• shareIcon

आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती हैं ये 10 चीजें

कई बार अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के बावजूद गर्भधारण करना बहुत कठिन हो जाता है। अगर आप भी ऐसी ही समस्‍या से जूझ रहें हैं तो यहां दिये कारकों की मदद से आप आसानी से जान सकते हैं कि जीवनशैली से जुड़ें कौन से परिवर्तन आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं।

सभी By Pooja Sinha / Sep 30, 2014

प्रजनन क्षमता पर असर

स्‍वस्‍‍थ बच्‍चे को जन्‍म देने के लिए महिला और पुरुष दोनों का स्‍वस्‍थ होना आवश्‍यक है। लेकिन कभी-कभी अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य होने के बावजूद भी सही समय पर गर्भधारण करना कठिन हो जाता है। आपकी सोच के बाहर बहुत से ऐसे कारक हैं, जो आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते हैं। इसलिए अगर आप गर्भवती होने की कोशिश में नाकामयाब हो रही हैं तो यहां दिये कारकों की मदद से आप जाना जा सकता है कि जीवनशैली में कौन से परिवर्तन आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं। image courtesy : getty images

आर्टिफिशल नाईट टाइम लाइट

रात में स्मार्टफोन या टैबलेट स्क्रीन पर टकटकी लगाना बुरा है, लेकिन यह आदतें सिर्फ अपनी नींद चक्र को ही प्रभावित नहीं करती। बल्कि जर्नल फर्टिलिटी एंड स्टेरिलिटी में प्रकाशित शोध के अनुसार, आर्टिफिशल नाईट टाइम लाइट गर्भ धारण करने की क्षमता और भ्रूण के विकास दोनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। देर रात लाइट "स्‍लीप हार्मोन" मेलाटोनिन के उत्पादन को दबा देती है जो ओव्‍युलेशन के दौरान प्रजनन पथ में उत्पादन और अंडों को हानिकारक मुक्त कणों से ब्‍लॉक कर देता हैं। अपर्याप्त मेलाटोनिन उत्पादन विकासशील भ्रूण को बाधित कर सकता हैं। image courtesy : getty images

जंक फूड

अगर आप सही पोषक तत्‍वों (मोनोअनसैचुरेटेड फैट, जिंक, विटामिन डी, और बी -6) का सेवन नहीं करते हैं, तो आपका शरीर प्रोजेस्टेरोन, इंसुलिन, और टेस्टोस्टेरोन जैसे महत्वपूर्ण प्रजनन हार्मोन के विनियमन में बाधा पहुंचा सकता है। इसलिए अपने आहार में इन सब चीजों को शामिल करें। क्लीनिकल साइंस में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, दैनिक कैलोरी में से आधी कैलोरी सुबह लेने से आप अपनी प्रजनन क्षमता में वृद्धि कर सकते हैं। image courtesy : getty images

आपका और आपके साथी का कोलेस्ट्रॉल

जर्नल ऑफ इंडोक्रिनोलोग्य एंड मेटाबोलिज्म के अनुसार, उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल दिल के साथ-साथ गर्भधारण की क्षमता पर भी नकारात्‍मक असल डालता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, पुरुष और महिला दोनों में उच्च कोलेस्ट्रॉल, सामान्य कोलेस्ट्रॉल के स्तर के साथ जोड़ों की तुलना में, प्रजनन क्षमता को अधिक प्रभावित करता है। इसलिए अगर आप अपने घर में तीसरे सदस्‍य के आने की उम्‍मीद कर रहे हैं तो दोनों को कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर की जांच करनी चाहिए। image courtesy : getty images

लुबिक्रेंट

जी हां, यह तरीका आपकी सेक्‍स को अधिक मजेदार और आरामदायक बना सकता हैं, लेकिन कुछ लुबीक्रेंट गर्भाधान को चुनौती दे सकते हैं। कुछ लुबिक्रेंट वास्‍तव में शुक्राणु को प्रभावित कर प्रजनन क्षमता को क्षीण कर सकते हैं। इसलिए अगर आप संभोग के दौरान ड्राई महसूस करते हैं तो शुक्राणु अनुकूल लुबिक्रेंट का इस्‍तेमाल करें। image courtesy : getty images

