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बच्‍चों को जरूर सिखायें ये 6 अच्‍छे आचरण

कोई भी बच्चा जन्म से ही सबकुछ सीखकर नहीं आता है। इसलिए बच्चे बड़े होकर एक अच्छे इंसान बने इसके लिए जरूरी है कि आप बचपन से ही उन्हें अच्छा आचरण सिखाएं।

परवरिश के तरीके By Pooja SinhaNov 16, 2015

बच्‍चों को सिखायें अच्‍छा आचरण

परिवार में बच्‍चे के जन्‍म के बाद आप उसे अच्‍छी परवरिश देने में लग जाते हैं। लेकिन बच्चों को अच्छे आचरण और शालीन व्यवहार सिखाना भी आपका ही फर्ज है। बच्चे बड़े होकर एक अच्छे इंसान बने इसके लिए जरूरी है कि आप बचपन से ही उन्हें अच्छा आचरण सिखाएं। बच्चे बगिया में खिले फूलों की तरह हैं, जिसे आप जैसे चाहे वैसे ढाला सकते है। कोई भी बच्चा जन्म से ही सबकुछ सीखकर नहीं आता है। आइए हम आपको बताते है कि बच्‍चों को अच्‍छा इंसान बनाने में मदद करने के लिए किस तरह का आचरण सीखना चाहिए।

माफी मांगना

अपने बच्‍चे को बताये कि बहस रिश्‍ते से बढ़कर नहीं हो सकती। किसी से माफी मांगना या किसी को माफ कर देने का मतलब यह नहीं कि आप कमजोर है बल्कि यह आपके मजबूत चरित्र को बताता है। इसलिए गलती होने पर तुरंत माफी मांग लेनी चाहिए।

टेबल मैनर्स सिखायें

बचपन से टेबल मैनर्स सीखना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होगा, उसे आपके साथ तमाम सोशल पार्टीज और अवसरों पर टेबल मैनर्स और कायदों का पालन करना होगा। अपने बच्‍चे को खाने का तौर-तरीका सिखाना न भूलें। बचपन में सिखाई गई बातें उम्र भर याद रहती है।

बड़ों का आदर करना

वृद्धजन हमारी अनमोल धरोहर हैं और इन्हें सहेजकर रखना हम सबकी जवाबदेही है। हमेशा बड़ों का आदर व सम्मान करना चाहिए और अपने बच्‍चों को भी अपने बुजुगों का आदर करना सीखाना चाहिए।

दूसरों के साथ अच्‍छा व्यवहार करना

अपने बच्चों को सिखाएं​ कि वह खुद के साथ जिस तरह का व्यवहार करते है, दूसरों के साथ भी वैसा ही व्यवहार करें। ऐसा करने से बच्चा हर अच्छे सामाजिक गुणों के साथ बड़ा होगा। इससे कोई भी उनके साथ बुरा बर्ताव नहीं कर पायेगा।

कमजोरों की मदद करना

बच्चे अक्‍सर अपने बड़ों का ही अनुसरण करते हैं। आप जैसा करेगें बच्‍चे वैसा ही सीखेगें। इसलिए अपने बच्चे को अच्छे आचरण और नैतिक मूल्यों के बारे में बताये और कमजोर और जरूरतमंदों के प्रति दया भाव रखना भी सिखाएं।

शालीन भाषा का प्रयोग

जैसा हम आचरण करते हैं, बच्चे भी वैसा ही सीखकर अपने व्यवहार में ढालते हैं अत: शालीनता सर्वोपरि है। इसलिए बच्चों से हमेशा शालीन भाषा का प्रयोग करते हुए ही बात करें। इससे बच्चों पर अच्‍छा प्रभाव पड़ेगा।
Image Source : Getty

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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