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हेयरस्टाइल का भी बालों पर पड़ता है असर

बालों की देखभाल By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 13, 2011
हेयरस्टाइल का भी बालों पर पड़ता है असर

आपका हेयरस्‍टाइल भले ही आपकी खूबसूरती बढ़ाता है लेकिन कई प्रकार का हेयरस्‍टाइल प्रयोग करने से बालों की समस्‍या भी हो सकती है।

बालों का स्‍टाइल किसी भी महिला की खूबसूरती में चार चांद तो लगा ही देती है, साथ ही अगर आने अलग तरह का हेयरस्‍टाल का प्रयोग किया है तो आप लोगों के बीच में चर्चा का विषय भी रहती हैं।
 
बालों को संवारने के लिए लोगों को खासकर महिलायें कड़ी मशक्‍कत करती हैं, और कई बार तो वे अलग-अलग हेयरस्‍टाइल के चक्‍कर में घंटों पार्लर में भी बिताती हैं। लेकिन शायद ही आपको पता हो कि बालों की समस्‍याओं के लिए हेयरस्‍टाइल भी बहुत जिम्‍मेदार है। इस लेख में विस्‍तार से जानिए कैसे हेयरस्‍टाइल आपके बालों को नुकसान पहुंचाता है।

Hairstyle can Affect Hair Health

हेयरस्‍टाइल और बाल

हेयरस्टाइल का भी बालों पर पड़ता है। अक्‍सर बाल गिरने के लिए स्टाइल से लेकर दवाएं और बीमारियां तक हैं जिम्मेदार होती हैं। अगर आपने बालों को कर्ल करने के लिए गरम रॉड का प्रयोग किया तो यह आपके बालों के झड़ने का कारण हो सकता है। गीले बालों पर कंघी करने से भी बालों के गिरने की समस्‍या होती है।

 

बालों की समस्‍या

बहुत कम लोग जानते होंगे कि इंसान के सिर पर बालों की तादाद औसतन एक लाख होती है। वृद्धि चक्र के समापन के बाद बाल प्रतिदिन जड़ से गिरने लगते हैं। बाल गिरने की दर प्रति दिन सौ से लेकर सवा सौ तक भी हो सकती है, लेकिन यह निर्भर करता है कि सिर पर बाल कितने हैं, उम्र क्या है और वृद्धि चक्र किस अवस्था में है। खास बात यह है कि मुलायम बाल वाले व्यक्ति मोटे बाल वालों से पहले गंजे हो जाते हैं।

पुरुष हो या फिर स्त्री जैसे-जैसे उम्रदराज होते जाते हैं, बालों का गिरना तेज हो जाता है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है और जब सिर के 95 फीसदी बाल गिर जाते हैं तो इसे एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया कहते हैं।

पुरुष के सिर से बालों के गिरने की शुरुआत ऊपरी हिस्से से होती है तो महिलाओं में सिर के सभी हिस्से से। महिलाओं में एक हद के बाद बालों का गिरना रुक भी जाता है। एंड्रोजेनिक एलोपेसिया प्राय: पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है। कुछ लोगों को ज्यादा प्रभावित करती है तो कुछ को कम।

बालों की समस्‍या के कुछ आम कारण

  • बाल ज्यादातर नवंबर-दिसंबर के दौरान गिरते हैं।
  • चोटियों के लिए बालों में अत्यधिक खिंचाव जख्म बना सकता है और बाल स्थाई तौर पर टूट सकते हैं।
  • हॉट ऑयल ट्रीटमेंट और केमिकल के प्रयोग से बालों की जड़ों में सूजन आ जाती है और नतीजा होता है बालों का गिरना।
  • गर्भावस्था या गर्भावस्था के बाद हार्मोन में परिवर्तन भी बालों के गिरने का एक कारण होता है।
  • असंतुलित भोजन के कारण भी बाल टूटते हैं, खास कर आयरन की कमी से।
  • गर्भ निरोधक गोलियां, गठिया की दवाएं और जरूरत से ज्यादा विटामिन-ए का इस्तेमाल भी बालों के यकायक गिरने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  • हाइपोथाइरायडिज्म, दाद और फंगल संक्रमण बालों के लिए बेहद नुकसानदेह होते हैं।
  • कीमोथेरेपी और रेडियेशन थेरेपी के बाद भी बालों के गिरने की समस्‍या होती है।
  • अत्यधिक शारीरिक और भावनात्मक तनाव भी बालों के गिरने के लिए जिम्मेदार हैं।

Hairstyle Affect Hair Health

 

बालों की समस्‍या की रोकथाम

यह उपचार के तरीके महिलाओं को कुछ हद तक राहत पहुंचा सकते हैं। अगर हेयर ड्रायर, हॉट रोल या कर्लिंग आयरन का इस्तेमाल करती हैं तो हेयर स्टाइल बदल डालिए। हॉट ऑयल ट्रीटमेंट के दौरान हल्के शैंपू और अन्य कंडीशनर का इस्तेमाल करें। विटामिन-ए की ज्यादा खुराक से बचें। सिर पर रोजमेरी और जैतून तेल की मालिश बालों की वृद्धि में सहायक होती है। पुरुष कुछ जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे मुलेठी और अश्वगंधा। जिंक की खुराक भी ली जा सकती है।

अगर आपके हेयरस्‍टाइल के कारण बालों की गिरने की समस्‍या हो रही है तो चिकित्‍सक से संपर्क कर उसका उपचार करायें।

 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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