मायस्थेनिया ग्रेविस क्या है, जानिए कारण, लक्षण और उपचार

Updated at: Jul 15, 2020
मायस्थेनिया ग्रेविस क्या है, जानिए कारण, लक्षण और उपचार

हो सकता है आपके लिए यह टर्म कुछ नयी हो। असल में यह एक तरह की कमजोरी होती है। आइए जानते हैं क्या कारण हैं इस बीमारी के और क्या है बचाव के उपाय।

सम्‍पादकीय विभाग
अन्य़ बीमारियांWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Jul 14, 2020

मायस्थेनिया ग्रेविस तब होता है जब आपका इम्यून सिस्टम ऐसी एंटी बॉडीज बनानी शुरू कर देता है, जो नर्व सिग्नल्स को बाधित करते हों। इसका परिणाम यह होता है कि आपकी मसल्स कमजोर हो जाती हैं। यह मुख्य तौर से ठीक नहीं होता है।

परन्तु आपके डॉक्टर आपको कुछ ऐसी दवाइयां दे देते हैं, जिनको खाने से आपको इसके लक्षण दिखने बन्द हो जाएंगे। आपको सबसे पहले यह अपनी आंखो की पसलियों में महसूस होगा पर यह हमारे पूरे शरीर की मसल्स पर जैसे हाथ व पैरों की मसल्स पर अपना प्रभाव डालता है। 

मायस्थेनिया ग्रेविस के लक्षण (Symptoms)

आंखो में : पलकों का लटकना इस का सबसे बड़ा लक्षण होता है। यह बीमारी आंखों के आस पास की छोटी छोटी पसलियों को कमजोर कर देती है। जिसकी वजह से आपको पूरी आखें खोलने और  देखने में भी परेशानी होती है। आपको कुछ भी साफ साफ नहीं दिखेगा, बल्कि थोड़ा सा धुंधला नजर आएगा। 

मुंह व गले में : आम तौर पर मायस्थेनिया ग्रेविस चेहरे व गले की मांसपेशियों पर अपना प्रभाव दिखाता है। आपका चेहरा पहले से थोड़ा अलग और अजीब दिखने लगता है। उदाहरण के तौर पर जब आप मुस्कुराएंगे तो ऐसा प्रतीत होगा मानो आप झपकी ले रहे हों। आपको अपना मुंह उठाने में ही तकलीफ महसूस होगी। कुछ लोगों को बोलने व चबाने में भी दिक्कत महसूस होती है। 

सांस लेने में तकलीफ : इस बीमारी की वजह से आपकी छाती की मांसपेशियां भी कमजोर हो जाती हैं। जिसकी वजह से आपको सांस लेने में तकलीफ होती है। जब आपको सांस लेने में बहुत ज्यादा मुश्किल हो तो आपको किसी अन्य यन्त्र का प्रयोग करना पड़ता है। आप इस बारे में अपने डाक्टर से भी सलाह ले सकते हैं। 

हाथ व पैरों के लक्षण : जब आपको मायस्थेनिया ग्रेविस होता है तो वह आपके हाथ व पैरों की पसलियों पर कितना प्रभाव डालेगा यह बात आपके स्वास्थ्य, भोजन व आप कितनी स्ट्रेस लेते है इस पर निर्भर करता है। हाथ व पैरो में कमजोरी आपके लिए कोई भी समान उठाना मुश्किल बना देती है। 

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मायस्थेनिया ग्रेविस का कारण (Reasons)

  • यह एक ऑटो इम्यून बीमारी है । अर्थात् आपका प्रतिरोधक क्षमता तंत्र अपने ही शरीर के टिश्यूज़ पर हमला कर देता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आपके जीन्स बहुत ही महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ।परन्तु यह नहीं पता कौन से जीन्स ।इसलिए अभी इस बीमारी पर खोज जारी है। 
  • आपकी हालत खराब कब हो सकती है? (Your conditions may worsen)
  • कुछ चीजें ऐसी भी हैं जिनसे आपकी हालत बहुत ही खराब हो सकती है। ऐसी कौन सी चीजे हैं, आइए जानते हैं। 
  • जब आप बीमार हो और आपको मायस्थेनिया ग्रेविस  हो जाए। 
  • जब आप बहुत चिंतित रहते हों और हर समय थका हुआ महसूस करते हैं। 
  • जब आप प्रेगनेंट हों या आपके मासिक धर्म का समय चल रहा हो।
  • कभी-कभी ज्यादा ठंड या अ‍त्यधिक गर्मी लगना।
  • नवयुवतियां भी प्रथम मासिक धर्म के पहले या बाद में इसका  शिकार हो सकती हैं। 
  • कभी-कभी जबरदस्त उत्तेजना या तनाव के कारण भी यह बीमारी पनप सकती है।
  • यह रोग किसी भी आयु की महिला या पुरुष को हो सकता है। लेकिन अधिकांशतः 40 वर्ष की उम्र से कम महिलाओं में  60 वर्ष की उम्र से ज्यादा के पुरुषों में यह परेशानी  देखने को मिलती है। इस बीमारी का इलाज कराने के कई तरीके हैं। आप इसको ठीक करने के लिए सर्जरी, दवाइयां और थेरेपीज की सहायता ले सकते हैं।  

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इलाज (Treatment)

  • आपका डॉक्टर आपके मेडिकल हिस्ट्री को देखेगा और आपके शरीर की जांच करेगा। वह आपकी मांसपेशियों और आंखों की गतिविधियों की जांच करेगा।
  • कमजोरी कई अलग-अलग बीमारियों के लिए एक लक्षण है, इसमें कुछ समय लग सकता है-कभी-कभी 2 साल तक भी - इससे पहले कि वह पूर्ण निदान करे। 
  • आपको चिकित्सक नर्व सिग्नल  को भेजने में सुधार करने के लिए एंटीकोलिनेस्टरेज़ दवाएं दे सकते हैं।
  • Immunosuppressive ड्रग्स, जो हानिकारक एंटीबॉडी के निर्माण को धीमा या रोककर मांसपेशियों की ताकत में सुधार कर सकें दे सकते हैं।

सलाह (Advice)

यदि आप अपनी दवा समय से लेते हैं और अपने चिकित्सक के मार्गदर्शन का पालन करते हैं, तो आप अक्सर अपनी मांसपेशियों की कमजोरी को थोड़ा सुधार सकते हैं व ज्यादातर सामान्य जीवन जी सकते हैं। कुछ मामलों में, आपके लक्षण पूरी तरह से दूर भी हो सकते हैं।

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