• shareIcon

ब्‍लड ग्रुप के कारण हो सकती हैं आपको ये बीमारियां

क्यों कुछ लोग क्रोनिक बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं, और कुछ दूसरे जीवन में स्वस्थ और अच्छी तरह से रहते हैं। दरअसल इसका जवाब आपके ब्लड ग्रुप में छुपा है।

तन मन By Pooja Sinha / Sep 26, 2014

ब्‍लड ग्रुप के कारण बीमारियां

ब्‍लड के प्रकार शरीर के अधिक रहस्यमय वर्गीकरणों में से एक है। वास्‍तव में ब्‍लड के चार प्रकार होते हैं, जैसे - ए, बी, एबी, और ओ - जो एंटीजन के चार समूहों का प्रतिनिधित्व करते हैं, और ये लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर पाये जाते हैं। हमारे ब्‍लड के प्रकार व्‍यक्तिगत स्‍वास्‍थ्‍य की जटिल स्वरूप को प्रकट करते हैं। आप कई बार इस बात को जानकर आश्‍चर्यचकित होते होगें कि क्यों कुछ लोग क्रोनिक बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं, और कुछ दूसरे जीवन में स्वस्थ और अच्छी तरह से रहते हैं। दरअसल इसका जवाब आपके ब्लड ग्रुप में छुपा है। यहां छह प्रकार के ब्‍लड ग्रुप के बारे में बताया गया है। image courtesy : getty images

ब्‍लड ग्रुप से बीमारियों का खतरा

शोध में पाया गया कि कुछ ब्लड ग्रुप के व्यक्तियों में कुछ विशेष बीमारियों का उच्च जोखिम हो सकता है। अध्‍ययन के अनुसार, 'ओ' ब्लड ग्रुप वाले लोगों में हृदय रोग का जोखिम कम होता है। लेकिन इन लोगों में पेट के अल्सर के विकास का उच्च जोखिम होता है। 'ए' टाइप ब्लड ग्रुप वाले लोगों में सूक्ष्म संक्रमण का उच्च जोखिम होता है, लेकिन इस ब्लड ग्रुप वाली महिलाओं में प्रजनन क्षमता अच्छी होती है। एक अन्य शोध में पाया गया कि टाइप 'एबी' और 'ए' वाले लोगों में अग्नाशय के कैंसर के विकसित होने का खतरा अधिक होता है। image courtesy : getty images

याद्दाश्‍त की समस्याएं

जोखिम : 'एबी'
एक शोध के अनुसार, 'एबी' ब्लड ग्रुप वाले लोगों में ज्यादा सोचने और याददाश्त कमजोर होने की समस्या ज्यादा होती है। इससे भविष्य में उन्हें अन्य रक्त समूहों वाले लोगों की अपेक्षा मनोभ्रंश होने का खतरा भी ज्यादा रहता है। बर्लिगटन में यूनिवर्सिटी ऑफ वरमॉन्ट के कॉलेज ऑफ मेडिसिन में शोधकर्ता मेरी कशमैन के अनुसार, शोध के दौरान ब्लड ग्रुप और संज्ञानामत्मक हानि पर अध्ययन किया गया। जिन लोगों का रक्त समूह 'एबी' होता है, उनमें स्मृति संबंधी समस्याएं होने का खतरा अन्य लोगों की अपेक्षा 82 फीसदी ज्यादा होता है। शोधकर्ताओं को संदेह है कि ऐसा प्रोटीन के थक्‍कों के कारण है, जो मस्तिष्‍क में रक्त प्रवाह की गुणवत्ता को कम कर देता है। image courtesy : getty images

अग्नाशय कैंसर

जोखिम : 'ओ'  
जीवाणु संक्रमण पर काम कर रहे येल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कहा कि ब्‍लड 'ओ' के लोगों में अग्‍नाश्‍य कैंसर का खतरा कम होता है। लेकिन पिछले साल विश्वविद्यालय के कैंसर केंद्र के वैज्ञानिकों ने जुलाई में किए गए एक अध्‍ययन में हेलिकोबेक्टर या एच पाइलोरी नामक जीवाणु की आम प्रजाति के मामलों को देखा और पाया कि यह लोगों के पेट में रहता है। उन्‍होंने पाया कि एच पाइलोरी से ग्रस्‍त लोगों में अग्‍नाशय कैंसर के विकास की संभावना काफी अधिक होती है, इसका कारण 'ए' और 'बी' एंटीजन बैक्‍टीरिया को पनपने में मदद करते हैं। 'ए' ब्‍लड ग्रुप के लोगों में लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर कोई एंटीजन नहीं होता है इसलिए वह किसी को भी ब्‍लड डोनेट कर सकते हैं। image courtesy : getty images

