• shareIcon

जेनिटल टीबी के कारण महिलाएं नहीं हो पाती प्रेग्‍नेंट, जानें इसके लक्षण और उपचार

महिला स्‍वास्थ्‍य By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 25, 2019
जेनिटल टीबी के कारण महिलाएं नहीं हो पाती प्रेग्‍नेंट, जानें इसके लक्षण और उपचार

Genital Tuberculosis: जननांग टीबी या जेनिटल ट्यूबरकुलोसिस महिलाओं और पुरुषों, दोनों में होने वाली एक गंभीर समस्‍या है। हालांकि महिलाएं इससे ज्‍यादा प्रभावित होती हैं।

टीबी (Tuberculosis) या तपेदिक या क्षय रोग एक गंभीर स्थिति है, जो पुराने समय से चली आ रही है। ट्यूबरकुलोसिस एक जीवाणु संक्रमण है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है- यही कुष्ठ रोग का भी कारण बनते हैं। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है। टीबी कई प्रकार के होते हैं, जिनमें से एक जननांग में भी होता है, जिसे जननांग टीबी या जेनिटल ट्यूबरकुलोसिस (Genital tuberculosis) कहा जाता है। 

जननांग टीबी, रोग का वह रूप है जो मुख्‍यत: महिला जननांगों- अंडाशय (Ovaries), फैलोपियन ट्यूब (Fallopian tubes), गर्भाशय (Uterus), गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) और योनि (Vagina) या श्रोणि (Pelvis) में आसपास के लिम्फ नोड्स को प्रभावित करता है। पुरुषों में, यह प्रोस्टेट ग्रंथि और वृषण (Testes) को प्रभावित कर सकता है; और पुरुषों और महिलाओं में गुर्दे (Kidneys), मूत्रवाहिनी (Ureters), मूत्राशय (Urinary bladder) भी प्रभावित हो सकता है। 

ट्यूबरकुलोसिस, आमतौर पर शरीर के अन्य हिस्सों से संक्रमण फैलने का एक परिणाम है, सबसे ज्‍यादा यह फेफड़ों में फैलता है। ट्यूबरकुलोसिस मुख्य रूप से प्रसव के दौरान महिलाओं को प्रभावित करता है और यह कई बार बांझपन (Infertility) के मुख्‍य कारणों में से एक हो सकता है।

genital-tuberculosis

जेनिटल ट्यूबरकुलोसिस के लक्षण- Early symptoms of genital tuberculosis

शुरूआती स्‍टेज में जेनिटल ट्यूबरकुलोसिस या जननांग टीबी का पता लगा पाना मुश्किल होता है। इस स्थिति की जांच के लिए संदेह के एक हाई इंडेक्‍स की आवश्यकता होती है। इसे निम्‍नलिखित स्थितियों में गंभीरता से लेना जरूरी होता है: 

  • पहली बार गर्भ धारण करने में असमर्थता
  • फैमिली में जेनिटल ट्यूबरकुलोसिस का इतिहास
  • हमेशा थकान
  • लो-ग्रेड फीवर 
  • पेट के निचले हिस्से में बेचैनी या दर्द
  • योनि स्राव और मासिक धर्म की अनियमितताओं से जुड़ी स्थिति दिखने पर इसकी गहन जांच करानी चाहिए। 

जेनिटल ट्यूबरकुलोसिस के लक्षणों की जांच- How is genital TB diagnosed

शरीर में कहीं भी टीबी की उपस्थिति का पता लगाने के लिए एक ट्यूबरकुलिन त्वचा परीक्षण (tuberculin skin test) किया जा सकता है। इसके अलावा, संक्रममित क्षेत्र के आधार पर, चेस्‍ट एक्स-रे, पैल्विक अल्ट्रासाउंड स्कैन, एंडोमेट्रियल उपचार, सर्वाइकल स्‍मीयर एग्‍जामिनेशन, मासिक धर्म के रक्त का विश्लेषण और जननांग अंगों के लैप्रोस्कोपिक या एंडोस्कोपिक एक्‍जामिनेशन के माध्‍यम से इसका पता लगाना आसान है। 

इसे भी पढ़ें: आपके मां बनने में आ रही दिक्‍कतों को दूर कर सकती हैं ये 8 जांचे, जानें क्‍या हैं ये

जेनिटल ट्यूबरकुलोसिस का उपचार How is genital TB treated

जननांग टीबी का उपचार 2 चरणों में दिया जाता है; कम से कम 3 एंटी-टीबी दवाओं के साथ 2 महीने के लिए शुरूआती चिकित्सा, और 4-10 महीनों के लिए कम से कम 2 एंटी-टीबी दवाओं के साथ एक लगातार इलाज। ऐसा शायद ही होता होगा कि, प्रभावित जननांग भागों के सर्जिकल उपचार की आवश्यकता पड़ती हो। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आप उपचार के दौरान निर्देशों का सटीक रूप से पालन करें। निर्धारित अवधि के लिए निर्धारित सभी दवाओं को नियमित रूप से लिया जाना चाहिए, ताकि एमडीआर-टीबी (Multi-drug-resistant tuberculosis) को विकसित होने से रोका जा सके।

इसे भी पढ़ें: बिना प्रेग्‍नेंसी के निप्‍पल डिस्‍चार्ज होना ब्रेस्‍ट कैंसर का हो सकता है संकेत, जानें कारण

जेनिटल ट्यूबरकुलोसिस से बचाव- Genital tuberculosis prevention 

दुर्भाग्य से, जननांग टीबी के इलाज को पूरा करने के बाद भी बांझपन की दर बहुत अधिक है। जननांग टीबी को केवल यह सुनिश्चित करके रोका जा सकता है कि शरीर का कोई अन्य भाग टीबी से प्रभावित नहीं है। इसका मतलब यह है कि महिलाओं को कम उम्र में भी फेफड़ों की टीबी के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। चूंकि खांसी और छींकने के दौरान निकाली गई बूंदों से टीबी फैलता है, इसलिए फेफड़ों के टीबी से बचना महत्वपूर्ण है।

बीसीजी वैक्सीन को सभी शिशुओं के लिए अनिवार्य रूप से दिया जाना चाहिए, और टीबी के स्थानिक क्षेत्रों से आने वाले लोगों को स्थिति के लिए स्क्रीनिंग से गुजरना चाहिए। जननांग टीबी से प्रभावित लोगों को सेफ-सेक्स टेक्‍नीक की सलाह लेनी चाहिए।

Read More Articles On Women Health In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK