Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

कम उम्र में हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं ये आदतें, रहें दूर

हृदय स्‍वास्‍थ्‍य By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 16, 2018
कम उम्र में हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं ये आदतें, रहें दूर

हार्ट अटैक दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी है जो कई बार इंसान को संभलने का मौका नहीं देती है। 

Quick Bites
  • युवाओं में हार्ट अटैक का कारण है जीवनशैली।
  • जंक फूड्स से बढ़ता है बैड कोलेस्ट्रॉल।
  • सिगरेट और शराब की लत से कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा।

हार्ट अटैक दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी है जो कई बार इंसान को संभलने का मौका नहीं देती है। हालांकि हार्ट अटैक को ज्यादातर लोग बुढ़ापे की बीमारी मानते हैं, जिसका खतरा 50 साल से ज्यादा उम्र वालों को होता है मगर हाल के कुछ वर्षों में युवाओं में हार्ट अटैक के कारण मौत होने के मामले इतने ज्यादा बढ़ गए हैं, कि इस बीमारी को सिर्फ बड़ी उम्र की बीमारी नहीं माना जा सकता है। युवावस्था में हार्ट अटैक का मुख्य कारण जेनेटिक यानि अनुवांशिक है मगर खराब जीवनशैली की वजह से इस बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। 

लाइफस्टाइल है बड़ी वजह

आजकल युवाओं की लाइफस्टाइल कई गंभीर बीमारियों की सबसे बड़ी वजह बन रही है। बैठकर काम करने की आदत, जंक फूड्स, फास्ट फूड्स, अनियमित नींद, शराब और धूम्रपान की वजह से आज हजारों युवा कम उम्र में ही हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। इनमें से कई को इतनी गंभीर बीमारियां होती हैं कि उचित इलाज मिलने से पहले ही उनकी मौत हो जाती है। कम उम्र में हार्ट अटैक का कारण जेनेटिक होता है, जिसे खराब लाइफस्टाइल और बढ़ा देता है।

सिगरेट की लत

धूम्रपान आपके हृदय के लिए बेहद नुकसानदेह होता है। इससे मायोकार्डियल इंफार्कशन और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अगर आपको सिगरेट पीने की लत है तो जल्‍द से जल्‍द इससे निजात पाएं। तंबाकू आपके दिल की सेहत के लिए घातक है। यह आपके शरीर में ऑक्‍सीजन की मूवमेंट पर भी नकारात्‍मक प्रभाव डालता है। साथ ही यह आपकी धमनियों में कोलेस्‍ट्रोल की मात्रा भी बढ़ाता है। स्मोकिंग और अल्कोहल युवाओं मे कोलेस्ट्रॉल के खतरनाक लेवल तक पहुंचने की सबसे बड़ी वजह है। केवल स्मोकिंग की वजह से ही 22 पर्सेंट कॉर्डियोवस्कुलर बीमारियां होती हैं और इसके अलावे कैंसर और क्रॉनिक रेसप्रेटरी डिजीज का खतरा अलग से रहता है। शराब दिल की मांसपेशियों को स्थायी रूप से निहायत कमजोर कर देती है।

इसे भी पढ़ें : जानें कब और कितनी जरूरी है ये सस्ती सी जांच

टेंशन और सफलता का दबाव

दिल की बीमारी में तनाव और अवसाद खतरनाक होता है। अवसाद यानि डिप्रेशन के कारण दिल की बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और कई बार जानलेवा भी हो सकती है। एक शोध के मुताबिक दिल के हर पांच में से एक मरीज को गंभीर डिप्रेशन की समस्या होती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार गुस्से, चिड़चिडेपन और दुश्मनी के रूप में नकारात्मक भावनाएं रक्‍तचाप को बढ़ाती हैं। डिप्रेशन से ग्रसित लोगों को दिल का दौरा पड़ने की आशंका चार गुना ज्‍यादा होती है।

शारीरिक मेहनत की कमी

हमारे शरीर के लिए जितना जरूरी खाना है उतना ही जरूरी इस खाने से मिली ऊर्जा का सही इस्तेमाल करना है। स्वस्थ दिल के लिए दिनभर में 500 से 950 कैलोरी जलाने के लिए पर्याप्‍त शारीरिक गतिविधि की जरूरत होती है। यदि आप शारीरिक रूप से कम सक्रिय हैं तो ऐसे में दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नियमित व्यायाम करें, लिफ्ट की जगह सीढ़ी का प्रयोग करें और आउट डोर गेम्स खेलें।

इसे भी पढ़ें : दिल की बीमारी का समय रहते पता लगाना है, तो जरूर करवाएं ये 6 जांच

वजन का बढ़ना

अगर आपको दिल की बीमारियों को दूर रखना है तो इसके लिए मोटापे को खुद से दूर रखना होगा। मोटापा आदत नहीं है, यह गलत खान-पान और अनियमित जीवन शैली का परिणाम है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार मोटापा उच्च कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्‍तचाप और इन्‍सुलिन रेजिस्टेंस का नेतृत्व करता है। इससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

गलत खानपान

लो कोलेस्‍ट्रॉल आहार दिल का सबसे अच्‍छा दोस्‍त होता है। परिष्कृत शर्करा और ट्रांस फैट से भरपूर आहार हृदय रोग की समस्या बढ़ाता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। फास्ट फूड के सेवन से भी हृदय रोग की आशंका बढ़ जाती हैं।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Article on Heart Health in Hindi

Written by
Anurag Gupta
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJul 16, 2018

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK