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एंफ्लुएंजा, मलेरिया और डायबिटीज जैसे कई रोगों का काल है ग्रेपफ्रूट यानि चकोतरा

स्वस्थ आहार By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 12, 2018
एंफ्लुएंजा, मलेरिया और डायबिटीज जैसे कई रोगों का काल है ग्रेपफ्रूट यानि चकोतरा

ग्रेप फ्रूट्स या चकोतरा नींबू और संतरे की प्रजाति का एक फल है। इसमें कैलोरी बहुत कम होती है मगर पोषक तत्व बहुत ज्यादा होते हैं। ग्रेपफ्रूट में विटामिन सी और विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

ग्रेप फ्रूट्स या चकोतरा नींबू और संतरे की प्रजाति का एक फल है। इसमें कैलोरी बहुत कम होती है मगर पोषक तत्व बहुत ज्यादा होते हैं। ग्रेपफ्रूट में विटामिन सी और विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें कई महत्वपूर्ण एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन्स पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर को कई तरह के रोगों से बचाने में मदद करते हैं। चकोतरा या ग्रेपफ्रूट बाहर से पीला लेकिन अंदर से गहरा लाल होता है। खाने में खटमिट्ठे इस फल में संतरे की अपेक्षा ज्यादा साइट्रिक एसिड मगर कम मात्रा में शुगर होता है। आइये आपको बताते हैं चकोतरा खाने से आपके शरीर को क्या-क्या लाभ मिलते हैं।

वजन घटाता है चकोतरा

ग्रेपफ्रूट में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है इसलिए इसे खाने से पेट जल्दी भरता है और आप एक्स्ट्रा कैलोरी लेने से बच जाते हैं। इसलिए चकोतरा खाने से मोटापा घटाया जा सकता है और वजन कम किया जा सकता है। ग्रेपफ्रूट्स के सेवन से शरीर में एक विशेष हार्मोन कोलेसिस्टोकिनिन का निर्माण तेज हो जाता है। ये हार्मोन हमारे दिमाग को पेट भर जाने का एहसास दिलाते हैं। इसके सेवन से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है।

एंफ्लुएंजा में कारगर

ग्रेपफ्रूट के सेवन से एंफ्लुएंजा रोग में राहत मिलती है क्योंकि ये हमारे शरीर में एसिड के लेवल को कम करता है। चकोतरा में एक तत्व पाया जाता है, जिसे नैरिंगिन कहते हैं। ये तत्व हमारे शरीर में पाचन को तेज करता है और पेट की कई समस्याओं को दूर करता है। ये एक तरह का एंटीऑक्सिडेंट होता है जिसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-वायरल, एंटी-कैंसर और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं। ये एंफ्लुएंजा से हमारी रक्षा करता है।

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मलेरिया में भी है फायदेमंद

मलेरिया होने पर चकोतरा का जूस पीना लाभदायक होता है। चकोतरा में एक तत्व होता है जिसे क्विनाइन कहते हैं। ये मलेरिया को ठीक करने में मदद करता है। पुराने समय से ही क्विनाइन को मलेरिया, ल्यूपस, आर्थराइटिस और नसों में खिंचाव को ठीक करने के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। क्विनाइन के लिए एक लीटर पानी में 250 ग्राम चकोतरे को छीलकर उबाल लें और जब इसका रस एक ग्लास के लगभग बचे, तो इसे पियें।

कैंसर से बचाव

चकोतरा या ग्रेपफ्रूट का सेवन हमारे शरीर को कई तरह के कैंसर और ट्यूमर से बचाता है। ये शरीर में फ्री रेडिकल्स के विकास को रोकने में मदद करता है। चकोतरे में पाया जाने वाला शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट कैंसर पैदा करने वाले कणों के खिलाफ लड़ने के लिए मदद करता है। यह प्रोस्टेट कैंसर और घेंघा कैंसर के खतरे को कम करता है।

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दिल की बीमारियां और ब्लड प्रेशर

ग्रेपफ्रूट में ढेर सारे रेशे, लाइकोपिन, विटामिन सी जैसे पोषक तत्व होते हैं जो दिल को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। चकोतरा का रंग लाल होता है और इसका सेवन रक्त को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। साथ ही ये उच्च लिपिड के स्तर को कम करने के लिए फायदेमंद होता है। चकोतरे के सेवन से शरीर में पोटैशियम की मात्रा संतुलित रहती है और यह मांसपेशियों में होने वाली परेशानियों से बचाता है। साथ ही यह गुर्दे की पथरी को कम करता है।

डायबिटीज से बचाव

ग्रेपफ्रूट के सेवन से डायबिटीज से भी बचाव रहता है और अगर पहले से डायबिटीज है तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है। दरअसल चकोतरा शरीर में स्टार्च के लेवल को कम करता है। इसके सेवन से ब्लड का फ्लो अच्छा बना रहता है और कोशिकाओं में शुगर भी ठीक से पहुंचता है। चकोतरा में मौजूद फ्लेवेनाइट तत्व डायबिटीज से हमें बचाता है।

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