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इन कारणों से कम उम्र में ही हो सकती हैं ये बीमारियां

उम्र और बीमारियों के बीच में कोई संबंध नहीं होता, लेकिन वर्तमान में कम उम्र में ऐसी बीमारियां हो रही हैं जो कभी उम्रदराज लोगों को होती थीं, इनके लिए जिम्‍मेदार कारणों के बारे में इस स्‍लाइडशो में जानें।

तन मन By Devendra Tiwari Dec 07, 2015

कम उम्र में हो रही हैं बीमारियां

वर्तमान में अनियमित जीवनशैली और अस्वस्‍थ खानपान के साथ प्रदूषित वातावरण हमारे जीवन पर हावी होता जा रहा है। इसके कारण ही कभी 50 के बाद होने वाली बीमारियों के चपेट में न केवल युवा बल्कि किशोर भी आ रहे हैं। अस्थमा, डायबिटीज, दिल की बीमारियों की गिरफ्त में बच्चे भी आ रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो अल्सार, डायबिटीज, सिरोसिस, दिल की बीमारियां फास्ट फूड और अस्वस्थ जीवनशैली का परिणाम हैं। विश्व स्वास्‍थ्‍य संगठन की मानें तो अमेरिका और ब्रिटेन में 20 फीसदी बच्चे किसी न किसी बीमारी के शिकार हैं। भारत में प्रदूषण के कारण अस्थमा छोटे बच्चों को भी हो रहा है। आइए इनके बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं।

दिल की बीमारियां

दिल अगर स्वस्थ है तो पूरा शरीर स्वस्‍थ रहता है, लेकिन दिल की बीमारी के साथ स्वस्थ‍ जीवन शायद संभव नहीं है। वर्तमान में 20 से 30 साल की उम्र में ही हार्ट अटैक और रक्त चाप के मामले बढ़ रहे हैं। इसका प्रमुख कारण है धूम्रपान, अस्वस्थ खानपान, व्या‍याम की कमी, भरपूर नींद न लेना, आदि। इससे बचने के लिए स्वस्थ खानपान बहुत जरूरी है, जंक फूड से दूरी बनायें, नियमित व्या याम रें, तनाव न लें, शुगर और सोडियम की मात्रा का ध्यान रखें, धूम्रपान से बचें और तनाव को हमेशा के लिए अलविदा कहें।

मधुमेह

डायबिटीज यानी मधुमेह ऐसी बीमारी है जो एक बार अगर हो जाये तो जीवनभर साथ निभाती है। टाइप2 डायबिटीज के मामले पहले 40 और 50 साल के बाद ही देखने को मिलते थे, लेकिन वर्तमान में 12-13 साल के बच्चे भी इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। इसके लिए आधुनिक तकनीक भी जिम्मेदार है। हालांकि यह एक आनुवांशिक बीमारी है, लेकिन इसके साथ ही देर रात तक जागना, व्यायाम न करना, आदि के कारण लोग समय से पहले इसके चपेट में आ रहे हैं। मोटापा जो कि महामारी बनता जा रहा है डायबिटीज के प्रमुख कारणों में से एक है। इससे बचने के लिए सबसे पहले पूरी और समय से नींद लेना जरूरी है। इसके अलावा नियमित व्यायाम भी करें, खानपान का विशेष ध्यान रखें।

ब्रेस्ट कैंसर

पुरानी बातें करें तो स्तन कैंसर के मामले 45 साल के बाद ही देखने को मिलते थे वो भी अमूमन। लेकिन वर्तमान में यह टीन एजर्स में भी पाया जाने लगा है। लाइफस्टाइल इसके लिए सबसे अधिक जिम्मे्दार है, करियर में आगे बढ़ने की होड़ के कारण भी इसके मामले बढ़े हैं। सामान्यतया लोग अब 30 की उम्र के बाद शादी करके बच्चा पैदा करने लगे हैं जिसके कारण ब्रेस्ट कैंसर के मामले भी बढ़ रहे हैं। अनियमित खानपान और शराब भी इसके लिए जिम्मे्दार है। इससे बचने के लिए डायट पर ध्यान दें और खाने में फल और सब्जियां जरूर शामिल करें। इसके साथ ओमेगा-6 और सैचुरेटेड फैट भी लें। और नियमित जांच करायें।

आंखों की बीमारी

हम अब छोटे बच्चों की आंखों में मोटे-मोटे चश्मे देखते हैं। यानी आंखों की बीमारियां कम उम्र नहीं बहुत कम उम्र में होने लगी है। पहले आंखों की बीमारी जैसे कि मोतियाबिंद के मामले 50 के बाद ही होते थे लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। इसके लिए सबसे अधिक जिम्मेदार पास से टीवी देखना, बंद कमरों में पढ़ना, मोबाइल अधिक प्रयोग आदि हैं। बच्चे सूरज की रोशनी पर्याप्त मात्रा में नहीं लेते और वे बंद कमरों में रहते हैं जिसके कारण आंखें कमजोर हो रही हैं। अधिक से अधिक सूरज की रोशनी ले‍कर इस रोग से बचा जा सकता है। इसके साथ ही खाने में गाजर, हरी सब्जियों और अंडे शामिल कर आंखों की बीमारियों से बचा जा सकता है।
Image Source : Getty

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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