होते हैं कि मैं दो बेचारे अनाथ बच्‍चों का बचाव करने वाली उदार आत्‍मा हूं। लेकिन ऐसा नहीं है, मैंने बच्‍चों को गोद लिया क्‍योंकि मैं परिवार चाहती थी और केवल अंतरराष्ट्रीय गोद लेने का एवेन्यू मेरे लिए खुला था।

खुद को सबसे अच्‍छा पैरेंट्स बताना

खुद को सबसे अच्‍छा पैरेंट्स बताना

मेरे बच्‍चे अन्‍य लोगों के यहां पैदा हुए थे। इसलिए उनके बारे में जानना, कि वह कैसे हैं, कहां रहते हैं और उन्‍होंने मुझे क्‍यों गोद दे दिया स्‍वाभाविक है। हर गोद लिये बच्‍चे के मन में यह गहरे छेद  की तरह होता है, जिसे उजाले से भरना बहुत जरूरी होता है। ऐसे में बच्‍चे को न बताकर आप सबसे अच्‍छे पैरेंट्स बनना चाहते हैं, लेकिन मैंने अपने दोनों बच्‍चों को ईमानदारी से उनके जन्‍म परिवार के बारे में बताया, हालांकि यह उनके लिए दुख की बात से ज्‍यादा कुछ नहीं था।

आभार या प्रशंसा की अपेक्षा करना

आभार या प्रशंसा की अपेक्षा करना

क्‍योंकि आपने उसे गोद लिया है इसलिए आभार या प्रशंसा की अपेक्षा करना। जीं हां आपको लगता है कि आपने बच्‍चे को गोद लिया है तो उसे हर समय आपकी सराहना करते रहना चाहिए। लेकिन आपको उससे ऐसी उम्‍मीद नहीं करनी चाहिए। मैं जानती हूं कि मेरे बच्‍चे सोचते हैं अगर उन्‍हें मैंने गोद नहीं लिया होता, तो उनका जीवन पता नहीं कैसा होता। मैं भी इस बारे में सोचती हूं। लेकिन उन्‍होंने भी मेरी सभ्‍यता, भाषा, खान-पान के तरीकों को अपनाया है। ऐसे में आभार दोधारी तलवार हो सकता है।

आप उसके पैरेंट्स बनने के लिए ही बने हैं कहना

आप उसके पैरेंट्स बनने के लिए ही बने हैं कहना

बहुत से गोद लेने वाले पैरेंट्स बच्‍चों को अपने और उसके कनेक्‍शन को देखने के लिए कहते हैं। मैं जरूरत को समझती हूं। लेकिन अगर आप उसकी मां बनने के लिए ही बनी हो तो बच्‍चा किसी और के घर पैदा क्‍यों हुआ था ? क्‍या यह क्रेजी प्‍लॉन भगवान द्वारा बना था। मेरा मानना है कि बच्‍चों को हम कितना प्‍यार करते हैं, बताने का सही तरीका होना चाहिए। मैं अपना बता सकती हैं कि वे मेरी जीवन की रोशनी है और मैं उनकी मां बनने में खुद को सम्‍मानित मानती हूं, मैं अपने बच्‍चों को अपनी अगली सांस से भी ज्‍यादा प्‍यार करती हूं। इसके जादुई जैसा कुछ भी नहीं हैं।
Image Source : Getty

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK