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इस साल के 7 सबसे चर्चित योगासन

पोषक तत्‍वों से भरपूर होने के कारण कुछ फूड को अन्‍य की तुलना में सुपर फूड कहा जाता है। इसी तरह योगासन में कुछ आसन ऐसे होते हैं जिन्‍हें हम सुपर योगासन के रूप में जानते हैं क्‍योकि यह सुपर योग आपके संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत अच्‍छे होते हैं। आइए

योगा By Pooja Sinha / Dec 08, 2016

इस साल के सबसे चर्चित योगासन

शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य की देखभाल के लिए सदियों से योग का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। ले‍किन कुछ योगासन ऐसे है जिन्‍हें हम सुपर योगासन के रूप में जानते हैं, क्‍योंकि यह सुपर योग आपके पूरे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। जिन्‍हें करने के लिए आपको योग कक्षा में घंटों बिताने की जरूरत नहीं बल्कि कुछ ही मिनटों में इसे करने से आप अविश्‍वसनीय लाभ पा सकते हैं। आइए इस साल के ऐसे ही कुछ सबसे चर्चित योगासन के बारे में जानें, जो आपको स्‍वस्‍थ रखने में एक उपकरण की तरह काम करते हैं।

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार सबसे ज्यादा जाना-जाने वाला और व्यापक रूप से किया जाने वाला आसन है। सूर्य नमस्कार का अर्थ है-'सूरज का अभिवादन'। इसमें मौजूद 12 योग मुद्राएं शरीर के विभिन्न भागों को केंद्रित करता है। इसकी यही खासियत इसे पूरे शरीर के लिए फायदेमंद बनाती है। उदाहरण के लिए प्रार्थना की मूल मुद्रा, आगे की ओर मुड़ना और फिर भुजांगासन करना। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि शरीर को चुस्त रखने के लिए सूर्य नमस्कार एक बढ़िया तरीका है, क्योंकि इससे शरीर के लगभग हर अंग की एक्‍सरसाइज होती है। यह शरीर की सहनशक्ति बढ़ाने, तनाव और चिंताओं को दूर करने में भी सहायक है।
folomojo.com

हॉट योगा

हॉट योगा एक ग्‍लैमरस, लेकिन मुश्किल योग है। 90 मिनट के इसके एक सत्र में 26 जटिल आसन और दो प्राणायाम शामिल होते हैं। और इसकी खास बात है कि यह एक ऐसे कमरे में होता है, जहां का तापमान 40 डिग्री सेंटीग्रेड या उससे ऊपर रखा जाता है और वहां की आर्द्रता 50 प्रतिशत के आसपास होती है। शायद इस आसनों को करते समय या इन्हें करने के पश्चात इस होने वाले गर्म तापमान के कारण ही इसे हॉट योगा कहा जाने लगा है। ऐसा माना जाता है कि हॉट योगा दांपत्य जीवन के साथ-साथ, मस्तिष्क व शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभदायक होता है, और इससे व्यक्ति तनाव मुक्त रहकर आत्मविश्वास से भरा रहता है

पूर्वोत्तनासन

पूर्वोत्तनासन करना थोड़ा मुश्किल होता है| लेकिन क्या आप जानते है इससे मिलने वाले फायदों को जानने के बाद आप इस आसान को भी करना चाहेंगे। शुरुआत में इस आसान को करने में थोड़ी दिक्कत आती है, लेकिन धीरे धीरे हम इसे करने में सफल हो जाते है। यह आसान आपकी पीठ, रीढ़ की हड्डी, कंधे, हाथ, कलाई और जंग लगी मांसपेशियों पर काम करता है। यह श्वसन प्रणाली को सही रूप से चलाने के लिए भी बहुत अच्छा आसन है। यही नहीं, यह शरीर की मुख्य ताकत को बढ़ाने में भी मदद करता है। यह आपके पैरों, जांघों की अंदरूनी मांसपेशियां और हिप्स पर भी असर डालता है। इसे करने के लिए अपने पैरों पर बैठकर उन्हें आगे की ओर खींचें। हाथों को हिप्स के पीछे ले जाएं और पैरों की तरफ करें। अब पैरों से शरीर को ऊपर की तरफ उठाएं और सिर को पीछे की ओर ले जाये।  
Image Source : corewalking.com

