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मेडिकल इमरजेंसी का सामना करने के आठ तरीके

मेडिकल इमरजेंसी अप्रत्याशित होता हैं और इसका अनुभव जीवन में कभी न कभी हर किसी को हो सकता है। इसलिए आपको हर समय सतर्क रहना बहुत महत्‍वपूर्ण होता है। हमेशा मन में इन बातों को रखकर, आप आसानी से आपात स्थिति से बाहर निकल सकते हैं।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Pooja SinhaJun 07, 2014

मेडिकल इमरजेंसी के दौरान अपनी आंखें बंद न करें

मेडिकल इमरजेंसी एक अप्रत्याशित संकट है जो किसी भी समय आप पर हमला कर सकता है। मेडिकल इमरजेंसी मर्मांतक रूप से अप्रत्याशित हैं और जीवन में इसका अनुभव कभी न कभी किसी को जरूर होता है। इसलिए आपको हर समय सतर्क रहना बहुत महत्‍वपूर्ण है। हमेशा मन में इन बातों को रखकर, आप आसानी से इस आपात स्थिति से बाहर निकल सकते हैं। image courtesy : getty images

व्यक्तिगत जानकारी

आपको पर्स या वॉलट में अपनी व्‍यक्तिगत जानकारी के साथ एक कार्ड को हमेशा रखना चाहिए। जिसमें आपका संपर्क नंबर, पता, आपातकालीन स्थिति में किससे संपर्क करें, दवाओं की लिस्‍ट, ब्‍लड ग्रुप, एलर्जी का इतिहास आदि की जानकारी होनी चाहिए।  image courtesy : getty images

प्राथमिक उपचार बॉक्स रखें

सुनिश्चित करें, आप जहां भी हो चाहे ऑफिस या घर हर जगह आपके पास एक प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स होना च‍ाहिए। एक बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स एक बर्नोल, एक एंटीसेप्टिक लोशन, गॉज, कॉटन, रोलर बैंडेज, चिपकने मेडिकेटिड प्लास्टर्स, पे‍नकिलर और छोटी सी कैंची शामिल हो। इन सब समान को इकट्ठा करते समय इनकी एक्सपायरी डेट को जरूर चैक कर लें। प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स में रखी यह सब चीजें आपको जलने, मामूली घाव और कटने के साथ डील करने में मदद करेगी। image courtesy : getty images

दवा कैबिनेट को कभी भी खाली न होने दें

मेडिकल इमरजेंसी से बचने के लिए इस बात को भी सुनिश्चित करें कि आपके दवा कैबिनेट में सभी प्रकार की दवाएं पर्याप्‍त मात्रा में हो। जो कम से कम अगले एक सप्‍ताह तक आपकी मदद कर सकें। ऐसा करने से आपको इस तरह की स्थितियों जैसे फार्मेसी में दवाओं के कम स्‍टॉक  या अचानक से स्‍टेशन से बाहर जाने में मदद मिलेगी। image courtesy : getty images

महत्वपूर्ण नम्‍बर को स्पीड डायल में स्‍टोर करें

अपने फोन में महत्‍वपूर्ण नम्‍बर को सूची बनाकर रखें, ताकी आपातकाल के दौरान वहां पर उपस्थित लोग आपके आवश्यक लोगों के साथ संपर्क बना सकें। इस सूची में घर के करीब अस्‍पताल, पड़ोसियों, परिवार के सदस्‍यों, एम्‍बुलेंस सर्विस और आपके डाक्‍टरों आदि का नम्‍बर होना चाहिए। साथ ही आपके परिवार के सदस्यों को भी इन नम्‍बरों के बारे में पता होना चाहिए, ताकी किसी आपातकालीन स्थिति में वह हमेशा तैयार रहे।  image courtesy : getty images

मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रखें

मेडिकल रिकॉर्ड और अन्‍य ऐसे पेपर जिनमें आपके चिकित्‍सा का इतिहास शामिल हो, फेंके नहीं। सभी बीमारियों के रिकॉर्ड और चिकित्सा के बारे में सभी जानकारी को एक सुरक्षित फाइल में रखें। इस फाइल में डॉक्‍टर के क्लीनिक/अस्पताल के दौरे के दौरान मिली सीटी स्‍कैन, एक्‍स-रे, दवाओं की जानकारी सब कुछ शामिल होनी चाहिए। image courtesy : getty images

आपातकालीन कक्ष में व्यवहार की जानकारी

कुछ लोग इमरजेंसी रूम को देखकर चीखने चिल्‍लाने लगते हैं। लेकिन इमरजेंसी रूम आतंक की जगह नहीं है, वास्‍तव में आपको यहां पर शांत रहना होता हैं। इसलिए अगर आप स्‍वयं को अचानक से आपातकालीन कक्ष में पाये तो सुनिश्चित करें कि आप वहां पर शांत बने रहें। डॉक्‍टर रोगी के चिकित्‍सा इतिहास और वर्तमान स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में जानकारी लेने के बाद ही इलाज करता हैं।  image courtesy : getty images

जीवन के समर्थन की मूल बातें

आपको अपने आप को जीवन के समर्थन से जुड़ी कुछ बुनियादी तकनीक के लिए प्रशिक्षित करना होगा। हालांकि यह आपको बेकार लग सकता है, क्‍योंकि इसे वास्‍तव में सीखने के लिए कुछ समय बिताना पड़ता है। और बहुत कम लोग ही शायद इसे अपने जीवन में लागू करते हैं। लेकिन आपको यह जानकर आश्‍चर्य होगा कि जीवन के समर्थन की बुनियादी तकनीक अस्‍पताल में दवाओं की तरह अधिक सामान्‍य इस्‍तेमाल की जाती है। सबसे बुनियादी जीवन का समर्थन करने वाली तकनीक सीपीआर (कार्डिओ पल्मोनरी रिससिटैशन) है और तकनीक वास्‍तव में जीवन को बचा सकती हैं विशेषरूप अनुत्तरदायी व्यक्ति जिसने सांस लेने बंद कर दिया है या जिनके दिल ने विभिन्न परिस्थितियों जैसे दिल के दौरे के कारण काम करना बंद कर दिया हैं। image courtesy : getty images

मेडिकल बीमा में निवेश

जवानी में अक्‍सर लोग मेडिकल जीवन बीमा पर निवेश करने के बारे में परवाह नहीं करते, क्‍योंकि इस समय उन्‍हें स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का समस्‍या करने की संभावना कम होती है। लेकिन समय पर बीमा पर सही निवेश न करने पर, वयस्‍क उम्र में स्वास्थ्य देखभाल की लागत में बढ़ोतरी हो जाती है। इसलिए समय पर मेडिकल बीमा करवाना चाहिए। आजकल कई स्वास्थ्य बीमा विकल्प मौंजूद हैं और आप सुझाव के लिए अपने एजेंट से पूछ सकते हैं। इसके अलावा, आपको बीमा की पॉलिसियों के नियम और शर्तों के बारे में जानकारी होनी च‍ाहिए। साथ ही टीपीए कार्ड हर समय अपने पर्स में रखें।  image courtesy : getty images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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