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आंतों को स्वस्थ और पाचन तंत्र को बेहतर रखना है, तो डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें

आंतें हमारे पाचन तंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग हैं। आंतों में बनने वाले पाचक रस के कारण ही हमारा भोजन अच्छी तरह पचता है और हमारे शरीर को ऊर्जा और पोषण मिलता है। अगर आपको टॉयलेट में बहुत समय रहने के बाद भी संतुष्टि नहीं मिलती है और पेट साफ नहीं होता है,

स्वस्थ आहार By अनुराग अनुभव / Dec 18, 2018

हर समय न खाते रहें

हर समय खाते रहने की आदत आंतों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छी नहीं होती है। क्‍योंकि आंतों को साफ, बैक्‍टीरिया और अपशिष्ट मुक्त करने के लिए, पाचन को आराम देने की जरूरत होती है। हर दो घंटे के बाद कुछ मिनट के लिए आपकी आंतों में मौजूद चिकनी मसल्‍स पाचन तंत्र के माध्‍यम से बैक्‍टीरिया और अपशिष्‍ट को बाहर निकालती है। लेकिन खाते समय यह प्रक्रिया रूक जाती है। इसलिए आंतों को स्‍वस्‍थ रखने के लिए दो भोजन के बीच थोड़ा सा अंतराल होना जरूरी होता है।

फाइबर वाले फूड्स का सेवन

आंतों को स्वस्थ रखने के लिए फाइबर यानी रेशेदार भोजन करना बहुत फायदेमंद होता है। बहुत अधिक तेल, मसाले और वसा वाले भोजन से दूर रहें, ये कब्ज और अन्य पाचन समस्याओं को जन्‍म देती हैं। इसलिए फाइबरयुक्त भोजन को अपने आहार में शामिल करें। सब्जियां, फल, अनाज, दाल और नट्स में मौजूद फाइबर आपकी आंतों को ठीक प्रकार से कार्य करने में मदद करता हैं। अगर आपको मल त्याग के समय बहुत जोर लगाना पड़ता है फिर भी पेट साफ नहीं होता है, तो फाइबर वाले फूड्स से बहुत फायदा मिलेगा।

रोज 3-4 लीटर पानी पिएं

अगर आप फाइबर की अधिक मात्रा में लेते हैं, और इसके साथ पर्याप्‍त पानी नहीं पीते हैं तो आपकी आंतों को नुकसान हो सकता है। इसलिए इन स्‍वस्‍थ अनाज और सब्जियों के साथ पानी की उचित मात्रा लेना कभी नहीं भूलना चाहिए। औसतन हमें एक दिन में 8-12 ग्लास या 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। अगर आप ज्यादा मेहनत वाला काम करते हैं, तो पानी की जरूरत और भी ज्यादा होती है।

प्रोबायोटिक्स वाले आहार

एक्सपर्ट्स के अनुसार, आंतों के रोग और अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी बीमारियों को दूर करने में प्रोबायोटिक्स बहुत मददगार होता है। हमारी आंत असंख्य बैक्टेरिया से भरी होती है। इनमें से कुछ हमारे शरीर के लिए रोग का कारण भी हो सकते हैं और जो अच्छे होते हैं, वे भोजन को पचाने का काम करते हैं तथा पाचन तंत्र को संतुलित रखने का काम करते हैं। प्रोबायोटिक भोज्य पदार्थों के सेवन से आंतों की कार्यप्रणाली को सशक्त बनाया जा सकता है, इन्फेक्शन से बचाव किया जा सकता है। प्रोबायोटिक मुख्यत: डेयरी प्रोडक्ट में ही होता है, जैसे दूध व दही।

सोने और जागने का समय तय करें

आंतों को दूसरा मस्तिष्क कहा जाता है। आंतों में मौजूद करोड़ों संवेदनशील टिशूज का स्वास्थ्य हमारी जीवनशैली पर भी निर्भर करता है। आंतों को बेहतर काम करने के लिए अपने सोने और जागने का समय निश्चित करें। ज्यादा तनाव से भी आपका पाचनतंत्र प्रभावित होता है। शांत जगह पर सिर्फ 5 मिनट आंखें बंद करके सांस लेने पर आप अपनी आंतों में काफी सुधार कर सकते हैं। इसके साथ ही ध्यान रखें कि आप रोजाना 6-7 घंटे की नींद ले रहे हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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