त्रिकोणासन

इस आसन को करते समय शरीर का आकार त्रिकोण के समान होने के कारण इसे त्रिकोणासन कहा जाता हैं। मोटापे से परेशान लोगो के लिए यह सबसे सरल और उपयोगी आसन हैं। त्रिकोणासन का नियमित अभ्यास करने से आपके पेट, कमर, जांघ और हिप्‍स पर जमी अतिरिक्त चर्बी को आसानी से घटाया जा सकता हैं। यह आसन करने के लिए पैरों को फैला लें, जिसमें सीधा पैर बाहर निकाल लें। अब अपने हाथों को बाहर की ओर खोल लें और सीधे हाथ को धीरे-धीरे नीचे की तरफ सीधे पैर की ओर ले जाएं। सीधी कमर के साथ नीचे की ओर देखें। अब अपनी सीधी हथेली को जमीन पर रखें और अपने उल्टे हाथ को ऊपर की ओर ले जाएं। इसी प्रक्रिया को दूसरी साइड से भी दोहराएं। यह आसन शरीर की साइडों, हाथों और जांघों पर काम करता है।

वीर भद्रासन

अगर आप अपने भारी वजन, कमर-कूल्हे-पेट-जांघ की चर्बी और सुस्ती से परेशान हैं तो हजारों जिम पर खर्च करने या वहां जाने की भी जरुरत नहीं क्‍योंकि वीर भद्रासन से आप इन सभी समस्‍याओं से निजात पा सकते हैं। यह योद्धा मुद्रा आपके पैर, जांघ, पीठ और हाथ पर काम करती है। यही नहीं, यह रक्त प्रवाह सही करने में भी मदद करती है। इस आसन को करने से शरीर को शक्ति मिलती है। इस आसन की मुद्रा पहाड़ों पर जाने वाली मुद्रा के सामान होती है। अपने एक पैर को पीछे की ओर खींचकर, दूसरे पैर को आगे कूदने की मुद्रा में बना लें, जिसमें घुटने 90 डिग्री मुद्रा में हो और हाथों को जोड़कर सिर के ऊपर तक ले जाएं। वीरभद्रासन करने के लिए आप इस मुद्रा को आगे ले जा सकते हैं, जिसमें अपने हाथ छाती के सामने ले जाएं और खींचे हुए पैरों को सीधा कर लें, वहीं दूसरे पैर को अभी भी 90 डिग्री पर ही रखें और अपने दोनों हाथों को खींचकर बाहर की तरफ फैला लें।

सर्वांगासन

इस आसन से आपका रक्त संचार सही रहता है और ऊर्जा का स्तर भी बनाए रखता है। इस आसन में शरीर के सारे अंगों का व्यायाम एक साथ हो जाता है इसलिए इसे सर्वांगासन का नाम दिया गया है। जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को शरीर के साइड में रखें। दोनों पैरो को धीरे-धीरे ऊपर उठाइए। पूरा शरीर गर्दन से समकोण बनाते हुए सीधा लगाएं और ठोड़ी को सीने से लगाएं। इस पोजीशन में 10 बार गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे नीचे आएं।

अष्‍टांग योगा

अष्टांग योगा में शरीर के आठ अंगों से जमीन को स्पर्श करते हैं, इसलिए इसे अष्टांग योगा कहते हैं। इस आसन में जमीन का स्पर्श करने वाले अंग चिन, चेस्‍ट, दोनों हाथ, दोनों घुटने और दोनों पैर हैं। इस आसन को करते वक्त इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि पेट से शरीर का स्पर्श बिलकुल ही न होने पाए। अष्टांग आसन मुद्रा में टेबल मुद्रा, श्वान मुद्रा और सर्प मुद्रा के आसनों का अभ्यास किया जाता है। अष्टांग योगा करने से पीठ और गर्दन में मौजूद तनाव दूर होता है और अष्टांग आसन को हर रोज करने से शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं और शरीर लचीला होता है। इस आसन को जमीन पर करने से पहले अपने घुटने के नीचे कंबल अथवा तौलिया मोडकर रख लीजिए इससे घुटने आरामदायक स्थिति में रहेंगे और आप ज्यादा देर तक योगा कर सकते हैं।
Image Source : Getty

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