मकर संक्रांति, लोहड़ी, बिहू जैसे त्योहारों पर खाए जाने वाले स्पेशल फूड्स के फायदे बता रही हैं स्वाती बाथवाल

देशभर में पहले त्यौहार का आगमन हो चुका है। इस त्योहार को अलग-अलग राज्यों में लोग अलग-अलग नाम से जानते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में-

Kishori Mishra
स्वस्थ आहारReviewed by: स्वाती बाथवाल, इंटरनैशनल स्पोर्ट्स डायटीशियनPublished at: Jan 13, 2021Written by: Kishori Mishra
Updated at: Jan 13, 2021
मकर संक्रांति, लोहड़ी, बिहू जैसे त्योहारों पर खाए जाने वाले स्पेशल फूड्स के फायदे बता रही हैं स्वाती बाथवाल

नए साल की शुरुआत के बाद देशभर में पहले त्यौहार (2021 First festival) का आगमन हो चुका है। पंजाब और हरियाणा के लोग आज जहां लोहड़ी (Lohri) मनाने जा रहे हैं, तो वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश और झारखंड के लोग मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सर्द हवाओं के साथ साल का यह पहला त्योहार लोगों के लिए बहुत ही खास होता है। असम में भी इस मौसम में बिहू (Bihu) का पर्व मनाया जाता है। इसके साथ ही साउथ के लोग पोंगल (Pongal) के त्योहार मनाते हैं। एक तरह से देखा जाए, तो ये सभी त्योहार एक ही हैं। बस इनके नाम और स्वरूप बदले हैं। आइए डायटीशियन स्वाती बाथवाल से जानते हैं इन त्योहारों पर बनने वाले डिशेज के गुणकारी फायदे क्या हैं? 

सरसों का साग और मक्के की रोटी (Sarsun ka saag and Makki di roti)

शायद नाम सुनकर ही आपके मुंह में पानी आ गया होगा। सरसों, पालक और बथुए से तैयार साग का स्वाद काफी लाजबाव होता है। एक कटोरी इस साग में विटामिन  विटामिन ए, विटामिन के, फाइबर, लोहा, मैग्नीशियम जैसे कई और पोषक तत्व शरीर को मिलते हैं। साग की इस कटोरी में शायद ही कोई ऐसा पोषक तत्व हो जो इसमें ना हो। इसके ऊपर एक चम्मच घी साग का स्वाद बढ़ा देते हैं। हालांकि, कुछ लोग घी खाने से परहेज करते हैं। लेकिन आपको बता दें कि घर में तैयार सफेद मक्खन का सेवन करना आपके लिए नुकसानदेय नहीं, बल्कि फायदेमंद हो सकता है। इन सागों में घुलनशील वसा होता है, जो विटामिन को अवशोषित करने में हमारी मदद करते हैं। सर्दियों में गर्म मक्के की रोटियों के साथ साग का लुफ्त उठाना बकाई में काफी अनोखा अनुभव आपके लिए हो सकता है। तो इस त्योहार अपने घर मक्के की रोटी और सरसों का साग बनाना ना भूलें। यह आपके लिए एक पौष्टिक से भरपूर थाली हो सकती है। आप चाहें, तो इस थाली में 1 छोटा सा गुड़ का टुकड़ा भी शामिल कर सकते हैं। खाने में गुड़ का टुकड़ा लेना आपके पाचन शक्ति को बढ़ा सकता है।

बिहार में लिया जाता है दही-चिड़वा का स्वाद (Dahi Chirwa in Bihar)

मकर संक्रांति के मौके पर बिहार और झारखंड के कई राज्यों में दही और चिड़वा का सेवन किया जाता है। दही के साथ चिड़वा और थोड़ा सा अचार का स्वाद बहुत ही अलग होता है। बिहार में सिर्फ मकर संक्रांति ही नहीं, बल्कि कई लोग ब्रेकफास्ट के तौर पर भी दही और चिड़वा खाते हैं। यह बहुत ही पौष्टिक आहार होता है। दही के साथ चिड़वा का सेवन करने से एसिडिटी की परेशानी दूर होती है। इसे खाने के लिए चिड़वा को पानी में हल्का का भिगोया जाता है। इसके बाद इसे दही और गुड़ के साथ खाया जाता है। यह सेहत के लिए काफी अच्छा होता है। इसके सेवन से पित्त की परेशानी दूर होती है। पाचन से जुड़ी परेशानियों को भी दूर करने में यह असरकारी होता है।

असम में तैयार किया जाता है खास तेल पीठा (Tel Pitha in Assam)

बिहू असम का सबसे प्रमुख त्योहार माना जाता है। इस त्योहार के मौके पर तेल का पीठा तैयार किया जाता है। एक यह तरह का डीप फ्राइड ़डोनट है। जो चावल के आटे, गुड़, सौंफ और संतरे के छिलके से तैयार किया जाता है। इसमें कई खनिज तत्व पाए जाते हैं। गुड़ में मैश्नीशियम समृद्ध रूप से होता है। अगर आप तेल पीठा को फ्राई नहीं करना चाहते हैं, तो इसे पानी में उबालकर भी तैयार कर सकते हैं। चावल के आटे और गुड़ से तैयार डिश का सर्दियों में सेवन करने से यह आसानी से पच जाता है। सर्दियों में यह आपके लिए बेहतरीन डिश हो सकता है। 

पोंगल में परोसे जाते हैं कई बेहतरीन डिशेज (Pongal Dishes)

पोंगल में ज्यादातर लोग चावल और दाल को मिलाकर डिश तैयार करते हैं। कुछ लोग इस अवसर पर मीठे व्यंजन भी तैयार करते हैं। दाल और चावल को मिलाकर तैयार किया गया डिश, सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। चावल और दाल के डिश से शरीर को कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन भरपूर रूप से मिलता है। इसके साथ ही इसमें फाइबर भी भरपूर रूप से होता है। पोंगल के अवसर पर लोगों की थाली में इमली चावल, दही चावल, बिसी बेले भात, सांभर, चुंकर पचड़ी, पोरियल, अप्पम जैसे कई बेहतरीन डिशेज केले की थाली पर परोसा जाता है। केले की थाली पर खाना खाना आपके आंखों के लिए काफी अच्छा होता है। यह आहार एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। 

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गुजरात में होता है उत्तरायण (Uttarayan In Gujarat)

गुजरात में मकर संक्रांति को उत्तरायण के नाम से जाना जाता है। कई लोग इस पर्व को पतंग उत्सव के नाम से भी जानते हैं। गुजरात में इस मौके पर मूंगफली से तैयार चिक्की, जलेबी, ढोकला इत्यादि स्वादिष्ट डिशेज थाली में परोसी जाती है। उत्तरायण के मौके पर गुजरात में उधियु नाम की एक स्पेशल डिश तैयार की जाती है। इसमें रत्ताआलू (Purple Yum) और नारियल मिलाया जाता है। इस डिश को लोग पूरी और श्रीखंड के साथ खाते हैं। यह स्वाद और सेहत की दृष्टि से काफी फायदेमंद होता है। अगर घर में इस विशेष डिश को जरूर ट्राई करें। सर्दियों में यह आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।

आप भी अपने घर में लोहड़ी और मकरसंक्रांति के मौके पर इन खास डिश को तैयार कर सकते हैं। यह स्वाद और सेहत की दृष्टि से आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

 

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