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स्वस्थ जीवन के लिए चलाते रहें सेहत की साइकिल

एक्सरसाइज और फिटनेस By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 02, 2011
स्वस्थ जीवन के लिए चलाते रहें सेहत की साइकिल

आजकल फिटनेस फैशन में शुमार हो गया है। हर स्त्री व पुरु। दुबला-पतला और फिट दिखना चाहता है, ऐसे में साइकिलिंग व्यायाम की दृष्टि से बेहद उपयोगी, सस्ता और टिकाऊ उपाय है। शरीर के मोटापे को कम करने के लिए साइकिल का बखूबी इस्तेमाल किया जा सकता है।

आजकल फिटनेस फैशन में शुमार हो गया है। हर स्त्री दुबली-पतली और फिट दिखना चाहती है लेकिन आम तौर पर स्ति्रयों के लिए इसके लिए कुछ कर पाना बेहद मुश्किल होता है। एक तो काम की व्यस्ताएं व्यायाम के नाम पर कुछ करने नहीं देतीं, दूसरे शहरी भाग-दौड़ की जिंदगी में जहां समय का अभाव है और लोग कामकाज के बाद परिवार के साथ ही बचा हुआ वक्त ज्यादा से ज्यादा  बिताना चाहते हैं। इसके साथ ही हर किसी के पास न तो जिम जाने का समय रहता है और न ही जिम की महंगी सदस्यता हासिल करने की क्षमता।

ऐसे में आप एक सस्ते रुख और उपयोगी माध्यम से अपने आपको स्वस्थ और चुस्त रख सकती हैं। वह माध्यम है साइकि¨लग। साइकिल व्यायाम करने का आसान और सस्ता जरिया है। इसके लिए न तो किसी व्यायाम विशेषज्ञ से सलाह लेने की जरूरत पड़ती है और न ही जगह तलाशने की चिंता होती है। साइकिलिंग घर के नजदीक के पार्क में या सड़क पर आसानी से की जा सकती है। आज यातायात के कई साधन ईजाद हो गए हैं लेकिन साइकिल की महत्ता आज भी बरकरार है। पुराने समय में बैलगाडि़यों के बाद इसे एक शाही सवारी माना जाता था। जिस समय बस, ट्रक, कार और ट्रेन नहीं हुआ करती थीं, उस समय साइकिल को ही सबसे ज्यादा भरोसेमंद और उपयोगी सवारी माना जाता था। शहरों को अगर छोड़ दें तो आज भी कस्बों और गांवों में साइकिल एक आम आदमी की सवारी है। भारत, चीन और एशिया के अन्य देशों में हर साल लाखों साइकिलें बनती हैं।

साइकिलिंग के फायदे

यह व्यायाम का एक ऐसा माध्यम है जो बिना किसी खर्च के आपको फिट रख सकता है। आज के समय में साइकिलिंग का एक ही अलग ही महत्व सामने आया है। साइकिल के जरिए व्यायाम आप ऑफिस जाते वक्त भी कर सकती हैं। यदि आपका ऑफिस करीब हो और आप साइकिल से जा सकती हों तो ऐसा जरूर करें। साइकिल चलाने से शरीर के किसी खास हिस्से का नहीं बल्कि पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है। साइकिल चलाते वक्त हमारे शरीर की सारी मांसपेशियां काम करती हैं जिससे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। 

साइकिल एक्सरसाइजर  

अगर आपका ऑफिस घर से बहुत दूर हो या आप घर के बाहर जाकर साइकिल न ही चलाना चाहती हों तो ऐसी स्थिति में आप बाजार में उपलब्ध एक्सरसाइज के लिए विशेष रूप से बनाई गई साइकिल जिसे साइकिल एक्सरसाइजर कहा जाता है, ले सकती हैं। ऐसी साइकिलें कम दाम से लेकर ज्यादा दाम रेंज में उपलब्ध है। प्रतिदिन करीब आधा घंटा साइकिल चलाने से स्फूर्ति पैदा होती है। वैसे साइकलिंग का मुख्य रूप से न्यूरोलॉजिकल ट्रीटमेंट में प्रयोग किया जाता हैं। मसल्स की कमजोरी हो या कोई चोट, उस स्थिति में भी साइकिलिंग करने का सुझाव दिया जाता है। लकवा मारने पर भी ट्रीटमेंट के दौरान एक स्टेज पर आकर साइकिलिंग करने की सलाह दी जाती है।

