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साइटिका के संकेत हैं शरीर में दिखने वाले ये 5 लक्षण, ऐसे करें बचाव

दर्द का प्रबंधन
By Atul Modi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 27, 2017
साइटिका के संकेत हैं शरीर में दिखने वाले ये 5 लक्षण, ऐसे करें बचाव

साइटिका आपके साइटिक तंत्रिका को नुकसान या चोट का परिणाम होता है, इसलिए तंत्रिका क्षति के अन्य लक्षण आमतौर पर दर्द के साथ उत्पन्न होते हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्‍यम से बताएंगे कि कैसे इस दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।

Quick Bites
  • साइटिका आपके साइटिक तंत्रिका को नुकसान या चोट का परिणाम होता है
  • इसलिए तंत्रिका क्षति के अन्य लक्षण आमतौर पर दर्द के साथ उत्पन्न होते हैं
  • इस लेख के माध्‍यम से बताएंगे कि कैसे इस दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है

साइटिका का दर्द असहनीय होता है। इससे पीडि़त व्‍यक्ति को तमाम तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। इसका लक्षण बहुत अलग प्रकार का होता है। यदि आपको अपने पीठ के निचले हिस्से से अपने नितंब क्षेत्र से होते हुए आपके निचले अंगों में बहने वाले दर्द का सामना करना पड़ रहा है, तो यह आमतौर पर साइटिका होता है। साइटिका आपके साइटिक तंत्रिका को नुकसान या चोट का परिणाम होता है, इसलिए तंत्रिका क्षति के अन्य लक्षण आमतौर पर दर्द के साथ उत्पन्न होते हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्‍यम से बताएंगे कि कैसे इस दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।

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साइटिका के संकेत

  • आपको दर्द हो सकता है जो हिलने-डुलने से और बदतर हो जाता है।
  • आपके टांगो या पैरों में आपको सुन्नता या कमजोरी हो सकती है, जो कि आमतौर पर आपके साइटिक तंत्रिका पथ में महसूस होती है।
  • गंभीर मामलों में, आपके पैरों का महसूस होना या हिलना-डुलना भी बंद हो सकता है।
  • आप पिंस और सुई की सेंसेशन महसूस कर सकते हैं, जिसमें आपके पैर की उंगलियों या पैरों में एक दर्दनाक झुनझुनी होना भी शामिल है।
  • आप नित्य कर्म पर नियंत्रणहीनता का अनुभव कर सकते हैं, यह आपके मूत्राशय या आंत को नियंत्रित करने में अक्षमता है।

साइटिका से कैसे बचें

  • खड़े होने, चलने और बैठने पर सही आसन बनाए रखें।
  • ऐसा व्यायाम करें जो एरोबिक फिटनेस और पेट व रीढ़ की हड्डी की मांसपेशियों में ताकत और लचीलापन बनाए रखता है।
  • कोई भी चीज सही तरीके से उठाने की तकनीक का अभ्यास करें। इसके लिए घुटनों को मोड़कर पीठ को सीधा रखें।
  • ऐसा करने से, तनाव कूल्हे और पैरों पर आ जाता है, पीठ पर नहीं।
  • उस वस्तु को शरीर के पास पकड़ कर रखें। शरीर से जितनी दूर वस्तु रहती है उतना अधिक तनाव पीठ पर पड़ता है।
  • जब बैठने के लिए कुर्सियों का उपयोग करें तो यह सुनिश्चित करें कि आपकी पीठ अच्छी तरह से टिकी हुई है।
  • ऐसी कुर्सियों का उपयोग करें जो अच्छा बैक सपोर्ट प्रदान करती हैं और बैठने की एक अच्छी स्थिति प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गयी हैं।
  • एक लकड़ी का रोल या कॉन्टर्ड कुशन आपकी पीठ के निचले भाग को सपोर्ट प्रदान करने में मदद कर सकता है।
  • धूम्रपान न करें। शरीर के वजन को एक स्वस्थ स्तर पर बनाए रखें।

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Written by
Atul Modi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागDec 27, 2017

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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