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हिप यानी कुल्‍हे के लिए जरूरी है ये 8 स्‍ट्रेचिंग एक्‍सरसाइज़, जानें इसके फायदे

स्‍ट्रेंचिंग अर्थात शरीर की मांसेपेशियो को खींचने से मांसपेशियां न केवल मजबूत बनती हैं बल्कि शरीर के अंगों को सही आकार भी मिलता है। हिप्‍स को सही आकार देने के लिए भी कुछ खास तरह की स्‍ट्रेचिंग करने से फायदा होता है।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Atul ModiMar 22, 2018

कूल्हों के लिये स्ट्रेच

ट्रेंचिंग अर्थात शरीर की मांसेपेशियो को खींचने से मांसपेशियां न केवल मजबूत बनती हैं बल्कि शरीर के अंगों को सही आकार भी मिलता है। हिप्स को सही आकार देने के लिए भी स्ट्रेचिंग बेहद फायदेमंद होती है। हिप स्ट्रेचिंग इस लिये भी जरूरी है, क्योंकि जब हम व्यायाम करते हैं तो शरीर के निचले अंगों का वर्कआउट करना मिस कर देते हैं। तो चलिये विस्तार से जानें कि स्ट्रेचिंग के जरिये कैसे अपने हिप्स को सही आकार दें और शरीर के बाकी अंगों को भी फायदा पहुंचाएं।

हिप स्ट्रेच

हिप स्ट्रेच करने के लिये पीठ के बल लेट जाएं और घुटनों को मोड़ें और दाएं पैर को बाएं पैर पर रख लें। अब दोनों हाथों को जांघ के निचले हिस्से पर सहारा देते हुए पैरों से सीने को छूने का प्रयास करें। तीन से चार बार लंबी सांस भरें और फिर इस प्रकिया को बाएं पैर को दाएं पैर पर रखकर भी दोहराएं।
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क्वाड्रिसेप्स स्ट्रेच

इस स्ट्रेच को करने से शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियां जिन्हें क्वाड्रिसेप्स मसल्स कहा जाता है, स्ट्रेच होती हैं। इससे कमर के नीचे का भाग लचीला और चुस्त बनता है। क्वाड्रिसेप्स स्ट्रेच एक्सरसाइज को करने के लिए दोनों पैरों पर सीधे खड़े हो जाएं और अपना बैलेंस बनाने के लिए किसी मजबूत सी चीज को बाएं हाथ से पकड़ लें। इसके बाद दाएं हाथ से दाएं पैर की एड़ी को पकड़ें और घुटने को पीछे की ओर मोड़ते हुए एड़ी को कूल्हे के पास तक ले जाएं। और फिर दूसरे पैर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं।
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स्पाइनल ट्विस्ट

स्पाइनल ट्विस्ट को करने के लिये घुटनों के बल बैठें, फिर बाएं पैर को दाएं पैर पर रखें और फिर इशके बाद दाहिने हाथ को बाएं घुटने पर रख लें। बाएं हाथ से जमीन का सहारा लें और शरीर को धीरे-धीरे बाईं तरफ मोड़ें। तीन से चार बार गहरी सांस लें और फिर इस प्रक्रिया को दूसरी दिशा में स्ट्रेच करते हुए दोहराएं।
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हिप-फ्लैक्सर स्ट्रेच

हिप-फ्लैक्सर मसल्स, कूल्हे और उनके ऊपरी भाग पर मौजूद होती हैं। इन्हीं की मदद से हमारे पैर ऊपर-नीचे, आगे-पीछे, दाएं-बाएं और बाएं से दाएं की ओर मूवमेंट कर पाते हैं। लेकिन लगातार कई घंटों तक बैठे रहने की नौकरी के चलते इन मसल्स के सख्त और चोटिल होने का खतरा बना रहता है। स्टिफ हिप-फ्लैक्सर मसल्स की वजह से पीठ में दर्द, कूल्हे के अगले हिस्से में झुकाव आदि समस्याएं हो सकती हैं। तो इन समस्याओं से बचने के लिए हिप-फ्लैक्सर स्ट्रेचिंग करना चाहिये। हिप-फ्लैक्सर स्ट्रेच करने के लिए पहले थोड़ा नीचे की ओर झुकें और फिर इसके बाद अपना बायां पैर आगे की ओर लाएं, हाथों को कमर या जांघों पर रखें और फिर बाएं पैर पर वजन डालें। इस प्रक्रिया को दाएं पैर से भी दोहराएं।
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डीप स्‍क्‍वैट

हिप्स को सही आकार देने के लिए डीप स्‍क्‍वैट स्‍टैंड बेहद असरदार और कामयाब स्ट्रेच एक्सरसाइज है। इसे करने के लिये सीने को सीधा रखते हुए सामने की ओर देखें और नीचे झुकते हुए अपने दोनों हाथों से पैरों की उंगलियों को पकड़ लें। फिर जितना झुक सकते हैं नीचे झुकियें, और फिर सामान्‍य स्थिति में आ जायें। इसे 10 बार दोहरायें।
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सैमसन स्‍ट्रेच

सैमसन स्ट्रेच काफी हद तक लंज से मिलता-जुलता वर्कआउट होता है। सैमसन स्ट्रेच करने के लिए सीधे खड़े हो जायें और फिर दोनों हाथों को ऊपर उठाकर एक-दूसरे से सटा लें। अब हाथों को ऊपर रखते हुए लंजेज करें। इस प्रक्रिया को कम से कम 8 से 10 बार दोहरायें। 

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काउच स्‍ट्रेच

काउच स्‍ट्रेच करने से कूल्‍हे और पैर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसे करने के लिए दीवार का सहारा लें और दाहिन पैर को पीछे मोड़कर दी‍वार में सटा लें, और बायें पैर को आधा मोड़कर उस पर अपने हाथ रख लें। 30 सेकेंड के बाद यह क्रिया दूसरे पैरों से भी दोहरायें।
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स्‍पाइडरमैन स्‍ट्रेच

स्‍पाइडरमैन स्‍ट्रेच करने के लिए पुशअप्‍स पोजीशन में आ जाएं, और फिर दांये पैर को 90 डिग्री पर मोड़ें। अब दाहिने हाथ से दाहिने पैर को पकड़ लें और शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए बायें हाथ को जमीन पर रखें। अब अपने कूल्‍हों को आगे की तरफ लायें, और इस स्थिति में 5 सेकेंड तक रुकें रहें, और फिर वापिस पुरानी अवस्था में लौट आयें। इसे एक पैर पर 10 बार दोहरायें, फिर यही क्रिया दूसरे पैर से करें।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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