क्या कहते हैं फिटनेस विशेषज्ञ 

लगभग सभी फिटनेस विशेषज्ञों का मानना है कि साइकिलिंग के बहुत सारे फायदे हैं। इसलिए साइकिलिंग पर हमारा विशेष जोर होता है। साइकिलिंग एक बेहतरीन तरीका है, जिससे आपके हृदय की मांसपेशियों का मसाज हो जाता है। नियमित रूप से साइकिलिंग करने से शरीर में रक्त का संचार सुचारु रूप से होने लगता है। यही नहीं, यह हमारे हृदय को भी मजबूती प्रदान करता है। आजकल ब्लड प्रेशर की की समस्या से हर कोई परेशान है। वहीं साइकिलिंग करके आप अपने रक्तचाप को सामान्य कर सकती हैं। खासकर जिन स्ति्रयों का ब्लड प्रेशर हाई रहता है उनके लिए प्रतिदिन साइकिल चलाना बहुत उपयोगी है।

उपयोगी और सस्ता माध्यम 

साइकिलिंग व्यायाम की दृष्टि से बेहद उपयोगी, सस्ता और टिकाऊ उपाय है। शरीर के मोटापे को कम करने के लिए साइकिल का बखूबी इस्तेमाल किया जा सकता है। साइकिल चलाने से शरीर के सभी अंगों का व्यायाम हो जाता है। शरीर के अंगों को सुडौल रूप देने में व मसल्स बनाने के लिए भी यह एक बेहतरीन तरीका है। खासकर पैरों की मसल्स के लिए और कूल्हों के अच्छे शेप के लिए साइकिलिंग एक आसान माध्यम है। इन सबके साथ-साथ इसका एक बड़ा फायदा यह है कि इससे शरीर को सुंदर आकार मिलता है और जोड़ों पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।  विशेषज्ञों का मानना है कि साइकिल चलाकर एक व्यक्ति 30 मिनट में लगभग 300 कैलोरी जला सकता है। यदि आप साइकिलिंग सामान्य की अपेक्षा तेज गति से करती हैं तो 300 से भी ज्यादा कैलोरी जला सकती हैं। ऐसे में साइकिलिंग सस्ता और उपयोगी एक्सरसाइजर है।

कुछ खास बातें  भी ध्यान में रखें साइकिल चलाते समय चप्पल या सैंडिल के बजाय जूते पहनें। इससे साइकिल चलाने में सहूलियत होगी। जॉगिंग सूट या ढीला ट्राउजर पहन कर ही साइकिल चलाएं। यदि साइकिल चलाते वक्त आप सलवार-कुर्ता पहनती हैं तो दुपट्टे को पीछे बांध लें। नहीं तो साइकिल में दुपट्टा फंसने से दुर्घटना हो सकती है।  अपनी क्षमता के अनुसार ही साइकिल चलाएं। साइकिलिंग की शुरुआत धीमी गति से करें। शुरू के दिनों में कम समय के लिए साइकिल चलाएं फिर धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाएं।  अगर आप अस्थमा से पीडि़त हैं तो डाक्टर से सलाह-मशविरा कर उनके कहे अनुसार ही साइकिल चलाने का समय सीमा निर्धारित करें। साइकिलिंग के लिए सुबह या शाम का वक्त सबसे अधिक उपयुक्त होगा।

 

Image Source - Getty Images.
 

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