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गर्भावस्था में भारतीय किस्म के शौच का प्रयोग करने से सामान्‍य प्रसव की बढ़ती है संभावना

गर्भावस्‍था
By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 22, 2012
गर्भावस्था में भारतीय किस्म के शौच का प्रयोग करने से सामान्‍य प्रसव की बढ़ती है संभावना

आजकल पश्चिमी स्टाइल के शौच हर घर में देखने को मिलते हैं। लेकिन गर्भावस्था के दौरान इस तरह के शौचालय का इस्तेमाल नुकसानदेह साबित हो सकता है।

Quick Bites
  • भारतीय शौच से गर्भावस्था में होने वाली आम समस्या जैसे कब्ज़ और बवासीर में भी आराम मिलता है।
  • नियमित रूप से भारतीय शौच का इस्तेमाल करने पर डिलवरी में आसानी होने की बढ़ती है संभवाना।
  • यदि आपको बैठने में असुविधा हो रही है तो शौच स्थल के निकट दीवार पर हैंडल का पयोग करें।
  • शौचालय में असुविधा महसूस कर रही हैं जैसे चक्कर, दर्द होना तो तुरंत अपनी डॉक्टर से बात करें।

गर्भवती होने के बाद न केवल खान-पान का ध्‍यान रखना पड़ता है बल्कि दिनचर्या भी बदल जाती है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक आपको हर बात का ध्‍यान रखना पड़ता है। इस दौरान महिला वाशरूम का भी प्रयोग ज्‍यादा करती है।

Pregnant Women Must Use Indian Toiletआजकल पश्चिमी स्टाइल के शौच हर घर में देखने को मिलते हैं। लेकिन गर्भावस्था के दौरान इस तरह के शौचालय का इस्तेमाल नुकसानदेह साबित हो सकता है। गर्भावस्था ऐसा समय होता है जब आपको कई सावधानियां बरतनी होती हैं। इस समय आपको सब कुछ अपने बदलते शरीर के अनुसार ही करना पड़ता है। भारतीय शौचालय के इस्तेमाल से आपको डिलवरी के समय कम समस्या होती है।

 

क्यों सुरक्षित है भारतीय शौच

भारतीय शौचालय के इस्तेमाल में आप पैरों के सहारे उकडूं स्थिति में बैठते हैं जिससे उत्सर्जन अधिक तेज, और सरल ढंग से पूरा होता है। इस स्थिति में श्रोणि को आराम मिलता है और उत्सर्जन के लिए पर्याप्त दाब लग पाता है। भारतीय शौच से गर्भावस्था में होने वाली आम समस्या जैसे कब्ज़ और बवासीर की समस्या में भी आराम मिलता है।

 

डिलवरी में आसानी

रोजाना भारतीय शौच का इस्तेमाल करने पर डिलवरी में आसानी होने की संभवाना बढ़ जाती है। इसलिए डॉक्टरर्स भी गर्भवती महिला को इसकी सलाह देते हैं।पैरों पर बैठने से जननमार्ग उचित ढंग से खुल जाता है और शिशु नीचे की ओर खिसकता जाता है और ऊपर नहीं जाता। साथ ही इससे पेट और जांघों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और आपका शरीर प्रसव पीड़ा के लिए तैयार हो जाता है।

 

यह भी ध्यान दें

  • शौचालय के आसपास पानी नहीं हो। इससे फिसलने का डर होता है।
  • ऐसी चप्पलें पहनें जो फिसलें नहीं।
  • शौचालय हवादार व रोशनीयुक्त होना चाहिए।
  • यदि आपको बड़े पेट के साथ बैठने में असुविधा हो रही है तो शौच स्थल के निकट दीवार पर हैंडल लगवाएं।
  • यदि आपकी गर्भावस्था में कोई परेशानी है तो भारतीय किस्म के शौच का इस्तेमाल न करें।
  • यदि आपको भारतीय किस्म का शौच इस्तेमाल करने की आदत नहीं है तो इसका इस्तेमाल शुरू करने से पहले अपनी डाक्टर से बात करें।
  • यदि आप शौचालय में असुविधा महसूस कर रही हैं जैसे चक्कर आना, दर्द महसूस होना तो तुरंत अपनी डॉक्टर से बात करें।
  • शौचालय पर बैठे हुए टॉयलेट पेपर या पानी लेने के लिए शरीर पर खिंचाव न डालें।

 

 

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Written by
Anubha Tripathi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागFeb 22, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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