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इन खाद्य पदार्थों पर भी लिखी होनी चाहिये चेतावनी

सिगरेट व शराब आदि पर साफ-साफ चेतावनी लिखी होती है, क्योंकि उनमें नुकसान करने वाले तत्व मौजूद होते हैं, तो भला इन नुकसानदायक खाद्यों पर चेतावनी क्यों नहीं होनी चाहिये!

स्वस्थ आहार By Rahul SharmaJun 26, 2015

इन खाद्य पदार्थों पर होनी चाहिये चेतावनी


ऑफिस में भूख लगी तो झट से बगल में रखा चिप्‍स का पैकेट खोला और खा लिया। नहीं तो बर्गर, फ्रेंच फ्राई और कोल्‍ड ड्रिंक ले ली। लेकिन क्या आपको पता है कि ऐसा कई खाद्य पदार्थ हैं जो हम बिना सोचे-समझे धडल्ले से खा रहे हैं। लेकिन ये सभी हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिये बहुत बुरे होते हैं और इन सभी पर कोई चेतावनी नहीं होती है। सिगरेट व शराब आदि पर साफ-साफ चेतावनी लिखी होती है, क्योंकि उनमें नुकसान करने वाले तत्व मौजूद होते हैं, तो भला इन नुकसानदायक खाद्यों पर चेतावनी क्यों नहीं होनी चाहिये! तो चलिये जानें कुछ ऐसे ही खाद्य पदार्थ जिन पर चेतावनी जरूर लिखी होनी चाहिये।
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कॉर्न सिरप


पिछले कुछ समय से हम हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप की तकरीबन 20 गुना ज्यादा मात्रा का सेवन करने लगे हैं। हम किसी और स्रोत की तुलना में हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप से अधिक कैलोरी प्राप्त करने लगे हैं। और यह लगभग हर चीज़ में है। यह ट्राइग्लिसराइड बढ़ाता है, फैट जमा करने वाले हार्मोन को बढ़ावा देता है और इसकी वजह से लोग ओवर ईटिंग कर अपना वजन बढ़ा लेते हैं। तो इन कॉर्न सिरप खाद्यों पर चेतावनी का होना आवश्यक है।  
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नमकीन जंक फूड


शरीर में सोडियम का संतुलन पोटेशियम से होता है। पोटेशियम एवं सोडियम का स्वस्थ अनुपात है 1.5 अर्थात्‌ पोटेशियम की मात्रा सोडियम की मात्रा से डेढ़ गुना होने पर शरीर में इनका संतुलन बना रहता है। जबकि एक अध्ययन के मुताबिक बाजार में उपलब्ध अधिकांश नमकीन पदार्थों (खासतौर पर जंक फूड) का पोटेशियम सोडियम अनुपात 0.02 से 0.54 है। अर्थात्‌ किसी भी पदार्थ में यह अनुपात मानक 1.5 नहीं है। इस अनुपात का असंतुलन उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, गुर्दे के रोग, अस्थितंत्र के रोग एवं नाड़ी संबंधी गड़बड़ियों का कारण बनता है। इसके अतिरिक्त तले हुए पदार्थों में उपस्थित अधिक वसा की मात्रा मोटापा, हृदय रोग एवं मधुमेह का कारण होती है। इन पर चेतावनी होनी चाहिये।  
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सोडियम बेन्जोएट और पोटाशियम बेन्जोएट


सोडियम बेन्जोएट और पोटाशियम बेन्जोएट जैसे प्रिजर्वेटिव सोडे में कई बार मिलाए जाते हैं, ताकि उसमें फफूंद आदि लगने से रोका जा सके। लेकिन बेन्जेन एक कैंसरकारी तत्व होता है, साथ ही इससे गंभीर थायरायड क्षति का भी जोखिम होता है। सोडे की प्लास्टिक बोतलों को गर्माहट में रखने पर और इसके प्रिजर्वेटिव के एस्कोर्बिक एसिड (विटामिन सी) के साथ मिलने पर बेन्जेन अपने खतरनाक स्तर पर पहुंच सकता है। तो इस प्रकार के पेय के ऊपर तो चेतामनी अवश्य लिखी होनी चाहिये।
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आर्टिफिशल स्वीटनर


ऐस्पर्टेम (न्यूट्रास्वीट, इक्वल), सैकरीन और सुकरालोज हमारे मेटाबोलिक सिस्टम के लिए साधारण शर्करा से कहीं ज्यादा भारी पड़ते हैं। इन सभी को डाइट-फ्रेंडली स्वीटनर माना तो जाता है लेकिन ये फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। कुछ अध्ययनों के अनुसार आर्टिफिशल स्वीटनर ज्यादा मात्रा में खा लेते हैं। मीठी खाने की चीज़ों के लेबल पर लिखी सामग्री के बारे में पढ़ें और किसी भी प्रकार के आर्टिफिशल स्वीटनर का सेवन न करें। इस प्रकार के खाद्यों पर चेतावनी छपी होनी चाहिये।  
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टाइल हाईड्रोक्सीएनिसोल (बीएचए)



बीएचए भी संभावित कैंसरकारी तत्व होते है, हालांकि अमेरिकी एफडीए द्वारा इन्हें सुरक्षित माना है। इसका काम दरअसल खाने की खराबी और फू़ड पॉइजनिंग को रोकने का होता है, लेकिन यह हार्मोन को काफी नुकसान भी पहुंचा सकता है। बीएचए बहुत सारी खाने की चीजों में मौजूद होता है। ये फूड पैकिंग और कॉस्मेटिक्स में भी पाया जाता है। इस लिये टाइल हाईड्रोक्सीएनिसोल उपयोग हुए सभी खाद्यों पर चेतावनी छपी होनी चाहिये।  
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शॉर्टनिंग


ऐसे खाद्य पदार्थ जिसमें शॉर्टनिंग या आंशिक रूप से हाईड्रोजिनेटिड ऑयल का इस्तेमाल किया गया होता है, उनके सेवन से नुकसान होता है। दरअसल ये खराब ट्रांस फैट होते हैं। ये आपकी धमनियों में अवरोध पैदा करने, मोटापे और मेटाबॉलिक सिंड्रोम आदि के जोखिम को बढ़ाते हैं। इन खाद्य पदार्थों पर चेतावनी निर्देश दिया जाने चाहिये।
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सोडियम नाइट्रेट और सोडियम नाइट्राइट




ये दोनों प्रिजर्वेटिव प्रोसेस मीट जैसे, बेकन और हॉट डॉग्स आदि में पाए जाते हैं। ये दोनों ही शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह प्रिजर्वेटिव होते हैं। माना जाता है कि इनके सेवन से कोलोन कैंसर और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा पैदा होता है। वहीं इनके कारण डायबिटीज भी हो सकता है। अतः इन पर भी चेतावनी लिखी होनी चाहिये।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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