आपके घर में आ गए हैं बीमारी वाले कीटाणु! ऐसे करें इनकी पहचान

Updated at: Dec 08, 2017
आपके घर में आ गए हैं बीमारी वाले कीटाणु! ऐसे करें इनकी पहचान

फलों को धोने के दौरान अगर वे किचन की सिंक में गिर जाएं तो शायद ही कोई ऐसा हो, जो उन्हें दोबारा अच्छी तरह धोएं।

Rashmi Upadhyay
तन मनWritten by: Rashmi UpadhyayPublished at: Dec 08, 2017

फलों को धोने के दौरान अगर वे किचन की सिंक में गिर जाएं तो शायद ही कोई ऐसा हो, जो उन्हें दोबारा अच्छी तरह धोएं। फल किचन में ही तो गिरे हैं, बाथरूम में तो नहीं! लेकिन जरा रुकिए! हमारे घरों के भीतर कुछ ऐसी जगहें हैं, जिन्हें हम तो साफ मानते हैं लेकिन वास्तव में जो जर्म्स यानी विषाणु, बैक्टीरिया एवं कई अन्य तरह के माइक्रो-ऑर्गनिज्म का बसेरा हैं। अच्छी बात यह है कि इनमें से लगभग 90 प्रतिशत जर्म्स हमें कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं लेकिन शेष 10 प्रतिशत सारी बीमारियां दे सकते हैं।

रसोईघर का सिंक

बर्तन, फल-सब्जी आदि धोने, खाना पकाने के दौरान सबसे ज्यादा इस्तेमाल यहां सिंक का होता है। मगर इन्हीं प्रक्रियाओं के दौरान मिट्टी, फल-सब्जियों के टुकड़े, बचा हुआ खाना आदि सिंक या उसके पाइप में जमा हो जाते हैं और नुकसान पहुंचाने वाले जर्म्स पनपते हैं। बाद में यही हमारे हाथों से होकर शरीर के भीतर पहुंच जाते हैं। मजे की बात यह है कि लगभग सभी घरों में रसोईघर की सिंक को साफ मानते हुए उसकी सफाई को लेकर कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं किया जाता और जर्म्स बढ़ते ही जाते हैं।

करें सफाई: किचन की सिंक की नियमित सफाई करें। इसके लिए ब्लीच या किसी भी क्लींजिंग उत्पाद का उपयोग किया जा सकता है। इसके पाइप की भी सफाई का ध्यान रखें।

आपका टूथब्रश

आप दिन में दो बार ब्रश करते हैं ताकि दांत साफ रहें, लेकिन हो सकता है कि इसके ठीक उलट ब्रश के जरिए जर्म्स आपके मुंह में जा रहे हों। दांत साफ करने के बाद अध्ािकतर लोग ब्रश को केवल पानी से साफ कर उसे खुला छोड़ देते हैं। बहुत-से घरों में ब्रश बाथरूम-कम-टॉयलेट में बेसिन के करीब रहता है ताकि सुविध्ाा हो लेकिन यही इसमें जर्म्स का कारक बनता है।

- रखें ध्यान: टूथब्रश को हमेशा कैप लगाकर रखें। ब्रश को टॉयलेट से दूर कहीं और रखने का प्रयास करें या अगर टॉयलेट के पास रखें तो फ्लश करते वक्त कमोड का ढक्कन बंद रखें। ब्रश को हर तीन महीने में बदलते रहें।

टेलीविजन का रिमोट

यह एक ऐसी चीज है, जो घर में हर किसी के हाथों से गुजरती है चाहे वह स्वस्थ हो या बीमार। ऐसे में रिमोट अक्सर सर्दी-जुकाम से पीड़ित व्यक्ति के हाथ में भी आता है। कभी रिमोट सोफे पर पड़ा रहता है, तो कभी जमीन या डायनिंग टेबल पर भी। रिमोट के अलावा ऐसी कोई भी चीज, जो दिनभर हाथों में रहती है, जैसे मोबाइल फोन आदि, उन पर जर्म्स आसानी से पनपते हैं, जो स्वस्थ व्यक्ति को बीमार करने के लिए काफी हैं।

- सफाई जरूरी: रिमोट को दिन में कई बार किसी अल्कोहल वाइप से पोछें। इस तरह के वाइप्स बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। इसके अलावा साबुन और पानी से अच्छी तरह से हाथ ध्ाोना जर्म्स से बचने का सबसे आसान और कारगर तरीका है।

लैपटॉप या कम्प्यूटर की-बोर्ड

घरों या दफ्तर में इन दिनों लैपटॉप या कम्प्यूटर पर ही अधिकतर काम होते हैं। अगर आप अपने लैपटॉप या कम्प्यूटर के सामने दिन बिताते हैं, वहीं खाते हैं, वहीं पर छींकते हैं और की-बोर्ड की सफाई पर शायद ही कभी ध्यान देते हैं, तो आपका की-बोर्ड बीमारियों का वाहक बन सकता है। अगर इसे आपके अलावा दूसरे भी इस्तेमाल करते हैं, तब तो और सावध्ाान होने की जरूरत है।

- धोएं हाथ: लैपटॉप या कम्प्यूटर पर काम शुरू करने से पहले और खत्म होने पर हाथ अच्छी तरह से ध्ाोएं। डेस्क पर बैठकर खाना-पीना टालें। की-बोर्ड व माउस को वाइप करें।

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