यूट्रेरिन पोलिप्‍स या फाइब्रॉएड

यूट्रेरिन पोलिप्‍स आमतौर पर छोटे गोल या अंडाकार अधिक बढ़ने वाला एंडोमेट्रियल ऊतक है, जो गर्भाशय की दीवार से संलग्‍न रहता है, और यूट्रेरिन फाइब्रॉएड मूलत एक ही होता है लेकिन मांसपेशियों के ऊतकों से बना होता है। इसकी सौम्‍य वृद्धि वास्‍तव में बांझपन का कारण हो सकती है। लेकिन सौभाग्य से, यूट्रेरिन पोलिप्‍स या फाइब्रॉएड से जुड़ी परेरशनियों को सर्जरी द्धारा आसानी से ठीक किया जा सकता है। image courtesy : getty images

फोलिक एसिड की कमी

गर्भधारण में फोलिक एसिड बहुत मददगार होता है। आपका शरीर लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने के लिए बी कॉम्प्लेक्स विटामिन का उपयोग करता है। मां बनने की इच्छुक महिलाओं तथा पहली तिमाही वाली गर्भवती महिलाओं के लिए प्रतिदिन 4 मिलीग्राम फोलिक एसिड के सेवन की सलाह दी जाती है। साथ ही उन्हें और फोलेट से परिपूर्ण आहार खाना चाहिए। आपको फोलिक एसिड पालक, अंडे और अनाज जैसे पास्ता और सीरियल आदि से भरपूर मात्रा में मिल सकता है। image courtesy : getty images

तनाव

इस वर्ष जर्नल ह्यूमन रिप्रोडक्शन में प्रकाशित शोध के अनुसार, उच्‍च स्‍तर के तनाव को इंफर्टिलिटी के उच्‍च स्‍तर के साथ जुड़ा हुआ पाया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि महिलाओं में उच्‍च स्‍तर अल्‍फा-एमिलेज (सहानुभूति तंत्रिका प्रणाली के साथ जुड़ा एक तनाव हार्मोन) गर्भावस्‍था के अवसर को लगभग 29 प्रतिशत कम कर देता है। इसलिए आपको तनाव को दूर करने के उपाय करने चाहिए। image courtesy : getty images

मौखिक स्वास्थ्य में गड़बड़ी

जर्नल ऑफ पेरीओडोनटोलोजी में एक अध्ययन में पाया, कि किसी भी महिला का मौखिक स्वास्थ्य उसकी प्रजनन सफलता के लिए संबंधित होता है। अमेरिकन अकादमी ऑफ केपेरीओडोनटोलोजी के डीडीएस सुसान काराबिन के अनुसार, जिन महिलाओं में मसूड़ों से खून आने और सूजन की समस्‍या ज्‍यादा होती है। उनको फर्टिलिटी के लिए उपचार की आवश्‍यकता अन्‍य महिलाओं की तुलना में बहुत अधिक होती है। इसलिए अपने दांतों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हर छह महीने में एक बार अपने दंतचिकित्‍सक से संपर्क करें। image courtesy : getty images

धूम्रपान

अमेरिकन सोसाइटी फॉर रिप्रोडक्टिव मेडिसिन ने धूम्रपान को इंफर्टिलिटी के लगभग 13 प्रतिशत मामलों के साथ जुड़ा हुआ पाया। इसके अलावा, तंबाकू कंट्रोल पर हुए एक अध्‍ययन के अनुसार, जो महिलाएं एक दिन में लगभग छह या उससे अधिक घंटे सेकेंड हैंड धुएं में रहती है, उनमें अन्‍य महिलाओं की तुलना में इंफर्टिलिटी की संभावना लगभग 36 प्रतिशत अधिक होती है। इसलिए अगर आप गर्भवती होने की कोशिश कर रही है तो धूम्रपान ना करें। साथ ही अपने मित्रों और परिवार को भी ऐसा करने के लिए कहें। image courtesy : getty images

हार्मोनल असंतुलन

यह तो हम सभी जानते हैं कि थायराइड चयापचय विनियमन के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यह गर्भधारण करने की क्षमता को प्रभावित करती है। थायराइड असामान्यताएं प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है, क्‍योंकि थायराइड हार्मोन में परिवर्तन-जिसमें से एक हाइपर और दूसरा हाइपोथायराइड- ओवुलेशन में हस्‍तक्षेप करता है। लेकिन इस समस्‍या को दवाओं के समुचित उपयोग और अन्‍य निर्धारित उपचार से ठीक किया जा सकता है। image courtesy : getty images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK