गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान व्यायाम

Updated at: Jan 28, 2014
गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान व्यायाम

गर्भावस्था में फिट रहने व अन्य किसी तरह की समस्या से बचने के लिए व्यायाम एक अच्छा उपाय है। पहली तिमाही में फिट रहने के साथ विशेष सावधानी बरतने की भी जरूरत होती है।

Nachiketa Sharma
गर्भावस्‍था Written by: Nachiketa SharmaPublished at: Oct 15, 2013

गर्भवती महिला के लिए गर्भावस्था के पहले तीन महीने अत्यधिक अस्पष्ट और कठिन होते हैं। उसके शरीर में अनेक बदलाव होते हैं, जिससे शारीरिक बदलावों के अलावा हार्मोन संबधी बदलाव भी होते हैं, और इनमे से कई बदलाव गर्भवती महिला के असुविधाओं का कारण बनते हैं।

pregnancy fitnessमॉर्निंग सिकनेस या सुबह की बीमारी गर्भावस्था की पहली तिमाही की सबसे बड़ी शिकायत होती है।  इसके अलावा बिना अधिक काम किये थकावट महसूस होती है।   कई गर्भवती महिलाओं को बार बार पेशाब की शिकायत रहती है, और कब्जियत और सूजन भी हो जाती है।

हालाँकि इस अवस्था में सबसे बेहतरीन व्यायाम होता है पैदल चलना पर अगर आप लंबे समय तक नहीं चल सकतीं, तो दिन में दो तीन बार 10-10 मिनट तक चलने का प्रयास करें, जिससे न सिर्फ आपको बल्कि आपके पेट में पल रहे बच्चे को भी लाभ मिलेगा। फिर भी, गर्भावस्था से पहले अगर आप व्यायाम करती आ रही हैं तो जाहिर है कि आप उस व्यायाम को जारी रखना चाहेंगी। हालाँकि डॉक्टर गर्भावस्था के दिनों में व्यायाम की सलाह देते हैं, लेकिन फिर भी आपको हल्के एरोबिक और अपनी शक्ति बढाने के व्यायाम पर जोर देना चाहिए।

  1. एक्सरसाइज़ बॉल: अपनी जाँघों को सुद्रढ़ बनाने के लिए एक्सरसाइज़ बॉल का प्रयोग करें। अपनी पीठ और दीवार के बीच एक्सरसाइज़ बॉल  को रखकर खड़े रहें। अपनी नाभि को रीढ़ की तरफ इंगित करके एक कदम आगे रखें। आगे के घुटने को मोड़ लें और अपनी पीठ को सीधा रखें, और जाँघों को ज़मीन से समानांतर पर। अपने आगे वाले घुटने को सीधा कर लें और दोनों पैरों पर खड़े हो जाएँ। इस व्यायाम को दोनों पैरों के साथ 15 से 20 मिनट  तक दोहराएं।
  2. फ्लोर स्ट्रेच : मरोड़ से राहत के लिए और रक्तसंचार में सुधार के लिए, ज़मीन पर अपनी पीठ के बल लेट जाएँ, और अपने पाँव ज़मीन पर रखकर अपने घुटने मोड़ लें। अपना दायाँ पैर उठा लें और उसे अपने हाथों से अपनी छाती की तरफ लाने का प्रयास करें। अपने पैर को अपनी छाती के पास 15 से 20 सेकण्ड तक पकड़कर रखें। यही प्रक्रिया अपने बाएं पैर के साथ दोहराएं।
  3. स्टैंडिंग एक्सरसाइज़ : अपनी पिंडलियों के व्यायाम के लिए, अपनी हथेलियाँ सपाट दीवार पर रखें, और एक एक पैर पर बारी बारी से खड़ी हो जाएँ। हल्के से अपना अगला घुटना और कोहनी मोड़ लें, और दीवार के सहारे अपनी पिछली पिंडली की मांसपेशियों को खींचें। इस खिंचाव को 30 से 60 सेकंड तक कायम रखें। अब दूसरे पैर का प्रयोग करके अपनी दूसरी पिंडली को खींचें। अपने पैरों को साथ में रखकर, उदर को कसकर और अपनी पीठ को सीधा रखकर अपनी बाहरी जाँघों का व्यायाम करें। किसी मज़बूत कुर्सी पर अपने हाथ रखें और धीरे से अपना दायाँ पैर बाहर  निकालकर उसे ज़मीन पर लाएं। इस प्रक्रिया को दोनों पैरों का इस्तेमाल करके 12-12 बार दोहराएं।  
  4. एरोबिक : एरोबिक गतिविधियाँ जैसे कि दौड़ना, साईकिल चलाना, तैरना आपके पैरों में बल प्रदान करते हैं। व्यायाम वाली साईकिल चलने से आपके पैर की मांसपेशियां मज़बूत होंगी और आपकी शक्ति बढ़ेगी। अगर आप गर्भावस्था से पहले से ही जॉगिंग करती आ रही हैं, तो इसे गर्भावस्था के शुरूआती समय में जारी रखें। अपनी एरोबिक एक्सरसाइज़ धीरे धीरे करती रहें, सप्ताह में तीन बार 15 से 20 मिनट  के लिए करने की शुरुआत करें।

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