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गर्भावधि मधुमेह: एक गंभीर समस्या है, जानें कैसे निपटें इससे

गर्भावस्‍था By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 29, 2013
गर्भावधि मधुमेह: एक गंभीर समस्या है, जानें कैसे निपटें इससे

गर्भावधि मधुमेह से कैसे निपटें: गर्भावस्था में मधुमेह के खतरे से बचने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। पढ़ें गर्भावस्था में मधुमेह की समस्या से कैसे बच सकते हैं।

Quick Bites
  • गर्भावधि मधुमेह की चिकित्सा में रक्त शर्करा का स्तर सामान्य रखने की कोशिश की जाती है।
  • ब्‍लड शुगर को सामान्‍य बनाए रखने के लिए इंजेक्शन की मदद भी ली जा सकती है।
  • गर्भावस्था में रक्त शर्करा का बढ़ता स्तर मां और गर्भस्थ शिशु दोनो के लिए खतरनाक हो सकता है।
  • गर्भधारण करने से पहले अपना रक्त शर्करा की जांच अवश्य करवा लें।

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गर्भावधि मधुमेह से गर्भवती महिला और गर्भस्‍थ शिशु दोनों की सेहत को नुकसान हो सकता है। इसलिए इसके इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। गर्भावधि मधुमेह की चिकित्सा में रक्त शर्करा का स्तर सामान्य रखने का प्रयास किया जाता है। इस चिकित्सा में विशेष भोजन योजना, थोड़ा व्यायाम आदि किया जाता है। इसके साथ ही ब्‍लड शुगर को सामान्‍य बनाए रखने के लिए इंजेक्‍शन भी लगाए जा सकते हैं।
 
ज्यादातर महिलाएं जिन्हें गर्भावधि मधुमेह है, उनमे कोई समस्याएं विकसित नही होती। आमतौर पर वे प्रसव के बाद वे एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं। लेकिन गर्भावस्था में रक्त शर्करा स्तर नियंत्रण मे नही होता तो यह मां और गर्भस्थ शिशु दोनो के लिए चिंता का कारण बन सकता है।

यदि आप गर्भधारण करने की योजना बना रही हैं तो अपना रक्त शर्करा की जांच अवश्य करवा लें। यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि गर्भधारण के दौरान उच्च रक्त शर्करा होने को कारण तीन महीनो में कई जन्म संबंधी त्रुटियां यहां तक के गर्भपात की संभावना भी बढ़ सकती है।

[इसे भी पढ़ें: गर्भावस्था में डायबिटीज से बचें]

 

गर्भावस्था के दौरान आपको गर्भावधि मधुमेह के खतरों से बचने के लिए कुछ इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  •  मधुमेह या पिछले तीन महीने मे शर्करा नियंत्रण के स्तर की जांच अवश्य करा ले।
  •  गुर्दा या गुर्दा संबंधी कार्य परीक्षण की जांच कराएं।
  •  पेशाब कार्य प्रणाली या पेशाब संबंधी कार्य प्रणाली संक्रमण की आशंका पर भी नजर रखें।
  •  अल्ट्रासाउण्ड, गर्भस्थ शिशु की अत्याधिक वृद्धि और विकास और गर्भस्थ शिशु या भ्रूण का आंकलन या तंदुरुस्ती की जांच भी करें।
  •  कीटोन के परीक्षण के बारे में अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करे और अपने रक्तचाप की जांच करवाएं।

[इसे भी पढ़ें: गर्भावधि मधुमेह में सावधानी जरूरी]

 


ध्यान रखने योग्य बातें: 

नियमित व्यायाम करें-

गर्भावधि मधुमेह में नियमित व्यायाम बहुत आवश्यक होता है। दिन में कम से कम तीस-तीस मिनट की दो बार वौक करें। यह आपके ग्लाइसेमिक नियंत्रण में सहायता करता है। और यदि आप इन्सुलीन ले रहे हैं, तो यह उसे ठीक तरह कार्य करने में भी मदद करता है।   

भोजन का विशेष ध्यान रखें-

आहार विशेषज्ञ द्वारा निर्धारित भोजन योजना का पालन करें। तेल व घी से परहेज करें, फल और सलाद का जितना हो सके सेवन करें। अच्छी डाइट व एक्सरसाइज से ना सिर्फ आपकी सेहत बहतर होती है बल्कि चेहरे पर भी निखार आता है।

वजन का खयाल रखें-

अपने वजन का ध्यान रखें। यदि आपका वजन ज्यादा होता है तो यह समस्या का कारण बन सकता है।  

 

 

 

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Written by
Rahul Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागApr 29, 2013

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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