ग्रेटा थनबर्ग और उनके पिता को कोरोना वायरस का संदेह, 10 दिन से महसूस हो रहे हैं लक्षण अभी तक नहीं हुई जांच

Updated at: Mar 26, 2020
ग्रेटा थनबर्ग और उनके पिता को कोरोना वायरस का संदेह, 10 दिन से महसूस हो रहे हैं लक्षण अभी तक नहीं हुई जांच

17 साल की मशहूर क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को 10 दिन से महसूस हो रहे हैं कोरोना वायरस के लक्षण, युवाओं से उन्होंने एक खास अपील की है।

Anurag Anubhav
लेटेस्टWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Mar 26, 2020

जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने वाली 17 वर्षीय ग्रेटा थनबर्ग को इस बात का संदेह है कि वो कोरोना वायरस का शिकार हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें और उनके पिता को पिछले 10 दिन से कोरोना वायरस के लक्षण महसूस हो रहे हैं। ग्रेटा ने अभी कोविड-19 का टेस्ट नहीं कराया है, मगर लक्षणों के कारण उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है। ग्रेटा ने ये बातें स्वयं अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखी हैं। उन्होंने बताया कि वो हाल में ही सेंट्रल यूरोप से लौटी हैं, जहां शुरुआत में हालात इटली जैसे ही थे।

2 हफ्ते से आइसोलेशन में हैं ग्रेटा

फिलहाल ग्रेटा ने खतरे को भांपते हुए अपने आप को अपने परिवार से अलग आइसोलेशन में रख लिया है। उन्होंने लिखा कि खुद को अपनी मां और बहन से अलग रखने के लिए उन्होंने एक अपार्टमेंट किराये पर लिया है। ग्रेटा ने लिखा कि पिछले दिनों एक यात्रा में उनके पिता भी उनके साथ थे। और अब पिछले 10 दिनों से दोनों ही लोगों में एक साथ कोरोना वायरस के लक्षणों का दिखना शुरू हुआ है।

इसे भी पढ़ें:- ब्रिटेन के शाही खानदान तक पहुंचा कोरोना वायरस, प्रिंस चार्ल्स कोरोना पॉजिटिव पाए गए

थकान, खांसी और बुखार के दिखे लक्षण

ग्रेटा ने लिखा, "मैं बहुत अधिक थकान महसूस कर रही थी और कांप रही थी। मुझे गले में खराश और लगातार खांसी की भी शिकायत थी। मेरे पिता को भी यही लक्षण और ज्यादा गंभीरता के साथ महसूस हो रहे थे। उन्हें बुखार भी था।"

 
 
 
View this post on Instagram

The last two weeks I’ve stayed inside. When I returned from my trip around Central Europe I isolated myself (in a borrowed apartment away from my mother and sister) since the number of cases of COVID-19 (in Germany for instance) were similar to Italy in the beginning. Around ten days ago I started feeling some symptoms, exactly the same time as my father - who traveled with me from Brussels. I was feeling tired, had shivers, a sore throat and coughed. My dad experienced the same symptoms, but much more intense and with a fever. In Sweden you can not test yourself for COVID-19 unless you’re in need of emergent medical treatment. Everyone feeling ill are told to stay at home and isolate themselves. I have therefore not been tested for COVID-19, but it’s extremely likely that I’ve had it, given the combined symptoms and circumstances. Now I’ve basically recovered, but - AND THIS IS THE BOTTOM LINE: I almost didn’t feel ill. My last cold was much worse than this! Had it not been for someone else having the virus simultainously I might not even have suspected anything. Then I would just have thought I was feeling unusually tired with a bit of a cough. And this it what makes it so much more dangerous. Many (especially young people) might not notice any symptoms at all, or very mild symptoms. Then they don’t know they have the virus and can pass it on to people in risk groups. We who don’t belong to a risk group have an enormous responsibility, our actions can be the difference between life and death for many others. Please keep that in mind, follow the advice from experts and your local authorities and #StayAtHome to slow the spread of the virus. And remember to always take care of each other and help those in need. #COVID #flattenthecurve

A post shared by Greta Thunberg (@gretathunberg) onMar 24, 2020 at 8:22am PDT

अभी नहीं किया गया है टेस्ट

ग्रेटा लिखती हैं कि, "स्वीडन में आप तब तक अपना कोविड-19 टेस्ट नहीं करा सकते हैं, जब तक कि आपको मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति न आ जाए। यहां हर कोई बीमार महसूस कर रहा है मगर उन्हें कहा जा रहा है कि वो घर पर रहें और खुद को आइसोलेट करें। इसलिए अभी तक मेरा कोविड-19 टेस्ट नहीं हो सका है। लेकिन परिस्थियों और लक्षणों के आधार पर मुझे बहुत ज्यादा महसूस हो रहा है कि मुझे कोविड-19 हो गया है।"

इसे भी पढ़ें:- बिना डॉक्टर की सलाह के दवा खाने से कोरोना वायरस के एक मरीज की मौत, जानें क्यों खतरनाक है सेल्फ मेडिकेशन

युवाओं से कही ये खास बात

ग्रेटा के अनुसार वो अब थोड़ा रिकवर कर रही हैं और ठीक महसूस कर रही हैं। उन्होंने लिखा, "अब मैं बहुत ज्यादा बीमार नहीं महसूस कर रही हूं। मुझे पिछली बार जो बुखार आया था, वो अभी से बहुत बुरा था। अब ऐसा लग रहा है कि मैं बस बहुत ज्यादा थकी हुई थी और खांसी से जूझ रही हूं। लेकिन ये और भी खतरनाक स्थिति है। बहुत सारे युवाओं में इस वायरस के लक्षण या तो नहीं महसूस हो रहे हैं या बहुत हल्के महसूस हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें लगता है कि उन्हें ये वायरस नहीं है और वे इसे ऐसे लोगों में फैलाते जाते हैं, जिन्हें इससे खतरा है।"

"हम, जो लोग कोरोना वायरस के रिस्क ग्रुप में नहीं आते हैं, उन पर बड़ी जिम्मेदारी है। हमारा छोटा सा कदम किसी दूसरे के लिए जीवन और मौत की स्थिति पैदा कर सकता है। इस बात को अपने दिमाग में बिठा लीजिए। एक्सपर्ट्स और स्थानीय प्रशासन द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन कीजिए और घर पर रहिए, ताकि इस वायरस को फैलने से रोका जा सके। और हमेशा याद रखिए कि आपको दूसरों का ख्याल रखना है और जरूरत पड़ने पर उनकी मदद करनी है"

Read More Articles on Health News in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK