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मांसपेशियों को मजबूत करता है अधोमुख स्वान आसन, जानें इसकी विधि और अन्‍य लाभ

अगर आप योगक्रिया करते हैं तो आप इसे भी शामिल कर सकते हैं। इसका अभ्‍यास कई तरह से आपको लाभ पहुंचाता है। रोजाना सुबह नित्‍य क्रिया के बाद आप इस योग को कर सकते हैं। योग विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप इसे करते हैं कुछ बातों का ध्‍यान रखना जरूरी है।

योगा By Atul ModiDec 06, 2018

अधोमुख स्‍वान आसन

अधोमुख स्‍वान आसन का नाम बोल पाना थोड़ा कठिन जरूर है लेकिन इसे करना बहुत आसान है। ये आसन कुत्‍ते की तरह आगे की ओर झुक कर करते हैं इसीलिए इसे अधोमुख स्‍वान आसन कहते हैं। स्‍वान कुत्‍ते का पर्यायवाची शब्‍द है। इस योगासन को करना बहुत आसान है। अगर आप योगक्रिया करते हैं तो आप इसे भी शामिल कर सकते हैं। इसका अभ्‍यास कई तरह से आपको लाभ पहुंचाता है। रोजाना सुबह नित्‍यक्रिया के बाद आप इस योग को कर सकते हैं। योग विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप इसे करते हैं कुछ बातों का ध्‍यान रखना जरूरी है। इस लेख में हम आपको अधोमुख स्‍वान आसन से जुड़ी सभी जरूरी बातों को बता रहे हैं। 

अधोमुख स्‍वान आसन कैसे करें

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आप अपने पैरों के समानान्‍तर हाथों के बल आगे की ओर स्‍थापित करें। 
  • शरीर को एक मेज़ की स्थिति में ले आयें। आपकी पीठ मेज़ की ऊपरी हिस्से की तरह हो और दोनों हाथ और पैर मेज़ के पैर की तरह।
  • सांस छोड़ते हुए कमर को ऊपर उठाएं। अपने घुटने और कोहनी को मजबूती देते हुए सीधे करते हुए अपने शरीर से उल्टा v आकार बनाएं।
  • हाथ कंधो के जितने दूरी पर हों। पैर कमर के दूरी के बराबर और एक दुसरे के समानांतर हों। पैर की उंगलिया बिल्कुल सामने की तरफ हों।
  • अपनी हथेलियों को जमीन पर दबाएं, कंधो के सहारे इसे मजबूती प्रदान करें। गले को तना हुआ रखते हुए कानों को बाहों से स्पर्श कराएं।
  • लम्बी गहरी श्वास लें, अधोमुख स्वान की अवस्था में बने रहें। अपनी नज़रें नाभि पर बनाये रखें।
  • श्वास छोड़ते हुए घुटने को मोड़े और वापस मेज़ वाली स्थिति में आ जाएं। विश्राम करें।

अधोमुख स्‍वान आसन के लाभ

  • यह आसन शरीर को ऊर्जा देता है और आपके शरीर को तरो-ताज़ा करता है।
  • यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है। छाती की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है और फेफड़े की क्षमता को बढ़ाता है।
  • यह पूरे शरीर को शक्ति प्रदान करता है। विशेषकर हांथ, कंधे और पैरों को।
  • मांसपेशियों को सुद्रिढ करता है और मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ाता है।
  • को शांति प्रदान करता है एवं सरदर्द, अनिंद्रा, थकान आदि में भी अत्यंत लाभदायक है।

अधोमुख स्‍वान आसन के दौरान बरतें सावधानी

अगर आप उच्च रक्तचाप, आंखों की केशिकाएं कमजोर है कंधे की चोट या दस्त से पीड़ित हैं तो यह आसन न करें। आप किसी योग विशेषज्ञ से सलाह भी ले सकते हैं। विपरीत परिस्थितियों में योग करने से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है।  

 

अधोमुख स्‍वान आसन करने से पहले करें ये योग

  • यह आसन करने से पहले अपने पैर की मांसपेसियो और हाथों को अच्छी तरह से तैयार कर लें।
  • अधोमुख स्वान आसन करने से पहले धनुरासन या दण्डासन करें।
  • यह आसन सूर्य नमस्कार के एक अंश के रूप में भी किया जा सकता है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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