हृदय रोग

जोखिम: 'एबी'
2012 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्‍ययन ने 'ओ' नेगेटिव ब्‍लड ग्रुप वाले लोगो को हृदय रोग के उच्‍च जोखिम पर पाया। लेकिन 'एबी' प्रकार के ब्‍लड ग्रुप में ओ प्रकार के लोगों की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक पाया गया। एसिस्टेंट प्रोफेसर डिपार्टमेंट ऑफ नुट्रिशन के सहायक प्रोफेसर, लेखक डॉक्‍टर लू क्‍यूई के अनुसार, एंटीजन कोलेस्‍ट्रॉल और रक्तचाप की तरह काम करता है। लोग अपने ब्‍लड ग्रुप को नहीं बदल सकते है लेकिन चिकित्‍सक इस बात को बेहतर समझ सकते हैं कि किसमें हृदय रोग के विकास का खतरा है। image courtesy : getty images

तनाव

जोखिम : 'ए'
'ए' ब्‍लड ग्रुप वाले लोगों के शरीर में कोर्टिसोल, तनाव हार्मोंन का उच्‍च स्‍तर, तनावपूर्ण स्थितियों की प्रतिक्रिया में इसका और अधिक उत्पादन करते हैं। तनाव को कम करने वाली एक्‍सरसाइज जैसे ताई ची और योग तनाव को कम करने में बहुत फायदेमंद हो सकती है। अधिवृक्क ग्रंथि के रक्त में अधिक कोर्टिसोल उदासीनता के कारण लोगों में तनाव प्रतिक्रिया और अधिक तीव्र हो जाती है। और ब्‍लड ग्रुप 'ए' वाले खुद को बहुत जल्‍दी चिन्तित महसूस करते है। image courtesy : getty images

एक्‍सरसाइज

आमतौर पर, किसी भी व्‍‍यक्ति लाल रक्त कोशिकाओं में स्थित एंटीजन का निर्धारण कुछ हार्मोंन के स्राव पर निर्धारित होता है। ब्‍लड ग्रुप 'ए' और 'बी' वाले लोग कम तीव्रता वाली एक्‍सरसाइज जैसे योगा से आसानी से तनाव को शांत कर लेते हैं। इसी तरह, 'एबी' ब्‍लड ग्रुप से संबंधित लोग वर्कआउट के द्धारा अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली का ध्‍यान रखते हैं। जबकि 'ओ' ब्‍लड ग्रुप वाले लोग असमर्थता से होने वाली समस्‍याओं को जल्‍द ही अपने सिस्‍टम से तनाव हार्मोंन को स्‍पष्‍ट कर लेते हैं। एक प्राकृतिक चिकित्सक डॉक्‍टर नैश ने व्यक्तिगत जीवन के अनुभव के आधार पर इस बात को कहा। 'ओ' ग्रुप वाले लोग तनाव लेते है, लेकिन तनाव को दूर भी बहुत अ‍च्‍छी तरह से करते हैं। image courtesy : getty images

आंतों में जीवाणु

अलग-अलग ब्लड ग्रुप वाले लोगों में अलग-अलग आंतों के बैक्टीरिया होते हैं। लाल रक्त कोशिकाओं में रहने वाले, एंटीजन अक्‍सर पाचन तंत्र की परत में पाये जाते हैं- लगभग 80 प्रतिशत लोग इस श्रेणी में आते हैं। बहुत से बैक्‍टीरिया लोगों के आंतों में रहते हैं और इन एंटीजन को भोजन के रूप में उपयोग करते हैं, मोटे तौर पर यह ज्‍यादातर गायब और बैक्टीरिया के पनपने को निर्धारित करते है। पूर्व अनुसंधान के अनुमान के अनुसार, ब्‍लड ग्रुप 'बी' के लोगों में ब्‍लड ग्रुप 'ए' और 'ओ' की तुलना में अनुकूल बैक्‍टीरिया के पनपने की संख्‍या 50,000 बार अधिक होती है। image courtesy : getty images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK