गर्भावस्‍था के दौरान ओवरवेट महिलाओं को रखना पड़ता है अपने आहार का खास ध्‍यान

Updated at: Oct 10, 2013
गर्भावस्‍था के दौरान ओवरवेट महिलाओं को रखना पड़ता है अपने आहार का खास ध्‍यान

ओवरवेट महिलाओं को प्रसव के दौरान खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इसलिए गर्भावस्‍था के दौरान ओवरवेट महिलाओं को अपने आहार का खास ध्‍यान रखना चाहिए, जानें कैसे।

रीता चौधरी
गर्भावस्‍था Written by: रीता चौधरी Published at: Oct 10, 2012

गर्भावस्था के दौरान एक महिला को न सिर्फ अपनी बल्कि अपने होने वाले बच्चे की भी देखभाल करनी पड़ती है। ऐसे में महिला को अपने स्वास्‍थ्‍य का खयाल रखना बेहद जरूरी है। और स्वस्थ रहने के लिए अच्छा और सही मात्रा में भोजन करना बहुत जरूरी है।

diet for obese overweight women during pregnancy

 

अधिक वजन वाली महिलाएं अकसर वजन ज्यादा बढ़ जाने के डर से कम से कम खाने की कोशिश करती है। कम खाना भी गर्भवती महिला और उसके होने वाले बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है। वैसे तो गर्भावस्था में अत्यधिक मोटा होना नुकसान पहुंचा सकता है। क्योंकि मोटापे की शिकार महिलाओं को प्रसव के दौरान खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, मोटी महिलाओं में कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।



गर्भावस्था के दौरान ओवरवेट महिलाओं का आहार

 

  • गर्भावस्था के दौरान आमतौर पर वजन बढ़ जाता है, इसलिए कोशिश करें कि जरूरत से अधिक वसा वाला भोजन ना खाएं। क्योंकि वसा वाला भोजन खाने से न सिर्फ मोटापा बढ़ता है, बल्कि महिला और होने वाले बच्चे के स्वास्‍थ्‍य को भी खतरा रहता है।
  • संतुलित पौष्टिक आहार करें। जिसमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल शामिल होने चाहिए। दाल, चावल, सब्जियां, रोटी और फलों को रोज के आहार में शामिल करें।
  • सुबह-शाम दूध पीना न भूलें। गर्भस्थ शिशु का शरीर जब बढ़ रहा होता है तब वह अपनी सभी जरूरते माता के शरीर से पूरी करता है।
  • आहार से गर्भवती महिला की लौह तत्वों की आपूर्ति नहीं हो पाती इसलिए आयरन, फोलिक एसिड की गोलियों का सेवन भी जरूरी होता है।
  • गर्भवती महिलाओं को गहरे हरी सब्जियां जरूर खानी चाहिए।
  • दलिया या मोटे आटे से बनी रोटियां भी अपने आहार में शामिल करनी चाहिए। मैदे का उपयोग कम से कम करें, क्योंकि मैदे से वजन बढ़ता है।
  • संतरे, अंगूर और केले को रोज की खुराक में शामिल करें।
  • सभी तरह की दालें, बींस, दूध और दही रोज के आहार में होनी चाहिए।
  • सूखे मेवे भी खाएं। गर्भवती महिलाओं को कॉफी, चाय और कार्बोनेटेड ड्रिक्स की मात्रा में कमी करनी चाहिए। कोला पेय में कैफीन की मात्रा अधिक होती है।
  • एक गर्भवती महिला को अपने खाने में रोजाना 2500 कैलोरी की जरूरत होती है। इसलिए इतनी हीे कैलारी अपने दिनभर के खाने में लेनी चाहिए इससे ज्‍यादा नहीं। 


जाहिर है कि गर्भवती महिला का वजन उसके सामान्य वजन से अधिक ही होगा। ऐसे में चिंता की कोई जरूरत नहीं है।

 

 

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