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इन 10 खाद्य पदार्थों को कभी नहीं खरीदना चाहिए

बहुत से ऐसे खाद्य पदार्थ जो ग्रोसरी स्टोर में मिलते हैं और आपके स्‍वास्‍थ्‍य के अच्‍छे नहीं होते है। इसलिए इन्‍हें लेने से बचना चाहिए। आइए ऐसे ही दस शीर्ष खाद्य पदार्थ के बारे जानें इस स्‍लाइड शो में।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Pooja Sinha / Apr 02, 2014

स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छे नहीं हैं ये खाद्य पदार्थ

क्‍या आपने कभी किसी खलनायक को ग्रोसरी स्‍टोर पर भी देखा है। आपको यह सुनकर आश्चर्य हो रहा हैं न। लेकिन यह सच हैं, बहुत से ऐसे खाद्य पदार्थ जो ग्रोसरी स्टोर में मिलते हैं और आपके स्‍वास्‍थ्‍य के अच्‍छे नहीं होते है। इसलिए इन्‍हें लेने से बचना चाहिए। आइए ऐसे ही दस शीर्ष खाद्य पदार्थ के बारे जानें इस स्‍लाइड शो में।

एस्‍पारटमे

एस्‍पारटमे, एसपारटिक एसिड से बना एक कृत्रिम स्‍वीटनर है, इसका इस्‍तेमाल एक कैलोरी फ्री स्‍वीटनर के रूप में होता है। लगभग 10,000 प्रलेखित खबरें हैं जो एस्‍पारटमे की प्रतिकूल प्रतिक्रिया को साबित करती हैं। और इसे सिरदर्द, दृश्य परिवर्तन, दौरे, अवसाद, और ब्रेन कैंसर से जोड़ती है। इसलिए इस कृत्रिम मिठास से दूर ही रहें।

डिब्बाबंद खाद्य

डिब्‍बाबंद खाद्य लोगों को बिस्फेनोल ए (बी पी ए) के खतरनाक स्‍तर तक ले जाता है। यह हार्मोंन को डिस्रप्ट करने वाला रसायन है जिसको बचपन की आक्रामकता से मोटापे, हृदय रोग, स्तन के ऊतकों में परिवर्तन और प्रजनन स्वास्थ्य समस्याओं के साथ जोड़ा जा सकता है।

ग्लूटेन

अनुमान के अनुसार, लगभग 30 से 35 प्रतिशत लोगों को गेहूं में पाए जाने वाले ग्लूटेन से एलर्जी होती है। ऐसे में जब भी व्यक्ति ग्लूटेन युक्त किसी खाद्य पदार्थ का सेवन करता है तो उसका शरीर ग्लूटेन नामक प्रोटीन को अवशोषित नहीं कर पाता हैं और वह सीलिएक नामक बीमारी का शिकार हो जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसके कारण डायरिया, खून नहीं बनना, शारीरिक ग्रोथ रुक जाने जैसी समस्या जिंदगी भर रहती है।

चीनी

चीनी एक नशे की लत की तरह होती है। यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करती है, शरीर में सूजन का कारण बनती  है और इंसुलिन के स्‍तर को बढ़ा देती है। इसलिए अगर आपको स्‍वीटनर की जरूरत हैं तो चीनी की बजाय, स्‍टेविया या भूरे रंग के चावल के सिरप का इस्‍तेमाल करें।

जीएमओ फूड्स

एक फ्रांसीसी अध्‍ययन से जीएमओ या (जेनेटिकली मॉडिफाइड फूड्स) आनुवंशिक रूप से संशोधित खाद्य पदार्थ की खतरों का पता चला है। इस अध्‍ययन को चूहों पर करने के बाद पता चला कि इन खाद्य पदार्थों के सेवन उनमें स्‍तर ट्यूमर में वृद्धि, किडनी की विफलता और लीवर की समस्‍याओं से पी‍ड़‍ित पाया गया। इसलिए आप आनुवंशिक रूप से संशोधित खाद्य पदार्थ नहीं खा रहे हैं यह सुनिश्चित करने के लिए जैविक खाद्य पदार्थों का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण है।

हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप

हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप या एचएफसी को मधुमेह, मोटापा और मेटाबोलिक सिंड्रोम और कैंसर के साथ जोड़ा गया है। अब फ्रुक्टोज के क्‍योंकि तरल रूप में है इसे शरीर की प्रक्रिया से गुजरने में एक कठिन समय लगता है। एचएफसी आनुवंशिक रूप से संशोधित कॉर्न के रूप में आता है इसकी अपनी समस्याएं हैं।

स्टोर से खरीदा वैकल्पिक दूध

स्‍टोर से दूध, ताजा दूध के विकल्‍प के रूप में खरीदा जाता है। इसका मतलब है आप इससे ज्‍यादा चीनी, संरक्षक और थिकनर जैसे कैरागीनन का उपभोग कर रहे हैं, जो शरीर मे सूजन को कारण बनता है। प्रयोगशाला में चूहों पर 18 दिनों तक कैरागीनन के संपर्क में रखने पर उनमें ग्लूकोज असहिष्णुता और बिगड़ा इंसुलिन पाया गया। यह डायबिटीज और अन्‍य क्रोनिक बीमारियों का कारण हो सकता है।

प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ

प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में न केवल पोषक तत्वों की कमी पाई जाती हैं बल्कि ऐसे बीएचटी और ऐसे खाद्य रंग एजेंट जैसे हानिकारक रसायनों से भरा हुआ होता है। इन प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ में बहुत ज्‍यादा शुगर और हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप को भी जोड़ा जाता है जिससे आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है और रोगों को बढ़ावा मिलता है।

ट्रांस फैट

ट्रांस फैट आपके दिल के लिए बहुत ज्‍यादा खतरनाक होता है। ट्रांस फैट हर साल समस से पहले दिल की बीमारी से होने वाली मौतों का कारण बनता है। इन खाद्य पदार्थों को खरीदने से पहले आपको इनमें दी सामग्री की सूची जैसे "आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत" फ्रैक्शनेट", या" हाइड्रोजनीकृत, जैसे शब्दों की जांच कर लेना चाहिए। इन उत्‍पादों से दूर रहें। इसके स्‍थान पर आप खाना बनाने के लिए नारियल तेल, जैतून का तेल या घी का इस्‍तेमाल करना चाहिए।

प्लास्टिक बोतलबंद पानी

प्‍लास्टिक आपकी सेहत के लिए अच्‍छा नहीं होता है य‍ह बात तो शायद हम सभी को मालूम है। हमेशा गिलास या स्‍टेनलेस स्‍टील की बोतल में ही पानी पीना चाहिए। प्लास्टिक की बोतले यकीनन फैंसी लग सकती है, लेकिन इसमें कई तरह के हानिकारक केमिकल होते है। कनाडा की ग्वेल्फ यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार, प्लास्टिक की बोतलों में बीपीए का उपयोग दिमाग के लिए हानिकारक होता है और इसके सेवन से आगे चलकर अल्ज़ाइमर जैसी बीमारी भी हो सकती है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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