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    गर्भावस्‍था में गर्भपात के खतरे को कम करने के लिए करायें एएनए जांच

    गर्भावस्‍था By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 27, 2012
    गर्भावस्‍था में गर्भपात के खतरे को कम करने के लिए करायें एएनए जांच

    गर्भावस्‍था के दौरान अगर ऑटोइम्‍यून डिसऑर्डर की समस्‍या या गर्भपात हो चुका है तब उन महिलाओं को गर्भावस्‍थ के दौरान एएनए टेस्‍ट जरूर कराना चाहिए।

    जब कोई महिला गर्भवती होती है तो उसे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। क्‍योंकि अपने साथ-साथ बच्‍चे की परवरिश का भी पूरा खयाल करना पड़ता है। गर्भ में बच्‍चे को सही पोषण मिले इसके लिए मां की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होनी चाहिए।

    pregnant lady with her husband

    गर्भवती महिला के इम्‍यून सिस्‍टम में कोई समस्‍या हो जाती है तो मां और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरा हो सकता है। इसलिए गर्भवती महिला के लिए एएनए जांच कराना बहुत जरूरी होता है। एएनए टेस्‍ट के जरिए डॉक्‍टर गर्भवती महिला की रोगप्रतिरोधक क्षमता की समस्‍याओं के बारे में जान सकते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि एएनए टेस्‍ट है क्‍या और गर्भवती महिला के लिए यह टेस्‍ट कराना इतना महत्‍वपूर्ण क्‍यों है।


    गर्भावस्‍था और इम्‍यून सिस्‍टम

    इम्‍यून सिस्‍टम शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्‍वों को खोजकर उनको नष्‍ट करने के लिए होता है। अगर शरीर के खान-पान पर ध्‍यान न दिया जाए तो आदमी की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और शरीर का इम्‍यून सिस्‍टम बिगडने के साथ ही कई प्रकार के रोगों के होने की संभावना बढ़ जाती है। गर्भवती महिला के इम्‍यून सिस्‍टम का सीधा असर उसके गर्भ में पल रहे शिशु पर होता है। अगर मां का इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत है तो बच्‍चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।

     

    एएनए टेस्‍ट क्‍या है

    एंटीन्‍यूक्लियर एंटीबॉडी (एएनए) टेस्‍ट के जरिए ऑटोइम्‍यून डिसऑर्डर का पता लगाया जाता है। चिकित्‍सक किसी को एएनए टेस्‍ट कराने की सलाह तब देते हैं जब उनको लगता है कि उस महिला के अंदर स्‍व-प्रतिरक्षा प्रणाली विकार हो गया है। गर्भवती महिला में गर्भावस्‍था के दौरा जब ऑटोइम्‍यून डिसऑर्डर का विकास हो जाता है तो कई प्रकार की समस्‍यायें शुरू हो जाती है। कुछ समस्‍यायें जैसे कि – लगातार शरीर में दर्द होना, हड्डियों में दर्द बना रहना, हमेशा थकान का अनुभव करना, सामान्‍य बुखार होना शुरू हो जाती हैं।

     

    एएनए टेस्‍ट के फायदे

    गर्भावस्‍था में एनएनए टेस्‍ट जरूर करवाना चाहिए। एनएनए टेस्‍ट कराने के बाद गर्भपात की संभावना को कम किया जा सकता है। गर्भवती महिला में ऑटोइम्‍यून सिस्‍टम डिसऑर्डर होने की ज्‍यादा संभावना होती है। इस विकार में सामान्‍य लक्षण दिखते हैं जो कि मां और शिशु दोनों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। ऐसे में एंटीन्‍यूक्लियर एंटीबॉडी टेस्‍ट के बाद इन समस्‍याओं का उपचार बडी आसानी से हो सकता है और मिसकैरेज की संभावना को दूर किया जा सकता है।


    गर्भावस्‍था के दौरान अगर ऑटोइम्‍यून डिसऑर्डर की समस्‍या हो तो एएनए टेस्‍ट कराना चाहिए। इसके अलावा जिन महिलाओं का एक या उससे अधिक गर्भपात हो चुका है उनको गर्भवती होने के बाद एएनए टेस्‍ट जरूर कराना चाहिए। इसके अलावा अगर गर्भावस्‍थ के दौरान कोई समस्‍या हो तो चिकित्‍सक से संपर्क अवश्‍य कीजिए।

     

     

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    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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