• shareIcon

किसी रिश्ते में कभी भी आप निर्धारित नहीं कर सकते ये 5 बातें

रिलेशनशिप हमेशा एक जैसा नहीं होता है और न ही इसमें कुछ बातें पूर्व-निर्धारित ही होती हैं, इनके बारे में इस स्लाइडशो में बात करते हैं।

डेटिंग टिप्स By Devendra Tiwari / Feb 03, 2017

रिश्ते की बातें

रिलेशनशिप हमेशा शत-प्रतिशत एक ही पैमाने पर नहीं चलता है और न ही किसी रिश्ते में आप चीजों को पहले से निर्धारित कर सकते हैं। क्योंकि एक सफल रिश्ते का पैमाना ही समझौता है और जहां समझौता होता है वहां चीजें पूर्व-निर्धारित नहीं होती हैं, इसमें समय और परिस्थिति के साथ बदलाव होता है। इसलिए रिश्ते को सफल बनाने के कुंजी यही है कि थोड़ा झुको, दूसरों की सूनों, परिस्थिति से समझौता करो, सुख-दुख में साथ रहो और दबाव न डालो। इसे जिसने समझ लिया उसका रिलेशनशिप खुशहाल रहता है। इस स्लाइडशो में कुछ इसी तरह के पहलुओं पर बात करते हैं, कि क्यों रिश्ते में कुछ बातों को पूर्व-निर्धारित नहीं कर सकते हैं।

भरोसा न हो

भरोसे पर ही दुनिया कायम है, रिलेशनशिप तो इसका एक हिस्सा मात्र है। तो जिस चीज पर दुनिया की बुनियाद टिकी है उसे आप पहले से कैसे निर्धारित कर सकते हैं। किसी रिलेशन में थोड़ा बहुत शक करना जायज है, लेकिन हमेशा शक करने से असुरक्षा की भावना पैदा होने लगेगी। ऐसे में कोई रिश्ता आगे बढ़ नहीं सकता और संबंध आगे बढ़ने की बजाय टूट जायेगा। क्योंकि जहां विश्वास नहीं वहां रिश्ता नहीं। इसलिए एक-दूसरे पर भरोसा कायम रखें, सबकी अपनी जिंदगी है, उसमें उतार-चढ़ाव होना लाजमी है।

प्रयास न करें

बिना प्रयास के कोई काम नहीं हो सकता, यह बात रिलेशनशिप में भी अहम भूमिका निभाती है। अगर आपको लगता है कि सामने वाला प्रयास करेगा और आप उसके भरोसे बैठे रहेंगे तो बात बढ़ नहीं पायेगी। इसलिए कभी भी यह निर्धारित न करें कि प्रयास के बिना चीजें आगे बढ़ेंगी। कहीं ऐसा न हो कि सामने वाला भी यही सोच रहा हो कि पहले आप प्रयास करें। ऐसे में पहले आप के चक्कर में गाड़ी कहीं छूट न जाये और आपके हाथ निराशा लगे।

जैसे को तैसा

रिलेशनशिप में उतार-चढ़ाव आना लाजमी है, इसके चलते कभी नोक-झोंक भी हो सकती है। हम जैसे को तैसा वाली फितरत में हमेशा जीते हैं। अगर पार्टनर ने आपका दिल दुखाया है तो आप भी उसक दिल दुखाने की कोशिश करते हैं और बात आगे बढ़ जाती है। ऐसे में रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच सकता है। इसलिए अगर किसी कारण से आपको दुख हुआ हो तो उसे भूलकर क्षमा करना सीखें। हमेशा रिश्ते को सुलझाने की सोचें न कि उलझाने की।

सुख में साथी

उजाला है तो अंधेरा भी होगा, इससे आप बच नहीं सकते। यही आपके रिलेशनशिप में भी है, जी हां, यह जरूरी नहीं कि आपका संबंध हमेशा खुशहाल हो, मौज-मस्ती  ही जीवन का हिस्सा हो। बल्कि इसमें दुख भी है, मुश्किलें भी हैं और चुनौतियां भी हैं। ऐसे में आप यह कभी नहीं सोच सकते कि आप पार्टनर के साथ हमेशा सुख में साथ दें। आप उनके जीवन का सबसे खास हिस्सा हैं तो क्यों न हर पल में उनका साथ दें और कदम से कदम मिलायें और रिश्ते के उतार-चढ़ाव का सामना साथ मिलकर करें।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK