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ज्यादा विटामिन से भी होता है नुकसान

परवरिश के तरीके By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 06, 2012
ज्यादा विटामिन से भी होता है नुकसान

लंबे समय से अधिक मात्रा में मल्टीविटामिन लेना खतरनाक हो सकता है। इसलिए अगर विटामिन की कमी नहीं है, तो आपको इनकी गोलियां नहीं लेनी चाहिएं। लेकिन अधिकतर लोग मल्टी विटामिन लेते है और लेने से पहले डॉक्टरों से संपर्क नहीं करते हैं और न कोई टेस्ट कराते

Quick Bites
  • अधिक मात्रा में मल्टीविटामिन लेना खतरनाक हो सकता है।
  • विटामिन की कमी नहीं है, तो आपको इनकी गोलियां नहीं लेनी चाहिए।
  • गर्भवती महिलाएं ‘विटामिन-के’ की टैबलेट जरूरत से ज्यादा लेती हैं।
  • विटामिन सी लेने से आयरन के छोटे-छोटे टुकड़े शरीर में जमा हो जाते हैं।

वो कहते हैं ना अति हर चीज की बुरी होती है। यह बात सब पर लागू होती है। यह तो हम जानते हैं कि विटामिन हमारे शरीर के लिए कितने फायदेमंद होते हैं। शरीर के सही प्रकार के काम करते रहने में इनकी महत्‍वपूर्ण भूमिका होती है। विटामिन ए आंखों के लिए जरूरी है, तो विटामिन डी हड्डियों और पुरुष स्पर्म की क्वालिटी सुधारने में मदद करता है। लेकिन, इनकी खुराक अगर जरूरत से ज्यादा हो जाए तो ‘लेने के देने’ पड़ सकते हैं। डॉक्टरों के पास ऐसे मरीजों की संख्या हर साल छह फीसदी बढ़ रही है जो विटामिनोसिसज् (अधिक विटामिन लेने का रोग) के शिकार हैं। लंबे समय से अधिक मात्रा में मल्टीविटामिन लेना खतरनाक हो सकता है। इससे लांग टर्म डिसीज की संभावना बढ़ जाती है।

 

[इसे भी पढ़ें : ऐसे मिलेगा संपूर्ण पोषण]

 

मल्टीविटामिन के प्रकार

कई लोग सोचते हैं कि विटामिन अधिक लेने से कोई नुकसान नहीं होता। लोग मानते हैं कि जरूरत से अधिक विटामिन यूरिन के रास्ते बाहर निकल जाता है। हालांकि यह बात पूरी तरह से सच नहीं है। क्योंकि मल्टीविटामिन दो तरह के होते हैं, फैट सॉल्यूबल और वॉटर सॉल्यूबल। विटामिन बी और सी वाटर सॉल्युबल है जो यूरिन के जरिए बाहर चला जाता है, लेकिन विटामिन ए, डी, ई और के फैट सॉल्युबल है। यह शरीर में जमा हो जाते हैं। इन विटामिन के अधिक होने से अंधापन, हड्डियां कमजोर होना और फ्रेक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है।

 

 

ज्यादा विटामिन से होने वाले नुकसान

आइए हम आप को बताते हैं किन-किन विटामिन से क्या-क्या नुकसान होते हैं।


विटामिन-बी

ज्यादा मात्रा में विटामिन बी की गोलियां लेने से हिस्टामिन नामक केमिकल रिलीज होता है। जिससे खुजली, पीलिया और अस्थमा के मरीजों में अटैक के आशंका बढ़ जाती है।

 

विटामिन-डी

विटामिन डी के ज्यादा इस्तेमाल से शरीर में कैल्शियम का लेवल बढ़ जाता है। इसे हाइपरक्लेमेशिया कहते हैं, जिसमें कॉन्सटीपेशन, बेहोशी के साथ ही किडनी में खराबी भी आ जाती है। विटामिन डी की ज्यादा खुराक दिल की बीमारी का खतरा दोगुना कर सकती है। एक सर्वे से पता चला है जिन लोगों के रक्त में विटामिन डी का स्तर सामान्य से ज्यादा होता है उनमें हृदयाघात का खतरा 2.8 फीसदी ज्यादा होता है।

 

[इसे भी पढ़ें : गर्भावस्‍था में आवश्‍यक विटामिन]

 


विटामिन-सी

इसे अधिक मात्रा में लेने से आयरन के छोटे-छोटे टुकड़े शरीर में जमा हो जाते हैं। शरीर विटामिन बी-12 को कम एब्जॉर्ब कर पाता है। जिसके चलते खून की कमी देखी जाती है। विटामिन सी की गोलियों का अधिक सेवन करने से डी एन ए क्षतिग्रस्त हो सकता है और कैंसर की संभावना भी उत्पन्न हो सकती है।

 

विटामिन-ई

जो लोग विटामिन ई की टैबलेट लेते हैं, उन्हें बीपी और सिरदर्द की शिकायत रहती है। एक सर्वे से पता चला कुछ लोग जो विटामिन ई की गोलियां लेते है उन्हें तीन-चार साल बाद सिर दर्द की समस्या हुई। इस विटामिन का अधिक सेवन आंखों की रोशनी पर भी असर डालता है।

 

विटामिन-ए

विटामिन ए जरूरत से ज्यादा लेने पर अंधापन, हड्डी संबंधित रोग व हेयर लॉस और इसके साथ ही होठों की त्वचा पर रुखापन और साथ ही वजन में भी कमी देखी जाती है।


विटामिन-के

यदि गर्भवती महिलाएं ‘विटामिन-के’ की टैबलेट जरूरत से ज्यादा लेती हैं, तो आगे चलकर उन्हें पीलिया होने की संभावना काफी बढ़ जाती हैं।

 
इसलिए अगर विटामिन की कमी नहीं है, तो आपको इनकी गोलियां नहीं लेनी चाहिएं। लेकिन अधिकतर लोग मल्टी विटामिन लेते है और लेने से पहले डॉक्टरों से संपर्क नहीं करते हैं और न कोई टेस्ट कराते हैं। अगर डॉक्टर भी आपको मल्टी विटामिन लेने की सलाह दे रहे हो, तब आप पहले उनसे इसकी जरूरत पूछें और जरूरत नहीं होने पर उसे न लें।

 

Image Source - Getty

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Written by
Pooja Sinha
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJul 06, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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