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कढ़ी पत्‍ते के सात आश्‍चर्यजनक उपयोग

कढ़ी पत्ते में आयरन, जिंक, कॉपर, कैल्शियम, विटामिन 'ए' और 'बी', अमीनो एसिड, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फोलिक एसिड आदि पाये जाते है। इस तरह से कढ़ी पत्ता आपके स्‍वास्‍‍थ्‍य के लिए बहुत फायदेमंद है।

घरेलू नुस्‍ख By Pooja Sinha / Dec 18, 2014

कढ़ी पत्ता

कढ़ी पत्ते में ढेरों औषधीय गुण होते हैं। भारतीय भोजन में इसका प्रयोग सदियों से होता आ रहा है। आमतौर पर सुगंध और सजावट के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। कढ़ी में छौंक लगाने और दाल को स्वादिष्ट बनाने में इनका विशेषकर उपयोग किया जाता है। लेकिन दक्षिण भारतीय आहार जैसे सांभर और रसम में इनका उपयोग बहुत अधिक होता है, फिर भी इस मसाले में स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ कई औषधीय गुण भी हैं। कढ़ी पत्ते में आयरन, जिंक, कॉपर, कैल्शियम, विटामिन 'ए' और 'बी', अमीनो एसिड, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फोलिक एसिड आदि पाये जाते है। इस तरह से कढ़ी पत्ता पेट के लिए बहुत फायदेमंद है। आइए इसके कुछ और आश्‍चर्यजनक उपयोगों के बारे में जानते हैं।
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डायरिया को दूर करें

कढ़ी पत्ते में कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण की मौजूदगी के कारण इसे पेट के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता हैं। यह डायरिया के मुख्य कारण पित्‍त को पेट से दूर करता है। डायरिया की समस्‍या होने पर कुछ कढ़ी पत्तों का अच्‍छे से पीस कर छाछ में मिलाकर पिएं। ऐसा एक दिन में दो बार करने से आराम मिलता है।
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दिल की बीमारी में फायदेमंद

विभिन्‍न शोधों के अनुसार, कढ़ी पत्ते में ब्लड कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले गुण होते हैं, जिससे आप दिल की बीमारियों से बचे रहते हैं। कढ़ी पत्ता में मौजूद पोषक तत्व शरीर से टॉक्सिन दूर करने में मदद करते हैं। प्रतिदिन भोजन में आठ से दस कढ़ी पत्ते का इस्तेमाल शरीर को डीटॉक्सिफाई करता है और बैड कोलेस्ट्रॉल घटाता है। कढ़ी पत्‍तों को आप कच्‍चा भी चबा सकते हैं।
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डायबिटीज को कंट्रोल करें

कढ़ी पत्‍ता डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसमें एंटी डायबिटिक एंजेट की मौजूदगी शरीर में इंसुलिन की गतिविधि को प्रभावित कर ब्लड शुगर के स्‍तर को कम करती है। साथ ही कढ़ी पत्‍ते में मौजूद फाइबर डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। साथ ही कढ़ी पत्ता मोटापे के कारण होने वाली डायबिटीज की समस्‍या को दूर करता है। डायबिटीज रोगी का अपने आहार में कढ़ी पत्ते की मात्रा को बढ़ाने या फिर नियमित रूप से सुबह तीन महीने तक खाली पेट कढ़ी पत्ता खाने से फायदा होता है।
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लीवर को सुरक्षित रखें

कढ़ी पत्ते की एक और खासियत यह भी है कि यह लीवर को भी सुरक्षित रखता है। अगर आप शराब या मछली का सेवन अधिक करते हैं तो कढ़ी पत्ता आपके लीवर को इससे प्रभावित होने से बचा सकता है। मछली में पाया जाने वाला मर्करी जैसा हानिकारक तत्‍व और एल्कोहल की वजह से लीवर पर पड़ने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कढ़ी पत्ता कम करता है। लीवर में समस्‍या होने पर घर के बने हुए थोड़े से घी को गर्म करके उसमें कढ़ी पत्ते का जूस मिलाएं। इसके बाद थोड़ी सी शक्‍कर और पीसी काली मिर्च भी मिला लें। फिर इसे उबाल कर और थोड़ा सा ठंडा करके पी लें।
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आंखों की रोशनी बढ़ाये

कढ़ी पत्ता के सेवन से आंखों की ज्योति बढ़ती है। यह आंखों की बीमारियों में भी बहुत लाभकारी होता है इसमें मौजूद एंटी-ऑक्‍सीडेंट मोतियाबिंद को शुरू होने से रोकता है। नियमित रूप से कढ़ी पत्‍ते की कुछ पत्तियों को खाने आंखों की बीमारियों को दूर किया जा सकता है। आप इसका इस्‍तेमाल अपने आहार में या ऐसे ही कच्‍चा भी खा सकते हैं।  
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एनीमिया में लाभकारी

कढ़ी पत्ते में आयरन और फोलिक एसिड की भरपूर मात्रा होने के कारण यह एनीमिया के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। एनीमिया शरीर में आयरन की कमी के अलावा आयरन को अब्जॉर्ब करने और उसे इस्तेमाल करने की शक्ति कम होने से होता है। एनीमिया की समस्‍या होने पर एक खजूर को दो कढ़ी पत्तों के साथ सुबह खाली पेट नियमित रूप से खाने से शरीर में आयरन का स्‍तर बढ़ता है और एनीमिया की संभावना होती है।
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बाल को सफेद होने से रोकें

कढ़ी पत्ते में विटामिन बी1 बी3 बी9 और सी होता है। इसके अलावा इसमें आयरन, कैल्शियम और फॉस्फोरस भी भरपूर मात्रा में होता  है। इसलिए इसके नियमित इस्तेमाल से सफेद बालों की समस्‍या से बचा जा सकता है। इसे इस्‍तेमाल करने के लिए रातभर भीगे हुए बादाम को पानी और 10-15 कढ़ी पत्तों के साथ पीसकर पेस्‍ट बना लें। फिर इस पेस्ट को सिर की त्‍वचा पर लगाकर मसाज करें। इसके बाद किसी अच्छे माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें। ऐसा हफ्ते में एक बार करने से कुछ ही हफ्तों ही आपको फर्क महसूस होने लगेगा।
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