• shareIcon

    गर्भावस्था के दौरान सकारात्‍मक सोचकर आसानी से पा सकते हैं गुस्से पर काबू

    गर्भावस्‍था By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 30, 2012
    गर्भावस्था के दौरान सकारात्‍मक सोचकर आसानी से पा सकते हैं गुस्से पर काबू

    एक स्वस्थ गर्भावस्था पाने के लिए और साथ ही अपने गुस्से को भी नियंत्रित करने के लिए, गर्भवती महिलाओं को कुछ खास कदम उठाने की जरूरत होती है।

    गर्भवती महिलाएं अक्सर गुस्सा हो जाती हैं। उनका स्वभाव चिड़चिड़ा और अजीब सा हो जाता है। लेकिन, क्या आप जानती हैं कि आपका यह गुस्सा आपके होने वाले बच्चे के स्वास्थ्‍य पर कितना बुरा असर डालता है।

    how to control anger during pregnancyइससे बच्चे का वजन सामान्य से कम हो सकता है साथ ही आपको भी कई अन्य तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। कई बार तो समस्याएं इतनी बढ़ जाती हैं कि गर्भपात तक हो सकता है।

    हर महिला का शरीर दूसरी महिला से अलग होता है। और इस लिहाज से उनकी गर्भावस्था और उसके लक्षण भी अलग होते हैं। इस दौरान किसी भी महिला में असामान्य भावनात्मक परिवर्तन होना सामान्य ही माना जाता है। हॉर्मोन्स में हो रहे बदलावों के चलते महिलाओं के स्वभाव में तो परिवर्तन आता ही है और वे अधिक गुस्सा करने लगती हैं, लेकिन साथ ही उनमें कई शारीरिक बदलाव भी आते हैं। मतली, पैरों में सूजन, थकान, सिरदर्द, स्तनों का कोमल हो जाना, अनिद्रा, कब्ज और ईर्ष्या जैसी समस्याओं का सामना इस दौरान महिलाओं को करना पड़ता है। एक स्वस्थ गर्भावस्था पाने के लिए और साथ ही अपने गुस्से को भी नियंत्रित करने के लिए, गर्भवती महिलाओं को कुछ खास कदम उठाने की जरूरत होती है।

     

    गुस्‍से पर काबू पाने के उपाय

     

    स्वस्थ खानपान अपनाएं

    गर्भावस्था में महिलाओं को अपना भोजन बहुत सोच-समझकर चुनना चाहिए। कई बार महिलाएं पौष्टिकता के चक्कर में ऐसा भोजन अधिक खा लेती हैं जिसकी उन्हें जरूरत नहीं होती। नतीजतन उनके शरीर पर नकारात्म‍क प्रभाव पड़ता है। वे ओवरवेट हो जाती हैं। और अगर आप कामकाजी महिला हैं तो गर्भावस्था के दौरान आपको अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अपने भोजन में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं। आपके लिए नट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां और साबुत अनाज और उससे बनी रोटियां या ब्रेड मुफीद रहेंगी। दो भोजन के बीच में आप सलाद और ताजा फल ले सकती हैं।

     

    एक्टिव रहें

    नियमित व्यायाम करें। व्यायाम गर्भावस्था के दौरान आपके गुस्‍से को नियंत्रित करने में मदद करता है। रोजाना 15 मिनट तक योग करना या फिर कुछ देर तक टहलना ही आपको भावनात्मक उथल-पुथल से निजात दिलाने में मदद करेगा। इसके साथ ही आप कुछ स्ट्रेचिंग व्यायाम भी कर सकती हैं। इससे आपके शरीर में रक्त संचार सही बना रहेगा। साथ ही आप पैरों में सूजन और कमर दर्द जैसी समस्याओं से भी बची रहेंगी। और तो और छोटे मोटे घरेलू काम भी आपको एक्टिव रखते हैं।  

    रिलेक्स रहें इंजॉय करें

    दिनभर में कुछ बढि़या वक्त अपने लिए भी निकालें। वक्त मिले तो फिल्म देखने जाएं या फिर संगीत सुनें। संभव हो तो स्पा थेरेपी लें। ये सब काम आपको आनंदित रखेंगे और आप रहेंगी एक्टिव।

     

    बहस से बचें

    जब भी आपको इस बात का अहसास हो कि बहस गर्म होने वाली है और बेहतर रहेगा कि आप वहां से दूर हट जाएं। जो बात आपको गुस्सा दिलाती है उससे दूरी ही अच्छी। एक और तरीका यह है कि आप सामने वाले को बता दीजिए कि आप इस बात को लेकर सहज नहीं हैं और बेहतर रहेगा कि इस बारे में बात न ही की जाए।

    सहज रहें

    कोई काम बोझिल होकर न करें। हर काम में सहज रहें। आरामदायक कपड़े पहनें। खुश रहें और चिड़चिड़ेपन से दूर रहें। खुले कपड़े आपको अधिक सहज रखेंगे साथ ही आप अधिक कम्फर्टेबल भी महसूस करेंगी।  


    अगर इसके बावजूद आप अपने गुस्से पर काबू रख पाने में कामयाब नहीं होती हैं, तो चिकित्सीय सलाह लेने में परहेज न करें।

     

    Read More Article on Pregnancy-Care in hindi.

    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK