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सरसों, बथुआ और चने के साग में होते हैं कई पौष्टिक तत्व, सर्दियों में खाएं मिलेंगे ये लाभ

Updated at: Dec 26, 2018
स्वस्थ आहार
Written by: अनुराग अनुभवPublished at: Dec 26, 2018
सरसों, बथुआ और चने के साग में होते हैं कई पौष्टिक तत्व, सर्दियों में खाएं मिलेंगे ये लाभ

सर्दियों के मौसम में चना, बथुआ, मेथी और सरसों आदि का साग बहुत आसानी से उपलब्ध होता है। ये साग खाने में जितने स्वादिष्ट होते हैं, उतने ही पौष्टिक होते हैं।

सर्दियों के मौसम में चना, बथुआ, मेथी और सरसों आदि का साग बहुत आसानी से उपलब्ध होता है। ये साग खाने में जितने स्वादिष्ट होते हैं, उतने ही पौष्टिक होते हैं। सर्दियों में होने वाली कई समस्याओं जैसे- जुकाम, बुखार, एलर्जी आदि का कारण इम्यूनिटी का कमजोर होना है। साग के सेवन से न सिर्फ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है बल्कि खून भी बढ़ता है। अगर आप सप्ताह में 2-3 बार साग का सेवन करते हैं, तो ये आपके शरीर और सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है और कई बड़ी बीमारियों की आशंका को कम करता है। आइए आपको बताते हैं इनके फायदे।

मेथी का साग खाने के फायदे

सर्दी का मौसम आते ही सब्‍जी बाजार में मेथी खूब दिखने लगती है। मेथी में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, नियासिन, पोटेशियम, आयरन आदि तत्व मौजूद होते हैं। इसमें फॉलिक एसिड, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर आदि भी मिलते हैं जो शरीर के लिए बेहद जरूरी हैं। पेट ठीक रहे तो स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। मेथी पेट के लिए काफी अच्छी होती है। अगर आपको कब्ज या पाचन से जुड़ी कोई भी समस्या है तो हरी मेथी आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है। सर्दियों में अगर आपको जोड़ो के दर्द की समस्या है तो मेथी का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद होगा। साथ ही यह हाई बीपी, डायबिटीज, अपच आदि बीमारियों में मेथी का उपयोग लाभकारी होता है।

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बथुआ का साग खाने के फायदे

बथुआ कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन ए, कैल्शियम, फॉस्फोरस और पोटैशियम होता है। बथुआ हरा शाक है जो नाइट्रोजन युक्त मिट्टी में फलता-फूलता है। सदियों से इसका उपयोग कई बीमारियों को दूर करने में होता रहा है। इसके साग को नियमित खाने से कई रोगों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। गैस, पेट में दर्द और कब्ज की समस्या भी दूर हो जाती है। बथुआ को साग के तौर पर खाना पसंद न हो तो इसका रायता बनाकर खाएं। इससे गुर्दे में पथरी होने का खतरा काफी कम  हो जाता है। गैस, पेट में दर्द और कब्ज की समस्या भी दूर हो जाती है।

सरसों का साग खाने के फायदे

सर्दियों में सरसों का साग का सेवन न केवल स्वाद में लज्जतदार होता है बल्कि सेहत से जुड़े कई फायदों से भरपूर होता है। सरसों के साग में कैलोरी, फैट, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, शुगर, पोटेशियम, विटामिन ए, सी, डी, बी 12, मैग्नीशियम, आयरन और कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स की मौजूदगी के कारण न सिर्फ शरीर से विषैले पदार्थो को दूर करते हैं बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। सरसों के साग में फाइबर बहुत अधिक मात्रा में होने के कारण पाचन क्रिया दुरूस्‍त रहती है, इसके सेवन से कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर कम होता है और दिल के रोगों की आंशका भी कम हो जाती है।

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चने का साग खाने के फायदे

आपने सरसों का साग तो खाया होगा लेकिन क्या आपने कभी चने का साग भी खाया है? इन दिनों बाजार में चने का साग बहुत अधिक मात्रा में उपलब्‍ध है। सर्दियों की रात में खाने में चने के साग के साथ मक्का या बाजरे की रोटी का स्वाद सिर्फ खाकर ही लिया जा सकता है। चने का साग खाने में पौष्टिक और स्वादिष्ट होता है। चने के साग में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, फाइबर, कैल्शियम, आयरन व विटामिन पाये जाते हैं। यह कब्ज, डायबिटिज, पीलिया आदि रोगों में बहुत फायदेमंद होता है। चने का साग हमारे शरीर में प्रोटीन की आपूर्ति करता है इसलिए इसे प्रोटीन का राजा भी कहा जाता है।

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