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Good Newwz Trailer: 'गुड न्‍यूज' फिल्‍म में बच्‍चा पैदा करने की IVF तकनीक का है जिक्र, जानें क्‍या है ये

विविध By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 18, 2019
Good Newwz Trailer: 'गुड न्‍यूज' फिल्‍म में बच्‍चा पैदा करने की IVF तकनीक का है जिक्र, जानें क्‍या है ये

अक्षय कुमार और करीना कपूर अभिनीत फिल्म 'Good Newwz' का हाल ही में लॉन्च किया गया ट्रेलर आईवीएफ और संभावित गलतियों के इर्द-गिर्द घूमता है, जो इस प्रक्रिया के दौरान हो सकती हैं।

आईवीएफ (IVF-In vitro fertilisation) उन माता-पिता के लिए एक वरदान के रूप में उभरा है जो निसंतान हैं या यूं कहें कि प्राकृतिक तरीके से गर्भ धारण करने में सक्षम नहीं हैं। जैसे 'Good Newwz' के ट्रेलर में बत्रा जो माता-पिता बनने के लिए आशान्वित हैं और इसलिए उन्होंने एक आईवीएफ स्‍पेशलिस्‍ट की मदद ली है। अगर आपको हमारी बात नहीं समझ आई तो 'Good Newwz' का ट्रेलर देखिए। आपको पता चल जाएगा कि हम किस बारे में बात कर रहे हैं। दो जोड़े जो बच्चा चाहते हैं, वे एक आईवीएफ स्‍पेशलिस्‍ट के पास गए हैं, लेकिन वहां क्या होता है यह कल्पना से परे है।

IVF

जैसा कि ट्रेलर से पता चलता है, दोनों पुरुषों के स्‍पर्म को गलत तरीके से प्रत्यारोपित किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप मामला गड़बड़ हो जाता है, यानी स्‍पर्म की अदला-बदली हो जाती है। यह फिल्म कॉमेडी है, लेकिन यह वास्तव में एक मजबूत संदेश देती है कि 100% परफेक्‍ट कुछ भी नहीं है, हर प्रक्रिया में जोखिम हैं। अधिकांश जोड़ों को इन उपचारों के बारे में पता नहीं होता है और वे अपने डॉक्टरों पर आंखों पर पट्टी बांधकर विश्वास करते हैं। इसके परिणामस्वरूप एक जटिल स्थिति हो सकती है जो 'Good Newwz' फिल्म में दिखाई गई है।

आईवीएफ के बारे में जानें 

आईवीएफ या इन विट्रो फर्टिलाइजेशन एक लोकप्रिय इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट है जो एक महिला को प्राकृतिक तरीके से गर्भवती होने में मदद कर सकता है। हाल ही में, आईवीएफ में बहुत सारी प्रगति हुई है जिसने सफलता दर को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। इसके कारण, अधिकांश जोड़े संतान प्राप्‍त करने के लिए आईवीएफ की मदद ले रहे हैं। 

कुछ लोग आईवीएफ और कृत्रिम गर्भाधान को एक समान मानते हैं। जबकि ये कुछ समान हैं लेकिन अलग हैं। कृत्रिम गर्भाधान में, शुक्राणु को मां के गर्भ में प्‍लांट किया जाता है और गर्भाधान स्वाभाविक रूप से होता है। जबकि, आईवीएफ में, पिता के शुक्राणु और मां के अंडे को एक प्रयोगशाला में ले जाकर निषेचन कराया जाता है, जैसे ही भ्रूण बनता है, उसे महिला के गर्भाशय में रख दिया जाता है।

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यह उपचार थोड़ा महंगा है और सभी लोग इस खर्च को उठा नहीं सकते। लेकिन ऐसा करने वालों में, 99% माता-पिता बन गए। यह उपचार 90% सुरक्षित है, आपको किसी भी जोखिम को कम करने के लिए डॉक्टर और आईवीएफ स्‍पेशलिस्‍ट की मदद लेनी चाहिए।

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